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Ambala News: बिजलीकर्मियों का धरना तीसरे हफ्ते में प्रवेश
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अंबाला। कार्यकारी अभियंता की द्वेषपूर्ण भावना से की बिजली कर्मचारियों की बदलियों के विरोध में यूनियन की ओर से चल रहा धरना तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया। सोमवार को धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्किल सचिव राज कुमार की ओर से की गई।
उन्होंने बताया कि निगम मैनेजमेंट रणनीति के तहत कर्मचारियों से मजाक कर रही है, एक ओर जहां अधीक्षक अभियंता यूनियन से बातचीत के माध्यम से धरना प्रदर्शन को समाप्त करने की बात करते हैं। वहीं, दूसरी तरफ यूनियन के शीर्ष पदाधिकारियों के कोर्ट में अपील देकर सम्मन निकालते हैं। अधीक्षक अभियंता की ओर से दिए सम्मन पर सोमवार कोर्ट की ओर से अपने आदेश पारित किए गए।
इसमे न्यायधीाश ने यह बात सुनी की अपनी उचित और लंबित मांगों के लिए विरोध प्रदर्शन करना कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन यह प्रदर्शन कर्मचारी अधीक्षक अभियंता के ऑफिस के गेट के बाहर शांतिपूर्वक तरीके से कर सकते है, यूनियन ने कोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए अधीक्षक अभियंता के गेट के बाहर गेट का रास्ता छोड़ कर शांतिपूर्वक तरीके से दो घंटे विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की आवाज को दबाने के लिए कार्यकारी अभियंता अंबाला कैंट द्वारा भी अपनी पावर का दुरुपयोग करते हुए लगातार कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए लिखित पत्र निगम मैनेजमेंट को दिए जा रहे हैं, अधिकारी द्वारा कुछ कर्मचारी के नौकरी से बर्खास्त करने बारे पत्र भी उच्च अधिकारियों को लिखे जा रहे है और निगम के अधिकारियों द्वारा भी कार्यकारी अभियंता की इन कर्मचारी विरोधी गतिविधियों को नजरंदाज किया जा रहा है।
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यूनियन और निगम मैनेजमेंट की अब तक इस मुद्दे पर तीन बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई वार्ता सिरे नहीं चढ़ी ,लेकिन वार्ता के तुरंत बाद कार्यकारी अभियंता ने कर्मचारियों पर कोई न कोई कार्रवाई लिखित में जरूर की है, ताकि तानाशाही दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन को बंद किया जा सके।
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उन्होंने बताया कि निगम मैनेजमेंट रणनीति के तहत कर्मचारियों से मजाक कर रही है, एक ओर जहां अधीक्षक अभियंता यूनियन से बातचीत के माध्यम से धरना प्रदर्शन को समाप्त करने की बात करते हैं। वहीं, दूसरी तरफ यूनियन के शीर्ष पदाधिकारियों के कोर्ट में अपील देकर सम्मन निकालते हैं। अधीक्षक अभियंता की ओर से दिए सम्मन पर सोमवार कोर्ट की ओर से अपने आदेश पारित किए गए।
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इसमे न्यायधीाश ने यह बात सुनी की अपनी उचित और लंबित मांगों के लिए विरोध प्रदर्शन करना कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन यह प्रदर्शन कर्मचारी अधीक्षक अभियंता के ऑफिस के गेट के बाहर शांतिपूर्वक तरीके से कर सकते है, यूनियन ने कोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए अधीक्षक अभियंता के गेट के बाहर गेट का रास्ता छोड़ कर शांतिपूर्वक तरीके से दो घंटे विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की आवाज को दबाने के लिए कार्यकारी अभियंता अंबाला कैंट द्वारा भी अपनी पावर का दुरुपयोग करते हुए लगातार कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए लिखित पत्र निगम मैनेजमेंट को दिए जा रहे हैं, अधिकारी द्वारा कुछ कर्मचारी के नौकरी से बर्खास्त करने बारे पत्र भी उच्च अधिकारियों को लिखे जा रहे है और निगम के अधिकारियों द्वारा भी कार्यकारी अभियंता की इन कर्मचारी विरोधी गतिविधियों को नजरंदाज किया जा रहा है।
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यूनियन और निगम मैनेजमेंट की अब तक इस मुद्दे पर तीन बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई वार्ता सिरे नहीं चढ़ी ,लेकिन वार्ता के तुरंत बाद कार्यकारी अभियंता ने कर्मचारियों पर कोई न कोई कार्रवाई लिखित में जरूर की है, ताकि तानाशाही दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन को बंद किया जा सके।