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किसी भी परिस्थिति में संयम न खोएं : तरुण सागर
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Thu, 07 Jul 2016 12:52 AM IST
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तरुण सागर
- फोटो : amar ujala
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जैन मुनि तरुण सागर ने कहा कि यदि आपको कोई अपशब्द कहे तो महज मुस्कुरा दें। अपशब्द कहने वाला स्वयं ही शर्मिंदा हो जाएगा। यदि कोई आपको अपशब्द कहता है तो और आप उसे स्वीकार नहीं करते तो वह अपशब्द उसी के पास रह जाते हैं। वे बुधवार को सिटी के स्वामियां मोहल्ला स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित कड़वे प्रवचनों के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मेयर रमेश मल मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुनि तरुण सागर ने कहा कि जीवन में शांति पाने के लिए क्रोध पर काबू पाना सीख लो। जिसने जीवन से समझौता करना सीख लिया वह संत हो गया। वर्तमान में जीने के लिए सजग और सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शादी करना है तो जागते हुए करो। परिजनों की मर्जी को दरकिनार कर घर से भागने की प्रवृत्ति आपके जीवन को अंधकारमय बना सकती है। युवतियां कभी भी घर से भागकर शादी मत करना। विधर्मी से शादी करने पर आपको वह सब भी करना पड़ सकता है जिसकी कल्पना आपने कभी न की होगी। तीन घंटे की फिल्म तथा वास्तविक जीवन में काफी अंतर होता है। अत: जागृत अवस्था में रहकर कोई भी कार्य करो। उन्होंने कहा कि जिसके भाग्य में जो लिखा है, उसे वही मिलेगा और परेशान होने से कुछ अतिरिक्त प्राप्त नहीं होने वाला। सर्वोच्च सत्ता ईश्वर के ही हाथ में है। अत: यदि वह आपसे नाराज है तो दुनिया की कोई ताकत आपकी मदद नहीं कर सकती। मुनि तरुण सागर ने मेयर रमेश मल को पटका पहनाकर और समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
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मुनि तरुण सागर ने कहा कि जीवन में शांति पाने के लिए क्रोध पर काबू पाना सीख लो। जिसने जीवन से समझौता करना सीख लिया वह संत हो गया। वर्तमान में जीने के लिए सजग और सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शादी करना है तो जागते हुए करो। परिजनों की मर्जी को दरकिनार कर घर से भागने की प्रवृत्ति आपके जीवन को अंधकारमय बना सकती है। युवतियां कभी भी घर से भागकर शादी मत करना। विधर्मी से शादी करने पर आपको वह सब भी करना पड़ सकता है जिसकी कल्पना आपने कभी न की होगी। तीन घंटे की फिल्म तथा वास्तविक जीवन में काफी अंतर होता है। अत: जागृत अवस्था में रहकर कोई भी कार्य करो। उन्होंने कहा कि जिसके भाग्य में जो लिखा है, उसे वही मिलेगा और परेशान होने से कुछ अतिरिक्त प्राप्त नहीं होने वाला। सर्वोच्च सत्ता ईश्वर के ही हाथ में है। अत: यदि वह आपसे नाराज है तो दुनिया की कोई ताकत आपकी मदद नहीं कर सकती। मुनि तरुण सागर ने मेयर रमेश मल को पटका पहनाकर और समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
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