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Ambala News: मासूम की माैत से भी सबक नहीं होली गांव में खुला पड़ा बोरवेल
Fri, 03 Jul 2026 03:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 03 Jul 2026 03:58 AM IST
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होली गांव में खुला बोरवेल। संवाद
बराड़ा। धन्यौड़ा के बाद बराड़ा के होली गांव में भी बोरवेल खुला होने का मामला सामने आया है। सरपंच बलविन्द्र सिंह ने गांव में एक खुले बोरवेल पर चिंता जताई। यह बोरवेल रामदसिया चौपाल के पास है। बलविन्द्र सिंह ने अपने स्तर पर बोरवेल को ढकवा दिया है। उन्होंने विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की।
धन्यौड़ा में बोरवेल पर बोली ढकी होने के कारण वह किसी को दिखी नहीं और निरवैर उसमें गिर गया। इसके बाद प्रशासन ने ऐसी बोरवेल की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसा ही एक खुला बोरवेल होली गांव में है इसे बंद करने मांग ग्रामीणों ने करनी शुरू कर दी है।
सरपंच बलविन्द्र सिंह ने बताया कि गांव होली में जलापूर्ति एवं जनस्वास्थ्य विभाग का जलघर -2 का बोर पिछले वर्ष बैठ गया था। जिस कारण यहां से पेयजल का सप्लाई नहीं की जाती थी। इसके बाद यहां से कुछ दूरी पर दूसरा बोरवेल किया गया और चालू भी कर दिया। करीब एक साल होने को है नए बोरवेल से गांव में पेयजल आपूर्ति हो रही है। लेकिन विभाग की अनदेखी है कि पुराना बोरवेल आज भी खुला पड़ा है। धन्यौड़ा में हुई घटना के बाद ग्रामीण वीरवार को मौके पर पहुंचे थे।
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खुले बोरवेल के कारण हमेशा खतरा बना रहता है कि कोई बच्चा इसमें गिर न जाए। हैरानी की बात है कि इतने लंबे समय के बाद विभाग ने इस बोरवेल को बंद करना उचित नहीं समझा। सरपंच ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी और बोरवेल को ढंकने की मांग की है।
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धन्यौड़ा में बोरवेल पर बोली ढकी होने के कारण वह किसी को दिखी नहीं और निरवैर उसमें गिर गया। इसके बाद प्रशासन ने ऐसी बोरवेल की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसा ही एक खुला बोरवेल होली गांव में है इसे बंद करने मांग ग्रामीणों ने करनी शुरू कर दी है।
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सरपंच बलविन्द्र सिंह ने बताया कि गांव होली में जलापूर्ति एवं जनस्वास्थ्य विभाग का जलघर -2 का बोर पिछले वर्ष बैठ गया था। जिस कारण यहां से पेयजल का सप्लाई नहीं की जाती थी। इसके बाद यहां से कुछ दूरी पर दूसरा बोरवेल किया गया और चालू भी कर दिया। करीब एक साल होने को है नए बोरवेल से गांव में पेयजल आपूर्ति हो रही है। लेकिन विभाग की अनदेखी है कि पुराना बोरवेल आज भी खुला पड़ा है। धन्यौड़ा में हुई घटना के बाद ग्रामीण वीरवार को मौके पर पहुंचे थे।
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खुले बोरवेल के कारण हमेशा खतरा बना रहता है कि कोई बच्चा इसमें गिर न जाए। हैरानी की बात है कि इतने लंबे समय के बाद विभाग ने इस बोरवेल को बंद करना उचित नहीं समझा। सरपंच ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी और बोरवेल को ढंकने की मांग की है।