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बांद्रा-अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्री की मौत
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बांद्रा-अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री की तबीयत खराब हो गई। सूचना मिलते ही रेलवे डॉक्टर, आरपीएफ और जीआरपी अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रेन में सवार यात्री को जांच के बाद मृत घोषित किया गया। शव कब्जे में लेकर जीआरपी ने आगामी कार्रवाई आरंभ कर दी है। मृतक की पहचान जालंधर के पास गांव भोगपुर निवासी 53 वर्षीय भूपेंद्र सिंह के तौर पर हुई है जोकि सेना से रिटायर बताया गया है।
ट्रेन नंबर 02925 बांद्रा से चलकर मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे छावनी जंक्शन के प्लेटफार्म-3 पर पहुंची। कंट्रोल से संदेश मिलने के बाद स्टेशन मास्टर गुरविंदर सिंह, सहायक स्टेशन निदेशक मदन मोहन, आरपीएफ एसआई पंकज, एएसआई संतोष शर्मा और जीआरपी एसआई सतपाल सिंह ट्रेन में पहुंचे। उन्हें जानकारी मिली थी कि एसी कोच नंबर बी4 की सीट नंबर 56 पर सवार यात्री की तबीयत खराब है और वो कोई जवाब नहीं दे रहा। कुछ ही देर में रेलवे डॉक्टर भी मौके पर पहुंच गए, उन्होंने जब यात्री का बीपी आदि चेक किया तो वह कोई रिस्पांस नहीं दे रहा था और उसके शरीर का रंग भी नीला हो चुका था।
वहीं, भूपेंद्र सिंह के साथ सीट नंबर 55 पर मौजूद यात्री रमेश ने बताया कि वह मुंबई में वापी की एक कंपनी में इकट्ठे काम करते हैं। सोमवार रतलाम स्टेशन के पास लगभग 10 बजे खाना खाकर भूपेंद्र सिंह सो गया था। सुबह लगभग 4 बजे रमेश ने जब भूपेंद्र सिंह को पानी पिलाने की कोशिश की, तो उसने मुंह नहीं खोला। ट्रेन के टीटीई को सूचना दी गई तो भरतपुर स्टेशन पर जांच की गई। यहां रेलवे डॉक्टर द्वारा यात्री को थोड़ा बेहोश बताया और आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया, लेकिन व्यक्ति के हालात देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसे मरे हुए कई घंटे बीत चुके हैं। जीआरपी ने परिजनों के आने तक शव को थाने के डेड हाउस में रखवा दिया है।
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कंट्रोल से सूचना मिली थी उसके बाद शव को गाड़ी से उतारकर जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया है।
-पंकज, एसआई, आरपीएफ
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ट्रेन नंबर 02925 बांद्रा से चलकर मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे छावनी जंक्शन के प्लेटफार्म-3 पर पहुंची। कंट्रोल से संदेश मिलने के बाद स्टेशन मास्टर गुरविंदर सिंह, सहायक स्टेशन निदेशक मदन मोहन, आरपीएफ एसआई पंकज, एएसआई संतोष शर्मा और जीआरपी एसआई सतपाल सिंह ट्रेन में पहुंचे। उन्हें जानकारी मिली थी कि एसी कोच नंबर बी4 की सीट नंबर 56 पर सवार यात्री की तबीयत खराब है और वो कोई जवाब नहीं दे रहा। कुछ ही देर में रेलवे डॉक्टर भी मौके पर पहुंच गए, उन्होंने जब यात्री का बीपी आदि चेक किया तो वह कोई रिस्पांस नहीं दे रहा था और उसके शरीर का रंग भी नीला हो चुका था।
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वहीं, भूपेंद्र सिंह के साथ सीट नंबर 55 पर मौजूद यात्री रमेश ने बताया कि वह मुंबई में वापी की एक कंपनी में इकट्ठे काम करते हैं। सोमवार रतलाम स्टेशन के पास लगभग 10 बजे खाना खाकर भूपेंद्र सिंह सो गया था। सुबह लगभग 4 बजे रमेश ने जब भूपेंद्र सिंह को पानी पिलाने की कोशिश की, तो उसने मुंह नहीं खोला। ट्रेन के टीटीई को सूचना दी गई तो भरतपुर स्टेशन पर जांच की गई। यहां रेलवे डॉक्टर द्वारा यात्री को थोड़ा बेहोश बताया और आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया, लेकिन व्यक्ति के हालात देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसे मरे हुए कई घंटे बीत चुके हैं। जीआरपी ने परिजनों के आने तक शव को थाने के डेड हाउस में रखवा दिया है।
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कंट्रोल से सूचना मिली थी उसके बाद शव को गाड़ी से उतारकर जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया है।
-पंकज, एसआई, आरपीएफ