{"_id":"6490ac4f3d82565e6b05c894","slug":"d-ambala-news-c-36-1-sknl1001-5467-2023-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: सिटी बस स्टैंड पर रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: सिटी बस स्टैंड पर रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने की नारेबाजी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला सिटी। सिटी बस स्टैंड के बाहर रेहड़ी-फड़ी संचालकों का धरना चौथे दिन में प्रवेश कर गया। रेहड़ी-फड़ी संचालक मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। हालांकि, सोमवार को भूख हड़ताल का निर्णय नहीं लिया। करीब डेढ़ महीने पहले रेहड़ी-फड़ी संचालकों को बस स्टैंड के बाहर से प्रशासन ने उठा दिया था। तब से वह प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, मगर कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद संचालक बीते चार दिनों से सिटी बस स्टैंड के सामने धरना प्रदर्शन कर रहें हैं।
रेहड़ी-फड़ी यूनियन व सीटू यूनियन के सदस्यों ने 11 सदस्यों की कमेटी का गठन किया है जो धरना प्रदर्शन की आगामी रणनीति तय करेगी। इस दौरान कमेटी सदस्यों ने बताया कि जब तक प्रशासन जगह उपलब्ध नहीं करवा देता तब तक यह धरना प्रदर्शन 24 घंटे जारी रहेगा।
रेहड़ी-फड़ी यूनियन के प्रधान रामदास ने बताया कि संचालकों का यह धरना प्रदर्शन 24 घंटे जारी रहेगा। आगामी दिनों में भूूख हड़ताल भी की जा सकती है। इस पर 11 सदस्यीय कमेटी का निर्णय आने वाला है। इस धरना प्रदर्शन में करीब 150 परिवारों के लोग भाग ले रहे हैं। जिनको वर्तमान में रोजी रोटी के संकट से गुजरना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेहड़ी-फड़ी यूनियन व सीटू यूनियन के सदस्यों ने 11 सदस्यों की कमेटी का गठन किया है जो धरना प्रदर्शन की आगामी रणनीति तय करेगी। इस दौरान कमेटी सदस्यों ने बताया कि जब तक प्रशासन जगह उपलब्ध नहीं करवा देता तब तक यह धरना प्रदर्शन 24 घंटे जारी रहेगा।
विज्ञापन
रेहड़ी-फड़ी यूनियन के प्रधान रामदास ने बताया कि संचालकों का यह धरना प्रदर्शन 24 घंटे जारी रहेगा। आगामी दिनों में भूूख हड़ताल भी की जा सकती है। इस पर 11 सदस्यीय कमेटी का निर्णय आने वाला है। इस धरना प्रदर्शन में करीब 150 परिवारों के लोग भाग ले रहे हैं। जिनको वर्तमान में रोजी रोटी के संकट से गुजरना पड़ रहा है।
विज्ञापन