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Ambala News: रुपयों के लालच में ट्रेन से बिहार ले जा रहे शराब
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। शराब माफिया बेरोजगार शिक्षित युवकों को नशा तस्करी के धंधे में झोंक रहे हैं। जीआरपी द्वारा शराब सहित पकड़े गए बिहार के तीन युवकों से प्राथमिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।
जीआरपी द्वारा पकड़े गए तीनों युवकों में से एक स्नातक है तो दूसरे ने 12वीं की परीक्षा पास की हुई है, लेकिन नौकरी न मिलने के कारण और रुपयों की तंगी के चलते उन्होंने शराब तस्करी का पेशा अपना लिया। जीआरपी ने तीनों युवकाें को शराब तस्करी के आरोप में अंबाला कैंंट रेलवे स्टेशन से काबू किया है और तीनों के कब्जे से 42 बोतलें जब्त की गई हैं।
एक चक्कर के मिलते हैं तीन से चार हजार रुपये : पकड़े गए युवकों ने बताया कि उन्हें चंडीगढ़ से बिहार तक शराब की सप्लाई पहुंचाने के लिए तीन से चार हजार रुपये मिलते हैं। वो जनरल टिकट पर भीड़भाड़ वाले डिब्बे में सफर करते हैं क्योंकि भीड़ के कारण कोई भी टीटीई व सुरक्षा कर्मचारी कोच में नहीं चढ़ता और वह आसानी से बिहार पहुंच जाते हैं। हालांकि कुछ मामलों में ये भी सामने आया है कि शराब तस्करी के लिए एसी कोच का भी सहारा लिया जा रहा है।
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अंबाला। शराब माफिया बेरोजगार शिक्षित युवकों को नशा तस्करी के धंधे में झोंक रहे हैं। जीआरपी द्वारा शराब सहित पकड़े गए बिहार के तीन युवकों से प्राथमिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।
जीआरपी द्वारा पकड़े गए तीनों युवकों में से एक स्नातक है तो दूसरे ने 12वीं की परीक्षा पास की हुई है, लेकिन नौकरी न मिलने के कारण और रुपयों की तंगी के चलते उन्होंने शराब तस्करी का पेशा अपना लिया। जीआरपी ने तीनों युवकाें को शराब तस्करी के आरोप में अंबाला कैंंट रेलवे स्टेशन से काबू किया है और तीनों के कब्जे से 42 बोतलें जब्त की गई हैं।
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एक चक्कर के मिलते हैं तीन से चार हजार रुपये : पकड़े गए युवकों ने बताया कि उन्हें चंडीगढ़ से बिहार तक शराब की सप्लाई पहुंचाने के लिए तीन से चार हजार रुपये मिलते हैं। वो जनरल टिकट पर भीड़भाड़ वाले डिब्बे में सफर करते हैं क्योंकि भीड़ के कारण कोई भी टीटीई व सुरक्षा कर्मचारी कोच में नहीं चढ़ता और वह आसानी से बिहार पहुंच जाते हैं। हालांकि कुछ मामलों में ये भी सामने आया है कि शराब तस्करी के लिए एसी कोच का भी सहारा लिया जा रहा है।
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