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अधर्मियों के सर्वनाश से धर्म की स्थापना : पूर्णानंद सुमन
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अंबाला सिटी के घेल रोड स्थित श्री अखंड गीता मंदिर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के समापन के दौरान सं
अंबाला सिटी। घेल रोड स्थित श्री अखंड गीता मंदिर के प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को भव्य समापन किया गया। श्रीमद् भागवत कथा का सुंदर वर्णन गद्दी नशीन साध्वी पूर्णानंद सुमन महाराज की ओर से किया।
कथा समापन समारोह के दौरान महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सभी को अपने जीवन में धारण करनी चाहिए। यह कथा मात्र श्रवण करने से मनुष्य के दुख संकटों का निवारण हो जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से सभी को कुछ न कुछ जरूर सीखना चाहिए कि किस प्रकार से बाल अवस्था में होने के बावजूद भी भगवान श्रीकृष्ण ने कईं राक्षसों का वध कर उन्हें मोक्ष प्राप्त का आशीर्वाद दिया।
कथा समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे समाजसेवी सुदर्शन परिवार चेयरमैन अनुभव अग्रवाल रहे। समाजसेवी अनुभव अग्रवाल ने कहा कि संत गुरुदेव भगवान स्वामी सदानंद महाराज जोकि महान तपस्वी एवं विरक्त थे, जिनकी याद में इस श्री गीता अखंड मंदिर की स्थापना वर्ष 1980 में स्वर्गीय रामेश्वर प्रशाद एवं रेशमी देवी द्वारा बड़ी ही श्रद्धापूर्वक करवाई गई थी। इस मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत का कार्यभार कुसुम लता और श्यामा मित्तल की ओर से संभाला।
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कार्यक्रम में अंत में साध्वी पूर्णानंद सुमन महाराज ने सुदर्शन परिवार के साथ-साथ कथा में सेवाएं प्रदान करने वाले सभी भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण जी के पटके और स्मृति चिह्न आदि देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अंबाला के विभिन्न आश्रमों से पहुंचे संत महात्माओं ने भी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किए। तत्पश्चात एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
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कथा समापन समारोह के दौरान महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सभी को अपने जीवन में धारण करनी चाहिए। यह कथा मात्र श्रवण करने से मनुष्य के दुख संकटों का निवारण हो जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से सभी को कुछ न कुछ जरूर सीखना चाहिए कि किस प्रकार से बाल अवस्था में होने के बावजूद भी भगवान श्रीकृष्ण ने कईं राक्षसों का वध कर उन्हें मोक्ष प्राप्त का आशीर्वाद दिया।
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कथा समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे समाजसेवी सुदर्शन परिवार चेयरमैन अनुभव अग्रवाल रहे। समाजसेवी अनुभव अग्रवाल ने कहा कि संत गुरुदेव भगवान स्वामी सदानंद महाराज जोकि महान तपस्वी एवं विरक्त थे, जिनकी याद में इस श्री गीता अखंड मंदिर की स्थापना वर्ष 1980 में स्वर्गीय रामेश्वर प्रशाद एवं रेशमी देवी द्वारा बड़ी ही श्रद्धापूर्वक करवाई गई थी। इस मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत का कार्यभार कुसुम लता और श्यामा मित्तल की ओर से संभाला।
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कार्यक्रम में अंत में साध्वी पूर्णानंद सुमन महाराज ने सुदर्शन परिवार के साथ-साथ कथा में सेवाएं प्रदान करने वाले सभी भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण जी के पटके और स्मृति चिह्न आदि देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अंबाला के विभिन्न आश्रमों से पहुंचे संत महात्माओं ने भी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किए। तत्पश्चात एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।