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Ambala News: जिले के 47 निजी स्कूलों की मान्यता पर संशय
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। शिक्षा विभाग ने जिले में बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले में क्लस्टर टीम बीईओ के नेतृत्व में निजी स्कूलों की जांच कर रही हैं। यह टीम जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट बनाकर सौंपेगी। यह रिपोर्ट सोमवार को आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बीते दिनों मौलिक शिक्षा निदेशालय ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची भेजी थी। निदेशालय ने गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को बंद करवाने के निर्देश दिए थे। दरअसल, मौलिक शिक्षा निदेशालय ने बीते मंगलवार को एक पत्र जारी किया था। पत्र में कहा गया था कि एमआईएस पोर्टल पर उपलब्ध राज्य में चल रहे मान्यता प्राप्त, गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भेजी गई है।
सूची में अंकित विद्यालयों की मान्यता की जांच करते हुए गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची अपने स्तर पर तैयार करें और उन विद्यालयों को बंद करवाने बारे कार्यवाही करते हुए निदेशालय को सूचित करें। वहीं, दूसरी तरफ जिले में कई स्कूल ऐसे हैं, जो बिना मान्यता के ही विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन विभाग ने अभी तक इन स्कूलों पर कार्रवाई नहीं की।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से 163 निजी स्कूलों की सूची उनके पास आई थी। जिनमें से 116 निजी स्कूल आठवीं कक्षा तक मान्यता प्राप्त हैं। बाकी 47 निजी स्कूलों की मान्यता के बारे में पता करने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को सूची भेजी गई है।
खंड शिक्षा अधिकारी के साथ क्लस्टर इंचार्ज भी निजी स्कूलों की चेकिंग कर रहे हैं। उनके पास सोमवार तक बीईओ अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभी उनके पास ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है, जिसमें कोई स्कूल अपनी मान्यता से ऊपर की कक्षाएं पढ़ा रहा है।
अस्थायी मान्यता वाले 10 स्कूलों पर कसा था शिकंजा
हर वर्ष अस्थाई मान्यता (एक्जिस्टिंग) लेकर दाखिले करने वाले 10 निजी स्कूलों पर बीते मार्च में शिक्षा निदेशालय ने शिकंजा कसा था। जिला शिक्षा विभाग ने इन निजी स्कूलों में अस्थाई मान्यता लेकर लगाई जा रही कक्षाओं को नए सत्र से बंद कर दिया है। इन स्कूलों में नए सत्र में दाखिला भी नहीं किया गया। दरअसल, 2006 से शिक्षा विभाग कुछ निजी स्कूलों को अस्थाई मान्यता देकर दाखिले करने की अनुमति दे रहा था। यह स्कूल हर वर्ष अस्थाई मान्यता लेते थे, मगर इस बार नए सत्र से इन स्कूलों को अस्थाई मान्यता नहीं दी गई।
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अंबाला सिटी। शिक्षा विभाग ने जिले में बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले में क्लस्टर टीम बीईओ के नेतृत्व में निजी स्कूलों की जांच कर रही हैं। यह टीम जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट बनाकर सौंपेगी। यह रिपोर्ट सोमवार को आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बीते दिनों मौलिक शिक्षा निदेशालय ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची भेजी थी। निदेशालय ने गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को बंद करवाने के निर्देश दिए थे। दरअसल, मौलिक शिक्षा निदेशालय ने बीते मंगलवार को एक पत्र जारी किया था। पत्र में कहा गया था कि एमआईएस पोर्टल पर उपलब्ध राज्य में चल रहे मान्यता प्राप्त, गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भेजी गई है।
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सूची में अंकित विद्यालयों की मान्यता की जांच करते हुए गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची अपने स्तर पर तैयार करें और उन विद्यालयों को बंद करवाने बारे कार्यवाही करते हुए निदेशालय को सूचित करें। वहीं, दूसरी तरफ जिले में कई स्कूल ऐसे हैं, जो बिना मान्यता के ही विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन विभाग ने अभी तक इन स्कूलों पर कार्रवाई नहीं की।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से 163 निजी स्कूलों की सूची उनके पास आई थी। जिनमें से 116 निजी स्कूल आठवीं कक्षा तक मान्यता प्राप्त हैं। बाकी 47 निजी स्कूलों की मान्यता के बारे में पता करने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को सूची भेजी गई है।
खंड शिक्षा अधिकारी के साथ क्लस्टर इंचार्ज भी निजी स्कूलों की चेकिंग कर रहे हैं। उनके पास सोमवार तक बीईओ अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभी उनके पास ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है, जिसमें कोई स्कूल अपनी मान्यता से ऊपर की कक्षाएं पढ़ा रहा है।
अस्थायी मान्यता वाले 10 स्कूलों पर कसा था शिकंजा
हर वर्ष अस्थाई मान्यता (एक्जिस्टिंग) लेकर दाखिले करने वाले 10 निजी स्कूलों पर बीते मार्च में शिक्षा निदेशालय ने शिकंजा कसा था। जिला शिक्षा विभाग ने इन निजी स्कूलों में अस्थाई मान्यता लेकर लगाई जा रही कक्षाओं को नए सत्र से बंद कर दिया है। इन स्कूलों में नए सत्र में दाखिला भी नहीं किया गया। दरअसल, 2006 से शिक्षा विभाग कुछ निजी स्कूलों को अस्थाई मान्यता देकर दाखिले करने की अनुमति दे रहा था। यह स्कूल हर वर्ष अस्थाई मान्यता लेते थे, मगर इस बार नए सत्र से इन स्कूलों को अस्थाई मान्यता नहीं दी गई।