पांच माह बाद स्कूल खुले, इक्का-दुक्का ही विद्यार्थी पहुंचे

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 22 Sep 2020 01:39 AM IST
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education - फोटो : Ambala

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अंबाला सिटी। 5 महीने बाद सोमवार को पहली बार विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुले लेकिन पहले ही दिन सरकारी स्कूलों में संख्या न के बराबर रही। जो एक-दुक्का विद्यार्थी आए उन्हें पढ़ाया नहीं जा सका। प्राइवेट स्कूलों ने तो किसी विद्यार्थी को बुलाया ही नहीं। दरअसल सरकार ने 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को बुलाने की छूट दी है। लेकिन पहले दिन सोमवार को सरकारी और प्राइवेट स्कूल संचालक असमंजस में रहे। प्राइवेट स्कूल संचालक अभी बच्चों को स्कूल बुलाने के समर्थन में नहीं हैं। बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले वह अभिभावकों से सलाह लेंगें और पहले ट्रायल के तौर पर केवल 12वीं कक्षा के छात्रों को स्कूल में बुलाएंगे। अगर इस दौरान सब कुछ सामान्य रहा तब अन्य कक्षा के बच्चों को स्कूल में बुलाने की मंजूरी दी जाएगी।
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अध्यापकों के तो हो जाएंगे पर बच्चे संक्रमित हुए तो...
घंटों लाइन में इंतजार के बाद कुछ शिक्षकों के टेस्ट हो गए। जबकि ज्यादातर बैरंग लौट गए । क्योंकि भीड़ ज्यादा रही। उधर लाइन में लगे शिक्षकों ने सवाल करते हुए कहा कि जो शिक्षक पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं वह तो अपने टेस्ट करवा रहे हैं लेकिन कक्षाओं में आने वाले विद्यार्थी ही संक्रमित हुए तो उनके टेस्ट करवाने का क्या लाभ होगा? अस्पताल में बिना लक्षणों वाले अध्यापकों द्वार टेस्ट करवाने के चलते गंभीर मरीजों की दिक्कतें भी बढ़ गई। इससे अब स्वास्थ्य विभाग भी ओवरलोड हो जाएगा।
चल रही हैं प्राइवेट स्कूलों में परीक्षा
इस समय प्राईवेट स्कूलों के छात्रों की आनलाइन परीक्षाएं चल रही हैं। इसी कारण भी प्राईवेट स्कूल संचालक अभी बच्चों को नहीं बुलाना चाह रहे हैं। जिसको लेकर वह अगले सोमवार तक इस बारे में विचार विमर्श करेंगे।
यह बोले प्रिंसिंपल
अभी बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं। वैसे बच्चों की सेहत को देखते हुए एक दम से बच्चों को स्कूल में नहीं बुलाया जाएगा। इस बारे में अभिभावकों से भी बात की जाएगी कि आखिर उनका निर्णय क्या है। इसके बाद अगले सोमवार से देखते हैं। क्या करना है। क्योंकि बच्चों की पढ़ाई भी जरूरी है और उनकी सेहत भी।
- रेखा गोयल भागी, प्रिंसिपल, केपीएके महाविद्यालय, अंबाला सिटी।
अभी तो ऑनलाइन पढ़ाई ही जारी हैं। सरकार की ओर से जो आदेश जारी किए जा रहे हैं। अभी तक तो वही समझ नहीं आ रहे हैं। कभी अध्यापकों के कोरोना टेस्ट के बारे में कहा जा रहा है तो कभी कुछ। अभी बच्चों को स्कूल में बुलाने का कोई खास निर्णय नहीं लिया है। पहले इस बारे में अभिभावकों से भी बात की जाएगी।
- रूचिका भूटिका, प्रिंसिपल, एसए जैन विजय वल्लभ स्कूल अंबाला सिटी।
वैसे तो हमने अपनी और से पूरी तैयारी कर ली है कि कोई भी बच्चा अगर स्कूल में आता है तो गलती से भी इस बीमारी चपेट में न आए। परंतु अभी बच्चों को स्कूल बुलाने को लेकर विचार विमर्श किया जा रहा है। साथ ही अध्यापकों के कोरोना टेस्ट को लेकर सीएमओ से बात करेंगे कि क्या और कैसे करना है।
- अनुराधा भाटिया, शिवालिक इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, नारायणगढ़।
वैसे तो अभी कोरोना की स्थिति काफी गंभीर हैं। ऐसे में बच्चों को स्कूल बुलाया जाए या नहीं इसपर मंथन की जरूरत हैं। फिलहाल एक दम से ऐसे कोई आदेश जारी नहीं किए हैं कि बच्चों को स्कूल में आना हैं। अभी थोड़ा समय स्थिति देखेंगे, उसके बाद कोई निर्णय लेंगें।
- आरपी राठी, प्रिंसिपल, मेजर आरएन डीएवी पब्लिक स्कूल, अंबाला कैंट।
स्कूल में दाखिल होने से पहले बच्चों की थर्मल स्कैनिंग करते हुए।
स्कूल में दाखिल होने से पहले बच्चों की थर्मल स्कैनिंग करते हुए।- फोटो : Ambala
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