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बिजली बिल पर रार : 20 विभागों का बिल एसडीएम को, वो बोले अलग लगाओ मीटर
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अंबाला छावनी स्थित उपमंडल कार्यालय। संवाद
अंबाला। छावनी के उपमंडल कार्यालय के बिजली के बिल की नई रार सामने आई है। इस भवन में करीब 20 विभागों के कार्यालय हैं। मगर बिजली निगम ने उपमंडल कार्यालय के नाम 31 लाख रुपये का बिल भेज दिया है।
अब छावनी के एसडीएम का कहना है कि अन्य विभागों से जुड़ा बिजली का बिल वह क्यों भुगते। बिजली निगम है कि कनेक्शन उपमंडल कार्यालय के नाम होने पर उन्हीं से यह पूरी राशि मांग रहा है। ये विवाद इतना बढ़ गया कि बिजली निगम एसडीएम को आठ नोटिस देकर बिजली काटने की चेतावनी जारी चुका है। जबकि एसडीएम का कहना है कि सभी कार्यालयों का अलग बिजली मीटर लगाओ और उनसे भुगतान लो। यह रार दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
दो विभागों में खींचतान का नतीजा
छावनी के उपमंडल कार्यालय में अलग-अलग विभागों के 20 कार्यालय हैं। इसमें पुलिस, आरटीए, शिक्षा और तहसील के अलावा कुछ अन्य कार्यालय हैं लेकिन इन सभी कार्यालयों का एक ही बिल उपमंडल के नाम पर आ रहा है। ऐसे में दूसरे विभागों के बिल का भुगतान भी उपमंडल कार्यालय को करना पड़ रहा है जबकि उनका खुद का बिल मात्र दो से तीन लाख रुपये प्रतिमाह आता है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि बिजली निगम सभी विभागों के कार्यालय में अलग से बिजली मीटर की क्यों व्यवस्था नहीं करता ताकि इस समस्या का हमेशा के लिए समाधान हो सके।
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बिजली गुल होने पर नहीं चलते जनरेटर
करोड़ों रुपये से निर्मित उपमंडल कार्यालय में एक ही छत के नीचे सभी विभाग हैं। यहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी मिल रही हैं। लेकिन सबसे बड़ी परेशानी बिजली गुल होने पर आती है। जब घंटों बिजली नहीं आती और लोगों को बिना जनरेटर की सप्लाई के लिए इधर से उधर धक्के खाने पड़ते हैं।
वर्जन
उपमंडल कार्यालय पर लगभग 31 लाख रुपये का बिल लंबित है। इसके लिए आठ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। आगामी जो भी उच्चाधिकारियों के निर्देश होंगे, उसके आधार पर ही कार्यवाही की जाएगी।
आशीष चोपड़ा, एसडीओ बिजली निगम नंबर एक
वर्जन
ऐसा नहीं है कि हम बिजली के बिल का भुगतान नहीं करना चाहते लेकिन सवाल ये है कि दूसरे विभागों का बिल भी उनके सिर थोपा जा रहा है। बिजली निगम के अधिकारियों को कई बार जानकारी दे चुके हैं कि प्रत्येक कार्यालय के बाहर एक मीटर या सब मीटर लगा दें, जिससे कि बिजली का बिल सभी में यूनिट के हिसाब से वितरित किया जा सके।
विनेश कुमार, एसडीएम अंबाला।
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अब छावनी के एसडीएम का कहना है कि अन्य विभागों से जुड़ा बिजली का बिल वह क्यों भुगते। बिजली निगम है कि कनेक्शन उपमंडल कार्यालय के नाम होने पर उन्हीं से यह पूरी राशि मांग रहा है। ये विवाद इतना बढ़ गया कि बिजली निगम एसडीएम को आठ नोटिस देकर बिजली काटने की चेतावनी जारी चुका है। जबकि एसडीएम का कहना है कि सभी कार्यालयों का अलग बिजली मीटर लगाओ और उनसे भुगतान लो। यह रार दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
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दो विभागों में खींचतान का नतीजा
छावनी के उपमंडल कार्यालय में अलग-अलग विभागों के 20 कार्यालय हैं। इसमें पुलिस, आरटीए, शिक्षा और तहसील के अलावा कुछ अन्य कार्यालय हैं लेकिन इन सभी कार्यालयों का एक ही बिल उपमंडल के नाम पर आ रहा है। ऐसे में दूसरे विभागों के बिल का भुगतान भी उपमंडल कार्यालय को करना पड़ रहा है जबकि उनका खुद का बिल मात्र दो से तीन लाख रुपये प्रतिमाह आता है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि बिजली निगम सभी विभागों के कार्यालय में अलग से बिजली मीटर की क्यों व्यवस्था नहीं करता ताकि इस समस्या का हमेशा के लिए समाधान हो सके।
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बिजली गुल होने पर नहीं चलते जनरेटर
करोड़ों रुपये से निर्मित उपमंडल कार्यालय में एक ही छत के नीचे सभी विभाग हैं। यहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी मिल रही हैं। लेकिन सबसे बड़ी परेशानी बिजली गुल होने पर आती है। जब घंटों बिजली नहीं आती और लोगों को बिना जनरेटर की सप्लाई के लिए इधर से उधर धक्के खाने पड़ते हैं।
वर्जन
उपमंडल कार्यालय पर लगभग 31 लाख रुपये का बिल लंबित है। इसके लिए आठ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। आगामी जो भी उच्चाधिकारियों के निर्देश होंगे, उसके आधार पर ही कार्यवाही की जाएगी।
आशीष चोपड़ा, एसडीओ बिजली निगम नंबर एक
वर्जन
ऐसा नहीं है कि हम बिजली के बिल का भुगतान नहीं करना चाहते लेकिन सवाल ये है कि दूसरे विभागों का बिल भी उनके सिर थोपा जा रहा है। बिजली निगम के अधिकारियों को कई बार जानकारी दे चुके हैं कि प्रत्येक कार्यालय के बाहर एक मीटर या सब मीटर लगा दें, जिससे कि बिजली का बिल सभी में यूनिट के हिसाब से वितरित किया जा सके।
विनेश कुमार, एसडीएम अंबाला।