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Ambala News: छावनी को बाढ़ मुक्त बनाने की कवायद, जनस्वास्थ्य विभाग बनाएगा कृत्रिम कुएं
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अंबाला। कुंओं के सहारे अंबाला छावनी को बाढ़ मुक्त बनाने की परियोजना जनस्वास्थ्य विभाग ने तैयार की है। इस परियोजना के तहत जलभराव वाले क्षेत्रों में कृत्रित कुएं बनाए जाएंगे। इन कुओं से एक पाइप पानी निकासी के लिए सीधी टांगरी नदी तक बिछाई जाएगी। इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना के सिरे चढ़ते ही अंबाला छावनी में कहीं भी जलभराव की समस्या नहीं रहेगी और इसके आधार पर ही अंबाला छावनी को बाढ़ मुक्त भी घोषित किया जाएगा।
निचले क्षेत्रों में बनेंगे कुएं
जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार अंबाला छावनी में लगभग 12 से अधिक स्थानों को कुओं के निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है, हालांकि इसमें कुछ विस्तार भी किया जाना है ताकि रिहायशी क्षेत्रों में भी जलभराव की समस्या दूर हो सके। परियोजना के तहत छावनी की डिफेंस कॉलोनी, प्रभुप्रेम पुरम, करधान, गोबिंद नगर, दीना की मंडी, राम नगर, एकता विहार सहित कुछ अन्य रिहायशी क्षेत्रों में कुओं का निर्माण किया जाएगा ताकि गलियों से पानी की निकासी सुचारु ढंग से हो सके।
एसटीपी बनेंगे कड़ी
लगभग 106 करोड़ की परियोजना से अंबाला छावनी में चार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इसमें बब्याल और मछौंडा एसटीपी का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि खुड्डा खुर्द सहित क्रॉस रोड नंबर 12 पर एसटीपी का निर्माण किया जा रहा है जोकि आगामी चार से पांच माह में पूरा हो जाएगा। इन्हीं एसटीपी की मदद से जनस्वास्थ्य विभाग अपनी परियोजना को सिरे चढ़ाएगा। इन एसटीपी के तहत बिछाई गई भूमिगत पाइप लाइनों से कुंओं का कनेक्शन भी किया जाएगा ताकि पानी सीधा टांगरी नदी में गिरे।
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बोर्ड की झीलें बनी हुई हैं सहारा
दूसरी तरफ कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला ने भी जलभराव की समस्या से निपटने का काफी कारगर प्रबंध किया हुआ है। बोर्ड क्षेत्र में बनी झीलों में बारिश के पानी का संचय किया जाता है, वहीं जमीन में पाइप डालकर पानी की समस्या को दूर किया जाता है। बोर्ड की यह दोनों परियोजनाएं स्थानीय निवासियों को काफी राहत पहुंचा रही हैं।
नगर परिषद के पास न झील और न कुआं
मौजूदा समय में नगर परिषद के पास न तो झील है और न ही कुएं हैं जो कुएं थे वो विकास कार्याें की भेंट चढ़ चुके हैं जबकि पुराने समय में झीलें और कुएं ही पानी निकासी का साधन बनते थे लेकिन अंबाला छावनी में एक भी ऐसी सुविधा नहीं बची जो पानी की निकासी में सहायक हो। इसलिए दशकों पुरानी इस सुविधा को पुन: धरातल पर उतारने का खाका जनस्वास्थ्य विभाग ने तैयार किया है ताकि छावनी में कहीं भी जलभराव की समस्या न रहे।
छावनी को बाढ़ मुक्त करने और जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए एक परियोजना तैयार की जा रही है। इस परियोजना के तहत कृत्रिम कुएं बनाए जाएंगे। इन कुंओं से पानी की निकासी के लिए टांगरी नदी तक पाइप डाले जाएंगे। इस परियोजना के सिरे चढ़ते ही अंबाला छावनी में पानी की निकासी सुचारु ढंग से हो पाएगी और बाढ़ का खतरा भी नहीं रहेगा।
- हरभजन सिंह, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
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निचले क्षेत्रों में बनेंगे कुएं
जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार अंबाला छावनी में लगभग 12 से अधिक स्थानों को कुओं के निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है, हालांकि इसमें कुछ विस्तार भी किया जाना है ताकि रिहायशी क्षेत्रों में भी जलभराव की समस्या दूर हो सके। परियोजना के तहत छावनी की डिफेंस कॉलोनी, प्रभुप्रेम पुरम, करधान, गोबिंद नगर, दीना की मंडी, राम नगर, एकता विहार सहित कुछ अन्य रिहायशी क्षेत्रों में कुओं का निर्माण किया जाएगा ताकि गलियों से पानी की निकासी सुचारु ढंग से हो सके।
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एसटीपी बनेंगे कड़ी
लगभग 106 करोड़ की परियोजना से अंबाला छावनी में चार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इसमें बब्याल और मछौंडा एसटीपी का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि खुड्डा खुर्द सहित क्रॉस रोड नंबर 12 पर एसटीपी का निर्माण किया जा रहा है जोकि आगामी चार से पांच माह में पूरा हो जाएगा। इन्हीं एसटीपी की मदद से जनस्वास्थ्य विभाग अपनी परियोजना को सिरे चढ़ाएगा। इन एसटीपी के तहत बिछाई गई भूमिगत पाइप लाइनों से कुंओं का कनेक्शन भी किया जाएगा ताकि पानी सीधा टांगरी नदी में गिरे।
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बोर्ड की झीलें बनी हुई हैं सहारा
दूसरी तरफ कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला ने भी जलभराव की समस्या से निपटने का काफी कारगर प्रबंध किया हुआ है। बोर्ड क्षेत्र में बनी झीलों में बारिश के पानी का संचय किया जाता है, वहीं जमीन में पाइप डालकर पानी की समस्या को दूर किया जाता है। बोर्ड की यह दोनों परियोजनाएं स्थानीय निवासियों को काफी राहत पहुंचा रही हैं।
नगर परिषद के पास न झील और न कुआं
मौजूदा समय में नगर परिषद के पास न तो झील है और न ही कुएं हैं जो कुएं थे वो विकास कार्याें की भेंट चढ़ चुके हैं जबकि पुराने समय में झीलें और कुएं ही पानी निकासी का साधन बनते थे लेकिन अंबाला छावनी में एक भी ऐसी सुविधा नहीं बची जो पानी की निकासी में सहायक हो। इसलिए दशकों पुरानी इस सुविधा को पुन: धरातल पर उतारने का खाका जनस्वास्थ्य विभाग ने तैयार किया है ताकि छावनी में कहीं भी जलभराव की समस्या न रहे।
छावनी को बाढ़ मुक्त करने और जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए एक परियोजना तैयार की जा रही है। इस परियोजना के तहत कृत्रिम कुएं बनाए जाएंगे। इन कुंओं से पानी की निकासी के लिए टांगरी नदी तक पाइप डाले जाएंगे। इस परियोजना के सिरे चढ़ते ही अंबाला छावनी में पानी की निकासी सुचारु ढंग से हो पाएगी और बाढ़ का खतरा भी नहीं रहेगा।
- हरभजन सिंह, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।