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Ambala News: डेंगू पर विभाग अलर्ट, अस्पतालों में जलभराव
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अंबाला। दीपक तले अंधेरा वाली कहावत इन दिनों स्वास्थ्य विभाग पर पूरी तरह से सटीक बैठ रही है। विभाग डेंगू और मलेरिया के मामले में अलर्ट होने का दावा कर रहा है। इसके अलावा जिन घरों के सामने पानी जमा है, उन्हें नोटिस थमा रहा है। वहीं खुद अंबाला शहर और अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल जलभराव की समस्या से जूझ रहा है।
इस कारण डेंगू और मलेरिया फैलने का खतरा बना है। हैरानी की बात यह है कि छावनी के नागरिक अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन पांच मंजिला बिल्डिंग की पूरी बेसमेंट ही बरसाती पानी से लबालब है। उधर, सिटी नागरिक अस्पताल के पार्क में पानी जमा है। छावनी अस्पताल में 10-10 फीट तक पानी के ऊपर इस तरह काई की तह बन गई है।
इस पानी की गहराई का अंदाजा लोग लगा भी नहीं पा रहे। बावजूद अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी के कारण इसके लिए कोई ठोस समाधान नहीं किया जा रहा। मामला संज्ञान में डालने के बाद महज पानी निकालने तक की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। दरअसल, छावनी अस्पताल में बिल्डिंग तैयार करने वाले संबंधित ठेकेदार की तरफ से इस प्रोजेक्ट पर चली विजिलेंस जांच के बाद से काम बंद कर रखा है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले सैकड़ों मरीजों और तीमारदारों के लिए यह खतरा बना है।
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फोटो: 16
पार्क में जमा पानी से बीमारी का खतरा
अंबाला सिटी। सिटी के नागरिक अस्पताल के पार्क में बारिश के बाद कई दिनों से जगह-जगह जलभराव की स्थिति है। मरीजों और तीमारदारों की सहूलियत के लिए बना यह पार्क किसी काम नहीं आ रहा है। पानी निकासी के पुख्ता बंदोबस्त नहीं होने के कारण हर बरसात में यह हालात बन जाते हैं। कई-कई दिनों तक जलभराव रहता है। ऐसे में डेंगू और मलेरिया का भी खतरा बढ़ जाता है।
अब तक डेंगू के दो मामले, 2464 को नोटिस
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू और मलेरिया को लेकर 825 आशा वर्कर और 200 एएनएम सहित 50 ब्रीड चेकर की ओर से लार्वा की जांच कराई जा रही है। अभी तक जिले में सिर्फ दो डेंगू के मामले सामने आए हैं। एएनएम बुखार वाले मरीजों की स्लाइड जांच कर रही है। साथ ही अभी तक 2464 को नोटिस बांटे जा चुके हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर निगम को फोगिंग के लिए पत्राचार किया है लेकिन अभी तक वह शुरू नहीं हो पाई है।
जलभराव के लिए खरीदा 500 लीटर काला तेल : डॉ. संजीव
जलभराव की जगहों पर डेंगू के लारवा को पनपने से रोकने के लिए विभाग ने रोडवेज से 500 लीटर काला तेल खरीदा है। इस तेल को जलभराव की जगहों पर डाला जाएगा। काला तेल पानी के ऊपर एक परत बना देता है। इससे लारवा को बाहर निकलने के लिए जगह नहीं मिलती और डेंगू का मच्छर पनपने का खतरा कम हो जाता है।
डॉ. संजीव सिंगला, डेंगू और मलेरिया के नोडल अधिकारी, अंबाला
वर्जन
पार्क में बारिश के बाद अधिक पानी भर गया था। इससे साफ सफाई भी प्रभावित हो रही थी। इसलिए पहले पार्क से पानी को निकाला जा रहा है। इसके साथ ही पार्क में जहां-जहां सूखी जगह हैं, वहां पर घास भी कटवाई जा रही है।
डॉ. पूनम चौधरी, पीएमओ नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी
वर्जन
