{"_id":"6883dda424995a4c010c3833","slug":"even-after-20-days-the-district-council-did-not-take-action-on-the-high-courts-decision-ambala-news-c-36-1-ame1006-146723-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: 20 दिनों बाद भी हाईकोर्ट के फैसले पर जिला परिषद ने नहीं की कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: 20 दिनों बाद भी हाईकोर्ट के फैसले पर जिला परिषद ने नहीं की कार्रवाई
विज्ञापन
अंबाला सिटी। जिला परिषद के चेयरमैन पद को लेकर हाई कोर्ट के आर्डर को आए हुए 20 दिन पूरे हो गए हैं। मगर अभी तक अविश्वास प्रस्ताव के चुनाव को लेकर कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। जिला परिषद अब भी हाई कोर्ट के फैसले पर कानूनी राय ही ले रहा है। ऐसे में जिला परिषद के तहत होने वाले 15 करोड़ रुपये के कार्य पूरी तरह से रुक गए हैं वहीं जो पुराने कार्य थे वे भी भुगतान के अभाव में लंबित हो गए हैं। ठेकेदार कार्याें को पूरा करने से भी पीछे हटते नजर आ रहे हैं।
डेढ़ वर्ष में काम पूरा करना चुनौती
बीते एक वर्ष से जिला परिषद की कोई बैठक नहीं हुई है। बैठक के बिना कोई भी नए कार्य पारित नहीं हो सकते हैं, इसके साथ ही नए प्रस्ताव भी लागू नहीं होंगे। ऐसे में जिला परिषद के सदस्यों के लिए भी चुनौती खड़ी हो गई है। वर्ष 2027 के जनवरी माह तक जिला परिषद का कार्यकाल जारी रहेगा इसके बाद नए चुनाव होंगे, मगर करीब डेढ़ वर्ष का समय में लंबित कार्य करवाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। एक जिला परिषद सदस्य के पास 30 से 35 गांव होते हैं। जिले में 402 ग्राम पंचायत हैं। परिषद की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में श्मशानघाट, शेड, चारदिवारी, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी, बस क्यू शेल्टर बनवाना के कार्य शामिल हैं।
- मुझे भी इस बारे में जिला परिषद की ओर से काेई जानकारी नहीं भेजी गई है। फिलहाल मुझे भी अविश्वास प्रस्ताव प्रक्रिया का इंतजार है, जिसके बाद परिषद के कामों को रफ्तार मिलेगी। - राजेश कुमार लाडी, जिला परिषद के निवर्तमान चेयरपर्सन।
विज्ञापन
अभी तक इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले पर कार्रवाई जारी है। जल्द ही फैसला लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- पवन कुमार, जिला योजना अधिकारी जिला परिषद।
विज्ञापन
डेढ़ वर्ष में काम पूरा करना चुनौती
बीते एक वर्ष से जिला परिषद की कोई बैठक नहीं हुई है। बैठक के बिना कोई भी नए कार्य पारित नहीं हो सकते हैं, इसके साथ ही नए प्रस्ताव भी लागू नहीं होंगे। ऐसे में जिला परिषद के सदस्यों के लिए भी चुनौती खड़ी हो गई है। वर्ष 2027 के जनवरी माह तक जिला परिषद का कार्यकाल जारी रहेगा इसके बाद नए चुनाव होंगे, मगर करीब डेढ़ वर्ष का समय में लंबित कार्य करवाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। एक जिला परिषद सदस्य के पास 30 से 35 गांव होते हैं। जिले में 402 ग्राम पंचायत हैं। परिषद की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में श्मशानघाट, शेड, चारदिवारी, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी, बस क्यू शेल्टर बनवाना के कार्य शामिल हैं।
विज्ञापन
- मुझे भी इस बारे में जिला परिषद की ओर से काेई जानकारी नहीं भेजी गई है। फिलहाल मुझे भी अविश्वास प्रस्ताव प्रक्रिया का इंतजार है, जिसके बाद परिषद के कामों को रफ्तार मिलेगी। - राजेश कुमार लाडी, जिला परिषद के निवर्तमान चेयरपर्सन।
विज्ञापन
अभी तक इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले पर कार्रवाई जारी है। जल्द ही फैसला लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- पवन कुमार, जिला योजना अधिकारी जिला परिषद।