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Ambala News: संकट में ढाबा संचालक और कैटरर्स... इंडक्शन भट्ठी का कर रहे इंतजाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 01:17 AM IST
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Dhaba operators and caterers in trouble... making arrangements for induction furnaces
2800 रुपये में खरीदा व्यावसायिक सिलिंडर। संवाद - फोटो : बंदी के कगार पर साइंस और ग्लासवेयर उद्योग, गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक
- बोले- कॉमर्शियल सिलिंडरों की कालाबाजारी शुरू, मांग रहे 2800 रुपये
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति अचानक बंद होने से ढाबा संचालकों, रेस्तरां मालिकों और कैटरर्स के सामने संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि अब सिलिंडरों की कालाबाजारी भी होने लगी है। जो व्यावसायिक सिलिंडर 1450 रुपये में मिलता था, उसे 2800 रुपये तक में खरीद रहे हैं जिनके पास अतिरिक्त व्यावसायिक सिलिंडर हैं वह भी ब्लैक कर मुनाफा कमाना चाहते हैं।
कुछ संचालक अब 15 हजार रुपये खर्च कर भारी-भरकम इंडक्शन भट्ठी और नए बर्तनों का इंतजाम कर रहे हैं, तो कुछ ने काम बंद करने का मन बना लिया है। एक ढाबा मैनेजर ने बताया कि मालिक ने कह दिया है कि अगर यही स्थिति रही तो शटर गिराना ही रास्ता है। जोमेटो और रेलवे जैसे बड़े ऑर्डर पूरा करने वाले कैटरर्स का कहना है कि लागत दोगुनी होने से मुनाफा खत्म हो चुका है। जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो आम आदमी की थाली से बाहर का खाना और घर का स्वाद दोनों गायब हो सकते हैं।
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रोजाना एक सिलिंडर की खपत
बाबा चिकन होटल से बबनजोत ने बताया कि उनके पास दो व्यावसायिक सिलिंडर हैं और रोजाना एक सिलिंडर की खपत होती है। जो सिलिंडर पहले 1450 रुपये में मिलता था, आज वह 2800 रुपये में मिला है। यह स्टॉक आज ही खत्म हो जाएगा जिसके चलते कल से हमें इंडक्शन सेटअप पर शिफ्ट होना पड़ेगा। इस अचानक आए बदलाव के कारण नई भट्ठी, कड़ाही और अन्य सामान खरीदने में लगभग 15 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
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मुश्किल से किया इंतजाम
घासीराम कैटरर्स ने बताया कि वह 25 वर्षों से हलवाई का काम कर रहे हैंं, लेकिन व्यावसायिक सिलिंडरों की सप्लाई बंद होने से अब हमारे सामने संकट खड़ा हो गया है। काम जारी रखने के लिए आज भी बहुत मुश्किल से सिलिंडर का इंतजाम करना पड़ा है।

सिर्फ एक सिलिंडर बचा
पिंडी सोया वाह भाई वाह के मैनेजर अतुल ने बताया कि हमारे यहां रोजाना एक व्यावसायिक सिलिंडर लगता है। फिलहाल स्टॉक में सिर्फ एक ही सिलिंडर बचा है, जो दो दिन तक चलेगा। हमारा काम जोमेटो ऑनलाइन डिलीवरी और रेलवे से भी जुड़ा है। आने वाले दिनों की अनिश्चितता को लेकर मालिक से बात हुई है, फिलहाल हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं कि आगे क्या होगा।


मालिक ने कहा- काम बंद करना होगा
डीलक्स ढाबा के मैनेजर जयपाल ने बताया कि उनके पास 12 कर्मचारियों का स्टाफ है और रोजाना एक सिलिंडर की खपत होती है। फिलहाल सिर्फ एक दिन का स्टॉक बचा है और आज का काम भी सिलिंडर मांगकर चलाया जा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि मालिक ने काम बंद करने तक की बात कह दी है। अगर काम बंद हुआ तो हमारे सामने रोजी-रोटी की बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाएगी।

2800 रुपये में खरीदा व्यावसायिक सिलिंडर। संवाद

2800 रुपये में खरीदा व्यावसायिक सिलिंडर। संवाद- फोटो : बंदी के कगार पर साइंस और ग्लासवेयर उद्योग, गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक

2800 रुपये में खरीदा व्यावसायिक सिलिंडर। संवाद

2800 रुपये में खरीदा व्यावसायिक सिलिंडर। संवाद- फोटो : बंदी के कगार पर साइंस और ग्लासवेयर उद्योग, गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक

2800 रुपये में खरीदा व्यावसायिक सिलिंडर। संवाद

2800 रुपये में खरीदा व्यावसायिक सिलिंडर। संवाद- फोटो : बंदी के कगार पर साइंस और ग्लासवेयर उद्योग, गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक

2800 रुपये में खरीदा व्यावसायिक सिलिंडर। संवाद

2800 रुपये में खरीदा व्यावसायिक सिलिंडर। संवाद- फोटो : बंदी के कगार पर साइंस और ग्लासवेयर उद्योग, गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक

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