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Ambala News: ठेका प्रथा के खिलाफ कर्मचारियों का फूटा गुस्सा
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अंबाला सिटी। नगर पालिका कर्मचारी संघ और सर्व कर्मचारी संघ का आंदोलन आठवें दिन भी जारी रहा। बुधवार को निगम कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की और ठेका प्रथा वापस लेने की पुरजोर मांग की। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान इंदर सिंह बधाना और सचिव विकास वर्मा ने आरोप लगाया कि हड़ताल के बाद भी प्रशासन ने वार्ता के लिए नहीं बुलाया।
उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। यूनियन को टेंडर की कॉपी तक नहीं दिखाई गई है, जिससे अधिकारियों की मंशा संदिग्ध है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि ठेका प्रक्रिया तुरंत रद्द नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान सेवा राम बोहत, वीर पालो कांगड़ा, अनीता देवी सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
नहीं चाहिए ठेका, बढ़ाएं कर्मचारियों की संख्या : इकाई प्रधान शंकर पामा की अध्यक्षता में हुए प्रदर्शन में नेताओं ने बताया कि निगम के पास 450 सफाई कर्मचारी हैं। प्रशासन ने 5 वार्डों में इन्हें सीमित कर बाकी काम ठेके पर देने की तैयारी कर ली है। यूनियन का तर्क है कि वर्तमान में एक कर्मचारी चार गुना काम कर रहा है। ऐसे में ठेका देने के बजाय सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 1500 की जानी चाहिए। संवाद
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उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। यूनियन को टेंडर की कॉपी तक नहीं दिखाई गई है, जिससे अधिकारियों की मंशा संदिग्ध है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि ठेका प्रक्रिया तुरंत रद्द नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान सेवा राम बोहत, वीर पालो कांगड़ा, अनीता देवी सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
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नहीं चाहिए ठेका, बढ़ाएं कर्मचारियों की संख्या : इकाई प्रधान शंकर पामा की अध्यक्षता में हुए प्रदर्शन में नेताओं ने बताया कि निगम के पास 450 सफाई कर्मचारी हैं। प्रशासन ने 5 वार्डों में इन्हें सीमित कर बाकी काम ठेके पर देने की तैयारी कर ली है। यूनियन का तर्क है कि वर्तमान में एक कर्मचारी चार गुना काम कर रहा है। ऐसे में ठेका देने के बजाय सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 1500 की जानी चाहिए। संवाद
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