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बेकाबू होता डेंगू, हरकत में विभाग, चौकी-थाने के भी कटेंगे चालान
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जिले में बेकाबू होते डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर हरकत में आ गया है। डेंगू के शनिवार को सात नए मामले आने के बाद अब मरीजों का आंकड़ा 90 तक पहुंच गया है। उधर, अस्पतालों में प्लेटलेट्स डाउन होने के कारण डेंगू के कुछ मरीजों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। न केवल प्राइवेट डॉक्टरों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, बल्कि पुलिस को चालान काटने की चेतावनी दी गई है। इसके तहत अगर इंपाउंड किए गए वाहनों में लारवा मिलता है तो संबंधित चौकी-थाने का चालान किया जाएगा। विभाग की ओर से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में एंटी लारवा एक्टिविटी के साथ-साथ टेस्टिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग एलाइजा के साथ-साथ डेंगू के लक्षण वाले मरीजों के रेपिड टेस्ट भी करा रहा है।
डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अब समाजसेवी संस्थाओं के लिए रक्त की कमी को पूरा करना चुनौती से कम नहीं है। दरअसल, डेंगू से ग्रस्त मरीजों के शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या भी तेजी से गिरने लगती है, जिसकी वजह से मरीजों की जान पर बन आती है।
ट्विनसिटी वेलफेयर सोसायटी के अनुसार डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच उनकी टीम के पास भी रोजाना अंबाला शहर, अंबाला छावनी और आस पास के इलाकों से लोग संपर्क कर रहे हैं और अधिकतर केसों में प्लेटलेट्स की मांग की जाती है, जिसकी आपूर्ति ताजा रक्त से ही की जा सकती है। संस्था के पदाधिकारी बताते हैं कि कई बार नौबत ऐसी आ जाती है कि रक्त दाता नहीं उपलब्ध हो पाते हैं, क्योंकि एक व्यक्ति रक्तदान करने के बाद तीन महीने तक रक्तदान नहीं कर सकता। ऐसे में अगर प्राइवेट अस्पताल सरकारी नियमों का उल्लंघन कर प्लेटलेट्स की डिमांड करते रहेंगे तो उसकी पूर्ति बड़ा ही चुनौतीपूर्ण कार्य है।
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डेंगू मरीजों की संख्या और रक्त की जरूरत को लेकर अब अंबाला का स्वास्थ्य विभाग भी सख्त दिखाई दे रहा है। अक्सर देखा जाता है कि प्राइवेट अस्पतालों में मरीज के प्लेटलेट्स 50 हजार से नीचे आने पर डॉक्टर उन्हें प्लेटलेट्स चढ़ा देते हैं, जबकि सरकारी निर्देशों के मुताबिक जब किसी मरीज के प्लेटलेट्स 10 हजार से डाउन हो, तभी उसे प्लेटलेट्स चढ़ाए जाएं। इसे लेकर सिविल सर्जन अंबाला ने ऐसे अस्पताल संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में आया तो वो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के बाद एकाएक बढ़ी डेंगू मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। बताया कि स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें डोर-टू-डोर दस्तक देकर लारवा की जांच कर रही हैं। विभाग की टीम ने अब तक 75 हजार से अधिक घरों का निरीक्षण किया है। वहीं लारवा मिलने पर 6500 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है। अब स्वास्थ्य विभाग दूसरी बार भी डोर-टू-डोर निरीक्षण करेगा। इस दौरान लोगों के घरों में लारवा मिला तो चालान कटेगा और तीसरी बार लारवा मिलने पर महामारी रोग अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 90 पहुंच गया है। लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सभी को जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। चाहे वह प्राइवेट अस्पताल हो या फिर पुलिस कर्मी। इसके अलावा अन्य को भी डेंगू से बचाव के नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है।
- कुलदीप सिंह, सीएमओ, अंबाला।
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डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अब समाजसेवी संस्थाओं के लिए रक्त की कमी को पूरा करना चुनौती से कम नहीं है। दरअसल, डेंगू से ग्रस्त मरीजों के शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या भी तेजी से गिरने लगती है, जिसकी वजह से मरीजों की जान पर बन आती है।
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ट्विनसिटी वेलफेयर सोसायटी के अनुसार डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच उनकी टीम के पास भी रोजाना अंबाला शहर, अंबाला छावनी और आस पास के इलाकों से लोग संपर्क कर रहे हैं और अधिकतर केसों में प्लेटलेट्स की मांग की जाती है, जिसकी आपूर्ति ताजा रक्त से ही की जा सकती है। संस्था के पदाधिकारी बताते हैं कि कई बार नौबत ऐसी आ जाती है कि रक्त दाता नहीं उपलब्ध हो पाते हैं, क्योंकि एक व्यक्ति रक्तदान करने के बाद तीन महीने तक रक्तदान नहीं कर सकता। ऐसे में अगर प्राइवेट अस्पताल सरकारी नियमों का उल्लंघन कर प्लेटलेट्स की डिमांड करते रहेंगे तो उसकी पूर्ति बड़ा ही चुनौतीपूर्ण कार्य है।
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डेंगू मरीजों की संख्या और रक्त की जरूरत को लेकर अब अंबाला का स्वास्थ्य विभाग भी सख्त दिखाई दे रहा है। अक्सर देखा जाता है कि प्राइवेट अस्पतालों में मरीज के प्लेटलेट्स 50 हजार से नीचे आने पर डॉक्टर उन्हें प्लेटलेट्स चढ़ा देते हैं, जबकि सरकारी निर्देशों के मुताबिक जब किसी मरीज के प्लेटलेट्स 10 हजार से डाउन हो, तभी उसे प्लेटलेट्स चढ़ाए जाएं। इसे लेकर सिविल सर्जन अंबाला ने ऐसे अस्पताल संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में आया तो वो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के बाद एकाएक बढ़ी डेंगू मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। बताया कि स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें डोर-टू-डोर दस्तक देकर लारवा की जांच कर रही हैं। विभाग की टीम ने अब तक 75 हजार से अधिक घरों का निरीक्षण किया है। वहीं लारवा मिलने पर 6500 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है। अब स्वास्थ्य विभाग दूसरी बार भी डोर-टू-डोर निरीक्षण करेगा। इस दौरान लोगों के घरों में लारवा मिला तो चालान कटेगा और तीसरी बार लारवा मिलने पर महामारी रोग अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 90 पहुंच गया है। लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सभी को जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। चाहे वह प्राइवेट अस्पताल हो या फिर पुलिस कर्मी। इसके अलावा अन्य को भी डेंगू से बचाव के नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है।
- कुलदीप सिंह, सीएमओ, अंबाला।