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Ambala News: बाल सुधार गृह में मिलीं कमियां, बच्चों को एलर्जी की शिकायत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Apr 2023 12:14 AM IST
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Deficiencies found in child improvement home, children complain of allergy
अंबाला सिटी। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की सदस्य प्रीति भारद्वाज दलाल ने वीरवार को बाल सुधार गृह शहर का निरीक्षण कर यहां की व्यवस्थाएं देखीं तो हैरान रह गईं। यहां पर किसी एक धार्मिक गुरु की किताबें बहुतायात में पाईं गईं। इन किताबों के यहां होने का कारण पूछा तो सही जवाब नहीं मिला। लिहाजा आयोग की सदस्य ने मौके से सभी किताबों को हटवाया।
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साथ ही यहां पर कई लापरवाही सामने आईं। यहां 38 बच्चे विभिन्न अपराधों में बंद हैं। जिसमें से 10 बच्चे तो ऐसे मिले जिनके छोटे अपराध हैं और जमानत का इंतजार कर रहे हैं। प्रीति ने मौके पर ही पैनल के अधिवक्ताओं को बुलाया और इस संबंध में चर्चा की। इस दौरान दस्तावेजों में भी कमियां पाई गईं। यहां उन्होंने रसोई में भोजन की गुणवत्ता देखी। इस मौके पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सलाहकार संदीप चौधरी, हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य अनिल कुमार, सदस्य सुमन राणा, बाल सुधार गृह के अधीक्षक आदि उपस्थित रहे।
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अलग श्रेणी में रखा जाता है बच्चों को
यहां तीन श्रेणी के बच्चे होते हैं। जिसमें छोटे अपराधों को करने वाले एक श्रेणी में रखे जाते है, गंभीर अपराधों को करने वाले दूसरी श्रेणी में, जघन्य अपराध करने वालों को तीसरी श्रेणी में रखा जाता है।
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बच्चों की थी स्किन एलर्जी की समस्या, अलग कराया

यहां देखने को मिला कि काफी बच्चों को स्किन एलर्जी से जुड़ी समस्या थी। जिन्हें दूसरे बच्चों से अलग करवाया गया। उनके उपचार के निर्देश दिए गए।



एफआईआर तक नहीं थी

निरीक्षण में पाया गया कि यहां पर दस्तावेज भी दुरुस्त नहीं थे। बाल सुधार गृह में संबंधित बच्चों की जुड़ी एफआईआर भी होनी चाहिए परंतु कई मामलों में एफआईआर भी नहीं मिली। यहां तक सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट तक भी नहीं थी। बच्चा जब बाल सुधार गृह में आता है तो काउंसलर द्वारा एक व्यक्तिगत देखभाल प्लान बनाया जाता है, वह भी वहां पर मौजूद नहीं मिला। किसी भी बच्चे की कोई भी फाइल पूरी तरह से ठीक नहीं थी।



देशव्यापी चल रहा है अभियान

एनसीपीसीआर का यह देशव्यापी अभियान चल रहा है। जिसके तहत आठ राज्यों में (हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, महाराष्ट्र, गुजरात, त्रिपुरा आदि) में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्या प्रीति भारद्वाज दलाल को विभिन्न संस्थानों में निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी के तहत हरियाणा में यह उनका तीसरा दौरा था। इससे पहले वह फरीदाबाद, गुरुग्राम पहुंची थी। इन सभी मामलों को लेकर प्रीति भारद्वाज दलाल ने एक रिपोर्ट तैयार की है जो आयोग के अध्यक्ष को सौंपेंगी। आगे इसमें कार्रवाई को लेकर आयोग फैसला लेगा।




बाल सुधार गृह में निरीक्षण किया गया है। आठ राज्यों में एनसीपीसीआर ने देशव्यापी अभियान के तहत मुझे निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इन निरीक्षणों की रिपोर्ट एनसीपीसीआर अध्यक्ष को सौंपेंगी। जहां कमियां मिली है वहां पर आयोग कार्रवाई भी करेगा। -प्रीति भारद्वाज दलाल, सदस्य, एनसीपीसीआर
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