{"_id":"679e5f9abfe3165bb50da611","slug":"effect-of-changing-weather-childrens-opd-crosses-100-ambala-news-c-36-1-ame1006-136915-2025-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: बदलते मौसम का असर, बच्चों की ओपीडी 100 के पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: बदलते मौसम का असर, बच्चों की ओपीडी 100 के पार
विज्ञापन
बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर लगी बच्चों की भीड़। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला सिटी। बदलते मौसम के कारण नागरिक अस्पताल में सर्दी- खांसी और बुखार के साथ-साथ सांस संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही है। बच्चों की ओपीडी जहां 120 के आस- पास रहती है तो वहीं शनिवार होने के बाद भी सांस संबंधित मरीजों की संख्या भी 100 से अधिक देखने को मिलती है। चिकित्सकों का कहना है कि इन दिनों दिन और रात के समय में तापमान में अंतर देखने को मिल रहा है। ऐसे में लोग गर्म कपड़ों से दूरी बना रहे हैं। इसलिए सर्दी खांसी और बुखार के मामले आ रहे हैं।
मास्क लगाकर ही निकलें बाहर
डॉ हर्ष कुशवाह ने बताया कि 20 से 30 मरीज रोजाना छाती में दर्द और सांस संबंधी परेशानियों के ही आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। प्रदूषण के कारण फेफड़ों में संक्रमण होने का खतरा रहता है। इसी कारण सांस संंबंधी परेशानियां होती हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ भाड़ वाली जगहों में जाने के बाद अपने हाथों को धोएं इसके बाद ही खाना खाएं। छींकने या खांसने से पहले मुहं को ढक कर रखें। जिससे दूसरों को भी संक्रमण न हों।
बच्चों का रखें ख्याल
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ शुभज्योति प्रकाश ने बताया कि तापमान में अचानक हुए बदलाव के कारण दो दिन से मरीजाें की संख्या बढ़ी है। 120 से अधिक बच्चे ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर सर्दी, खांसी और बुखार के ही होते हैं। बच्चे जब ठंडी हवा में निकलते हैं तो तापमान में बदलाव के कारण ही बुखार हो जाता है। इसलिए बच्चों को ठंड से बचाकर ही रखें। शाम के समय पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर से बाहर न लेकर जाएं। निमोनिया होने के कारण बच्चों को छाती में संक्रमण भी हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मास्क लगाकर ही निकलें बाहर
डॉ हर्ष कुशवाह ने बताया कि 20 से 30 मरीज रोजाना छाती में दर्द और सांस संबंधी परेशानियों के ही आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। प्रदूषण के कारण फेफड़ों में संक्रमण होने का खतरा रहता है। इसी कारण सांस संंबंधी परेशानियां होती हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ भाड़ वाली जगहों में जाने के बाद अपने हाथों को धोएं इसके बाद ही खाना खाएं। छींकने या खांसने से पहले मुहं को ढक कर रखें। जिससे दूसरों को भी संक्रमण न हों।
विज्ञापन
बच्चों का रखें ख्याल
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ शुभज्योति प्रकाश ने बताया कि तापमान में अचानक हुए बदलाव के कारण दो दिन से मरीजाें की संख्या बढ़ी है। 120 से अधिक बच्चे ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर सर्दी, खांसी और बुखार के ही होते हैं। बच्चे जब ठंडी हवा में निकलते हैं तो तापमान में बदलाव के कारण ही बुखार हो जाता है। इसलिए बच्चों को ठंड से बचाकर ही रखें। शाम के समय पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर से बाहर न लेकर जाएं। निमोनिया होने के कारण बच्चों को छाती में संक्रमण भी हो सकता है।
विज्ञापन