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विभाग का दावा 93 प्रतिशत फीडिंग का, समस्या जस की तस
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Thu, 25 May 2017 12:12 AM IST
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विभाग का दावा 93 प्रतिशत फीडिंग का, समस्या जस की तस
- फोटो : Amar Ujala
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जिले में शुरू हुई डिजिटल राशन वितरण प्रणाली उपभोक्ताओं के लिए गले का फांस बन गई है। कई उपभोक्ताओं थम्ब इम्प्रेशन मैच नहीं कर रहे जबकि कई उपभोक्ताओं के आधार कार्ड व राशन कार्ड लिंक नहीं हो सके है। परेशान उपभोक्ता घी गोदाम स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, मगर यहां पर भी उन्हें समस्याएं झेलनी पड़ रही है।
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बीते एक सप्ताह से कार्यालय पर उपभोक्ता प्रदर्शन से लेकर शटर गिराकर विभागीय कार्यालय पर ताला तक जड़ दिया था। बुधवार भी कार्यालय में यही स्थिति रही। सैकड़ों कार्ड लिंकेज नहीं होने, थम्ब इम्प्रेशन मिस मैच करने व अन्य कई समस्याओं को लेकर उपभोक्ता कार्यालय में घंटों खड़े रहे। मात्र एक कंप्यूटर के सहारे चल रहे कार्यालय में परेशानियां ही परेशानियां रही। मगर अधिकारी आंकड़ों पर दावे जताते हुए अंबाला को लिंकेज के मामले में प्रदेश में नंबर वन बता रहे हैं जबकि जमीनी हकीकत उनके नजर नहीं आ रही है।
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एक कंप्यूटर ठप दूसरे पर नेटवर्किंग प्रॉब्लम
घी गोदाम स्थित कार्यालय में उपभोक्ताओं के आधार व राशन कार्ड लिंक करने के लिए केवल दो सिस्टम लगे हैं। इनमें से एक सिस्टम बंद पड़ा है। शेष एक सिस्टम पर पूरा बोझ है और नेटवर्किंग प्रॉब्लम होने से प्रोसेसिंग धीमे है। एक फार्म सब्मिट होने में 20-25 मिनट तक का समय लग रहा है। कर्मियों ने ही बताया कि दोपहर तक महज 20 फार्म तक ही मुश्किल से सब्मिट हो सके हैं। यदि नेटवर्किंग बेहतर हो तो कार्य जल्द हो सकता है। इतना ही नहीं कार्यालय में आने वाले लोगों के लिए यहां पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था नहीं है। लोगों ने बताया कि केवल दो घड़े रखे है जिनमें पानी खत्म है। गर्मी में बिना पानी बुजुर्गों की हालत खराब थी। वह कार्यालय में जमीन पर ही बैठकर अपने आधार लिंक होने का इंतजार कर रहे थे।
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- खटीक मंडी के रहने वाले कन्हैया लाल ने कहा कि वह कई दिनों से लगातार चक्कर काट रहे हैं मगर उसका आधार लिंक नहीं हो रहा। राशन नहीं मिलने से वह परेशान है।
- पल्लेदार मोहल्ला निवासी सीमा ने कहा वह सुबह दस बजे से यहां है। सर्वर डाउन बताया जा रहा है अब दोपहर के तीन बज चुके हैं। कर्मी काम नहीं कर रहे।
- विश्वकर्मा नगर निवासी प्रेमा ने कहा कि उनका मकान 200 गज का दिखा दिया गया जबकि मकान 100 गज का है। उन्हें अब सस्ता अनाज नहीं मिल रहा। त्रुटि ठीक करवाने के लिए वह दस चक्कर काट चुकी हैं।
- टुंडला निवासी किशोरी लाल ने कहा उन्हें राशन नहीं मिल रहा। आधार लिंक नहीं है और यहां धक्के पर धक्के मिल रहे हैं। कर्मी कंप्यूटर धीरे चलने की बात कहकर उन्हें इंतजार करने को कह रहे हैं।
मंत्री के समक्ष जताई थी नाराजगी
गौरतलब है कि अभी 17 मई को ही अंबाला में आए राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज के समक्ष जिले के डिपो संचालकों ने नई राशन वितरण प्रणाली का विरोध जताया था। उनका आरोप था कि विभाग नई प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू करने के बजाए अधूरी तैयारियों के बीच लागू कर रहा है। इससे जमीनी स्तर पर उपभोक्ता परेशानी झेल रहे हैं। हालांकि मंत्री ने मामले में त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए थे, मगर अभी तक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। परेशानी को लेकर डिपो होल्डर विभाग कार्यालय पर धरना तक दे चुके हैं।
डेढ़ लाख उपभोक्ता
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पाए करीब डेढ़ लाख उपभोक्ता रजिस्टर्ड हैं। विभाग का दावा है कि 93 प्रतिशत लिंकेज का कार्य जिला अंबाला में पूरा कर लिया गया है और प्रदेश में जिला इस मामले में नंबर वन पोजिशन पर है।
सभी डिपो संचालकों को आधार लिंक के लिए विभाग द्वारा पीओएस मशीनें उपलब्ध कराई गई है व उन्हें ट्रेनिंग दी गई है। मगर डिपो संचालक स्वयं कार्य करने के बजाए विभागीय कार्यालय में उपभोक्ताओं को भेज रहे हैं। इस वजह से वर्कलोड बढ़ रहा है, मगर विभाग द्वारा उपलब्ध ढांचे में कार्य को जल्द निपटाया जा रहा है। अब तक जिले में 93 हजार उपभोक्ता डिजिटल वितरण प्रणाली से राशन ले चुके हैं।
- निशांत राठी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, अम्बाला।