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Ambala News: रेलवे अस्पताल में डाक्टर के खिलाफ प्रदर्शन

Fri, 05 Jan 2024 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Fri, 05 Jan 2024 02:17 AM IST
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Demonstration against doctor in railway hospital
संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला। रेलवे अस्पताल के आईसीयू में बेहाल हो रहे कर्मचारी ने जब डाक्टर से मदद मांगी तो डाक्टर ने उल्टा कर्मचारी के खिलाफ ही विभागीय अधिकारियों को दुर्व्यवहार करने की शिकायत दे दी। जब इसकी जानकारी बीमार कर्मचारी के साथियों को मिली तो वीरवार सुबह अंबाला रेल मंडल केकर्मचारियों ने रेलवे अस्पताल के मुख्य गेट पर हंगामा कर दिया। लगभग चार घंटे तक प्रदर्शन चला।
प्रदर्शन कर रहे रेलवे कर्मचारियों का आरोप था कि उनके साथी की तबीयत कुछ दिनों से काफी खराब थी। बुधवार रात को भी अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। उसने वार्ड अटेंडेंट को कई बार डाक्टर को बुलाने के लिए भेजा, लेकिन डाक्टर नहीं आया। इसके बाद कर्मी बदहवास हालत में ही जब डाक्टर के कमरे में पहुंचा तो देखा कि डाक्टर सो रहा है।
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रेलवे कर्मचारी ने जैसे ही डाक्टर को जगाया तो वो उल्टा रेल कर्मचारी पर ही बरस पड़ा और इसकी लिखित शिकायत उसने रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित रेलवे के उच्चाधिकारियों से कर दी कि उसके साथ बीमार कर्मचारी ने दुर्व्यवहार किया और उसके काम में दखल दी है।
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रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है कि जब डाक्टर न आने की वजह से आईसीयू में दाखिल रेलवे कर्मचारी की तबीयत बिगड़ गई थी। इससे पहले भी कुछ मामले ऐसे हो चुके हैं। पुराने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ समय पहले गंभीर रुप से बीमार एक रेलवे कर्मचारी को आईसीयू में भर्ती किया गया।
उसका उपचार किया गया और उसे आईसीयू में अकेला छोड़ दिया गया। यहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। लेकिन आईसीयू में मृत पड़े रेलवे कर्मचारी की जानकारी न तो डाक्टर को थी और न ही अटेंडेंट का। जब परिजन आईसीयू में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके परिजन की मौत हो चुकी है।
अंबाला कैंट की रेलवे कॉलोनी में स्थित रेलवे अस्पताल अंबाला रेल मंडल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण अस्पताल है। यहां मंडल में कार्यरत लगभग 13 हजार कर्मचारियों, उनके परिजन व सेवानिवृत कर्मचारियों का उपचार किया जाता है।
उपचार नहीं मिलता
कहने को यह अंबाला रेल मंडल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण अस्पताल है, लेकिन सुविधाओं और उपचार के मामले में बिल्कुल बदहाल है। न तो यहां डाक्टर मिलते हैं और न ही दवाइयां। अगर दोनों मिल जाएं तो सही उपचार नहीं मिलता। - सतपाल शर्मा।
कालका से आया था
कालका से उपचार के लिए आया था। यहां आकर जानकारी मिली कि जिस डाक्टर को उनकी रिपोर्ट देखनी है और वो छुट्टी पर है। अब दोबारा 70 किमी का सफर करके आना पडेगा। इस बुढ़ापे में यहां आना-जाना काफी मुश्किल है। - रमेश चंद।
डॉक्टर गंभीर नहीं
आईसीयू वार्ड के ऐसे हालात हैं तो अन्य सुविधाओं व उपचार का क्या हाल होगा। इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। आईसीयू में पड़े मरीज को लेकर ही जब डाक्टर गंभीर नहीं होगा ताे उपचार की उम्मीद भी नहीं की जा सकती। - विनोद कुमार।
यह पहला मामला नहीं
यह पहला मामला नहीं है कि जब आईसीयू में पड़े कर्मचारी को प्रताड़ना न झेलनी पड़ी है। यहां तो उलटा कोतवाल चोर को डांटे वाली कहावत चरितार्थ होती है। रेलवे अस्पताल के डाक्टरों को उपचार के लिए बोलो तो वो शिकायत दे देते हैं। - अनिल कुमार।
डॉक्टर पर कार्रवाई हो
रेलवे अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर कई बार अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। अब आईसीयू में पड़े साथी की हालत को देखकर कर्मचारी गुस्से में हैं। संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई होनी चाहिए। - अजय गोंसाई।
जांच का आश्वासन मिला
वीरवार सुबह जानकारी मिली थी कि जो साथी पिछले कुछ दिनों से आईसीयू में उपचाराधीन है, उसके खिलाफ ही रेलवे अस्पताल में तैनात डाक्टर ने झूठी शिकायत दे दी है। मजबूर होकर उन्हें रोष स्वरूप प्रदर्शन करना पड़ा है ताकि फिर किसी दूसरे रेलवे कर्मचारी के साथ ऐसा न हो। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और आईसीयू की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। - हरनाम सिंह, शाखा अध्यक्ष, एनआरएमयू।

मामले की जानकारी लेने के लिए रेलवे कर्मचारियों से मंत्रणा की गई है। कुछ गलतफहमी हो गई थी। रेलवे अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर वो खुद लगातार निरीक्षण करती हैं। ऐसा नहीं है कि आईसीयू में मरीज का ध्यान नहीं रखा जाता, बल्कि वहां तो विशेष तौर पर डाक्टर और कर्मचारी की तैनाती की जाती है ताकि मरीज को परेशानी न हो। - डॉ. आशा रानी, सीएमएस, रेलवे अस्पताल।
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