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Demand to open playway प्लेवे स्कूल खोलने की मांग, डीसी को दिया ज्ञापन
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प्ले वे स्कूल को खोलने की मांग को लेकर अध्यापक और अभिभावकों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व अध्यापकों व अभिभावकों की ओर से जागरूकता रैली निकाली गई। जो कि अग्रसेन चौक से जिला उपायुक्त कार्यालय तक निकाली गई।
इसमें लगभग 200 से अधिक अभिभावकों, स्कूली बच्चों और अध्यापकों ने भाग लिया। रैली के दौरान प्लेवे स्कूलों को खोलने की मांग उठाई गई एवं कोरोना के नियमों को ध्यान में रखते हुए रैली को निकाला गया। इस दौरान फेडरेशन के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि फेडरेशन द्वारा स्कूलों को खुलवाने को लेकर पिछले 3 दिन में कराए गए सर्वे में 15 हजार से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया है। इसमें से 87 प्रतिशत से अधिक अभिभावकों ने स्कूलों को खोलने की सिफारिश की है।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा पर जोर दिया गया है, लेकिन पिछले 2 वर्षों से छोटे बच्चों के स्कूल खुले ही नहीं है। उसमें भी बहुत से बच्चे तो 5 या 6 वर्ष के हो गए है, लेकिन अभी तक स्कूल नहीं गए है। ऐसे में प्ले वे स्कूलों को खोलना बहुत जरूरी है। साथ ही उन्होंने विश्व बैंक का हवाला देते हुए कहा कि विश्व बैंक के शिक्षा विभाग के विशेषज्ञ ने भी अपनी राय दी है कि स्कूल खोलने से कोरोना बढ़ने का कोई खतरा नहीं और छोटे बच्चों का प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए फेडरेशन और निसा के अध्यक्ष डॉ. कुलभूषण शर्मा ने सभी प्ले वे स्कूलों के संचालकों और अभिभावकों ने मिलकर इस मुहिम को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। अंबाला जिला के अध्यक्ष आशुतोष गौड़ ने कहा कि प्ले वे स्कूल बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मजबूत करने का कार्य करते है। 2 वर्षों से अधिक समय से स्कूल बंद होने की वजह से उनकी नींव बहुत कमजोर पड़ गयी है जो सभी अभिभावकों और राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है।
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प्लेवे स्कूलों के संचालक और अध्यक्ष अभिमन्यु दुहन, महासचिव ऋतु दुआ और सरंक्षक अदिति वालिया ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास प्लेवे स्कूल बंद होने के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बच्चे अक्षर ज्ञान भूल गए है और अगर जल्दी से स्कूल खोलने का निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षा की इस हानि की भरपाई करना बहुत ही मुश्किल होगा।
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इसमें लगभग 200 से अधिक अभिभावकों, स्कूली बच्चों और अध्यापकों ने भाग लिया। रैली के दौरान प्लेवे स्कूलों को खोलने की मांग उठाई गई एवं कोरोना के नियमों को ध्यान में रखते हुए रैली को निकाला गया। इस दौरान फेडरेशन के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि फेडरेशन द्वारा स्कूलों को खुलवाने को लेकर पिछले 3 दिन में कराए गए सर्वे में 15 हजार से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया है। इसमें से 87 प्रतिशत से अधिक अभिभावकों ने स्कूलों को खोलने की सिफारिश की है।
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उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा पर जोर दिया गया है, लेकिन पिछले 2 वर्षों से छोटे बच्चों के स्कूल खुले ही नहीं है। उसमें भी बहुत से बच्चे तो 5 या 6 वर्ष के हो गए है, लेकिन अभी तक स्कूल नहीं गए है। ऐसे में प्ले वे स्कूलों को खोलना बहुत जरूरी है। साथ ही उन्होंने विश्व बैंक का हवाला देते हुए कहा कि विश्व बैंक के शिक्षा विभाग के विशेषज्ञ ने भी अपनी राय दी है कि स्कूल खोलने से कोरोना बढ़ने का कोई खतरा नहीं और छोटे बच्चों का प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए फेडरेशन और निसा के अध्यक्ष डॉ. कुलभूषण शर्मा ने सभी प्ले वे स्कूलों के संचालकों और अभिभावकों ने मिलकर इस मुहिम को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। अंबाला जिला के अध्यक्ष आशुतोष गौड़ ने कहा कि प्ले वे स्कूल बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मजबूत करने का कार्य करते है। 2 वर्षों से अधिक समय से स्कूल बंद होने की वजह से उनकी नींव बहुत कमजोर पड़ गयी है जो सभी अभिभावकों और राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है।
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प्लेवे स्कूलों के संचालक और अध्यक्ष अभिमन्यु दुहन, महासचिव ऋतु दुआ और सरंक्षक अदिति वालिया ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास प्लेवे स्कूल बंद होने के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बच्चे अक्षर ज्ञान भूल गए है और अगर जल्दी से स्कूल खोलने का निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षा की इस हानि की भरपाई करना बहुत ही मुश्किल होगा।