निर्माणाधीन पांच मंजिला बिल्डिंग की बेसमेंट से पानी निकालने का काम चल रहा है। पंप की मदद से उसे संबंधित ठेकेदार की तरफ से निकाला जा रहा है। गंदे पानी में दवाओं और तेल का भी छिड़काव करा दिया है, जिससे कि मरीजों और तीमारदारों के लिए परेशानी न हो।
डॉ. लोकवीर सिंह, पीएमओ नागरिक अस्पताल अंबाला छावनी
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इस कारण डेंगू और मलेरिया फैलने का खतरा बना है। हैरानी की बात यह है कि छावनी के नागरिक अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन पांच मंजिला बिल्डिंग की पूरी बेसमेंट ही बरसाती पानी से लबालब है। उधर, सिटी नागरिक अस्पताल के पार्क में पानी जमा है। छावनी अस्पताल में 10-10 फीट तक पानी के ऊपर इस तरह काई की तह बन गई है।
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इस पानी की गहराई का अंदाजा लोग लगा भी नहीं पा रहे। बावजूद अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी के कारण इसके लिए कोई ठोस समाधान नहीं किया जा रहा। मामला संज्ञान में डालने के बाद महज पानी निकालने तक की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। दरअसल, छावनी अस्पताल में बिल्डिंग तैयार करने वाले संबंधित ठेकेदार की तरफ से इस प्रोजेक्ट पर चली विजिलेंस जांच के बाद से काम बंद कर रखा है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले सैकड़ों मरीजों और तीमारदारों के लिए यह खतरा बना है।
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पार्क में जमा पानी से बीमारी का खतरा
अंबाला सिटी। सिटी के नागरिक अस्पताल के पार्क में बारिश के बाद कई दिनों से जगह-जगह जलभराव की स्थिति है। मरीजों और तीमारदारों की सहूलियत के लिए बना यह पार्क किसी काम नहीं आ रहा है। पानी निकासी के पुख्ता बंदोबस्त नहीं होने के कारण हर बरसात में यह हालात बन जाते हैं। कई-कई दिनों तक जलभराव रहता है। ऐसे में डेंगू और मलेरिया का भी खतरा बढ़ जाता है।
अब तक डेंगू के दो मामले, 2464 को नोटिस
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू और मलेरिया को लेकर 825 आशा वर्कर और 200 एएनएम सहित 50 ब्रीड चेकर की ओर से लार्वा की जांच कराई जा रही है। अभी तक जिले में सिर्फ दो डेंगू के मामले सामने आए हैं। एएनएम बुखार वाले मरीजों की स्लाइड जांच कर रही है। साथ ही अभी तक 2464 को नोटिस बांटे जा चुके हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर निगम को फोगिंग के लिए पत्राचार किया है लेकिन अभी तक वह शुरू नहीं हो पाई है।
जलभराव के लिए खरीदा 500 लीटर काला तेल : डॉ. संजीव
जलभराव की जगहों पर डेंगू के लारवा को पनपने से रोकने के लिए विभाग ने रोडवेज से 500 लीटर काला तेल खरीदा है। इस तेल को जलभराव की जगहों पर डाला जाएगा। काला तेल पानी के ऊपर एक परत बना देता है। इससे लारवा को बाहर निकलने के लिए जगह नहीं मिलती और डेंगू का मच्छर पनपने का खतरा कम हो जाता है।
डॉ. संजीव सिंगला, डेंगू और मलेरिया के नोडल अधिकारी, अंबाला
वर्जन
पार्क में बारिश के बाद अधिक पानी भर गया था। इससे साफ सफाई भी प्रभावित हो रही थी। इसलिए पहले पार्क से पानी को निकाला जा रहा है। इसके साथ ही पार्क में जहां-जहां सूखी जगह हैं, वहां पर घास भी कटवाई जा रही है।
डॉ. पूनम चौधरी, पीएमओ नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी
वर्जन
निर्माणाधीन पांच मंजिला बिल्डिंग की बेसमेंट से पानी निकालने का काम चल रहा है। पंप की मदद से उसे संबंधित ठेकेदार की तरफ से निकाला जा रहा है। गंदे पानी में दवाओं और तेल का भी छिड़काव करा दिया है, जिससे कि मरीजों और तीमारदारों के लिए परेशानी न हो।
डॉ. लोकवीर सिंह, पीएमओ नागरिक अस्पताल अंबाला छावनी