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Ambala News: खराब स्ट्रीट लाइटों से अंधेरा, ठीक करने में लापरवाही
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गोबिंद नगर में गुरुद्वारा साहिब के पास गली में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट। संवाद
अंबाला। जगमग योजना के तहत छावनी में बेशक स्ट्रीट लाइट लगा दी गई हैं, लेकिन इन स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने में ठेकेदार नाकाम नजर आ रहा हैं। छह-छह माह की शिकायतें लंबित हैं।
व्हाटसएप पर शिकायत भेजने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। ऐसा तब होता है जब संदेश कल आने का मिलता है और कई दिन बीत जाते हैं। यह समस्या छावनी के दर्जनों क्षेत्रों की है। यह हालात उस समय हैं जब नगर परिषद में स्ट्रीट लाइटों के सुधार के लिए अलग ही सैल बनाया है। यहां शिकायतें तो ली जाती हैं, लेकिन शिकायतों को निवारण समय पर नहीं किया जाता। ऐसी ही कुछ शिकायतों की जब पड़ताल की गई तो जानकारी मिली कि विभागीय अधिकारी ने तो तुरंत समस्या समाधान को लेकर संबंधित कर्मचारी को निर्देश दे दिए थे, लेकिन वो इस दुरुस्त करने में टाल-मटोल करता रहा है और इस बीच छह माह का समय बीत गया।
पांच लाख रुपये है प्रतिमाह का ठेका
नगर परिषद के अधीन लगभग 25 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इसमें 12 हजार के करीब पुरानी हैं और 13 हजार के करीब नई स्ट्रीट लाइटें हैं। पुरानी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी नगर परिषद की ओर से करनाल के एक ठेकेदार को पांच लाख रुपये प्रतिमाह के हिसाब से दी गई है। बावजूद इसके स्ट्रीट लाइटों के सुधार को लेकर जो कार्रवाई होनी चाहिए वो नहीं हो रही। हालांकि नप अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार ने 18 के करीब कर्मचारी स्ट्रीट लाइटों की रिपेयर के लिए लगाए हैं। अगर ऐसा है तो फिर लगातार लोग परेशान क्यों हो रहे हैं।
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फैंसी लाइटें भी बंद
गली-मोहल्लों की स्ट्रीट लाइटें तो बंद हैं ही, इसके अलावा बाजारों में लगी फैंसी लाइटें भी बंद हैं, वहीं सुभाष पार्क के सामने डिवाइडर पर लगी फैंसी लाइटों का भी यही हाल है। इस बात से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्राइवेट ठेके पर काम देने के बाद भी अंबाला छावनी की स्ट्रीट लाइटें बंद हैं और अंधेरे के कारण लोगों को चोरी का डर सता रहा है।
फोटो-4
मैने छह माह पहले व्हाट्सएप पर पहली शिकायत नगर परिषद अधिकारी को भेजी थी, इसका संदेश भी आया कि कल हो जाएगी। मई माह से अक्तूबर तक लगातार संदेश भेज रहा हूं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सिमरन वालिया।
फोटो-5
खराब स्ट्रीट लाइट की व्हाट्सएप पर फोटो खींचकर नगर परिषद के संबंधित विभाग में भेजी थी। अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई की और ठेकेदार के कारिंदे को निर्देश दिए, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी स्ट्रीट लाइट दुरुस्त नहीं हुई।
सुरजीत सैनी।
वर्जन
ऐसा नहीं है कि स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने का कार्य नहीं किया जा रहा है। रोजाना जो भी शिकायतें आती हैं, उनका समाधान करवाया जाता है। अगर ठेकेदार के कर्मचारी ठीक तरीके से काम नहीं कर रहे हैं तो नियमानुसार जो कार्रवाई बनती है वो की जाएगी, जिससे कि समस्या का त्वरित समाधान हो सके।
रविंदर कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी नप सदर।
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व्हाटसएप पर शिकायत भेजने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। ऐसा तब होता है जब संदेश कल आने का मिलता है और कई दिन बीत जाते हैं। यह समस्या छावनी के दर्जनों क्षेत्रों की है। यह हालात उस समय हैं जब नगर परिषद में स्ट्रीट लाइटों के सुधार के लिए अलग ही सैल बनाया है। यहां शिकायतें तो ली जाती हैं, लेकिन शिकायतों को निवारण समय पर नहीं किया जाता। ऐसी ही कुछ शिकायतों की जब पड़ताल की गई तो जानकारी मिली कि विभागीय अधिकारी ने तो तुरंत समस्या समाधान को लेकर संबंधित कर्मचारी को निर्देश दे दिए थे, लेकिन वो इस दुरुस्त करने में टाल-मटोल करता रहा है और इस बीच छह माह का समय बीत गया।
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पांच लाख रुपये है प्रतिमाह का ठेका
नगर परिषद के अधीन लगभग 25 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इसमें 12 हजार के करीब पुरानी हैं और 13 हजार के करीब नई स्ट्रीट लाइटें हैं। पुरानी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी नगर परिषद की ओर से करनाल के एक ठेकेदार को पांच लाख रुपये प्रतिमाह के हिसाब से दी गई है। बावजूद इसके स्ट्रीट लाइटों के सुधार को लेकर जो कार्रवाई होनी चाहिए वो नहीं हो रही। हालांकि नप अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार ने 18 के करीब कर्मचारी स्ट्रीट लाइटों की रिपेयर के लिए लगाए हैं। अगर ऐसा है तो फिर लगातार लोग परेशान क्यों हो रहे हैं।
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फैंसी लाइटें भी बंद
गली-मोहल्लों की स्ट्रीट लाइटें तो बंद हैं ही, इसके अलावा बाजारों में लगी फैंसी लाइटें भी बंद हैं, वहीं सुभाष पार्क के सामने डिवाइडर पर लगी फैंसी लाइटों का भी यही हाल है। इस बात से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्राइवेट ठेके पर काम देने के बाद भी अंबाला छावनी की स्ट्रीट लाइटें बंद हैं और अंधेरे के कारण लोगों को चोरी का डर सता रहा है।
फोटो-4
मैने छह माह पहले व्हाट्सएप पर पहली शिकायत नगर परिषद अधिकारी को भेजी थी, इसका संदेश भी आया कि कल हो जाएगी। मई माह से अक्तूबर तक लगातार संदेश भेज रहा हूं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सिमरन वालिया।
फोटो-5
खराब स्ट्रीट लाइट की व्हाट्सएप पर फोटो खींचकर नगर परिषद के संबंधित विभाग में भेजी थी। अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई की और ठेकेदार के कारिंदे को निर्देश दिए, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी स्ट्रीट लाइट दुरुस्त नहीं हुई।
सुरजीत सैनी।
वर्जन
ऐसा नहीं है कि स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने का कार्य नहीं किया जा रहा है। रोजाना जो भी शिकायतें आती हैं, उनका समाधान करवाया जाता है। अगर ठेकेदार के कर्मचारी ठीक तरीके से काम नहीं कर रहे हैं तो नियमानुसार जो कार्रवाई बनती है वो की जाएगी, जिससे कि समस्या का त्वरित समाधान हो सके।
रविंदर कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी नप सदर।

गोबिंद नगर में गुरुद्वारा साहिब के पास गली में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट। संवाद

गोबिंद नगर में गुरुद्वारा साहिब के पास गली में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट। संवाद