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करंसी पर माथापच्ची, अफवाहों का बाजार गर्म, बैंकिंग समय से पहले बंद हुए बैंक
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Mon, 14 Nov 2016 12:10 AM IST
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बैंकिंग समय से पहले बंद हुए बैंक
- फोटो : Amar Ujala
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एक ओर करंसी पर माथापच्ची हो रही है, वहीं अफवाहों का बाजार भी गर्म है। पुलिस ने भी ऐसी अफवाहें फैलाने वालों पर कार्रवाई की तैयारियां कर ली हैं, जबकि डीसी प्रभजोत सिंह और राज्य मंत्री नायब सैनी ने भी बैंकों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उधर, करंसी को लेकर जहां जनता परेशान है, वहीं बैंक में भी नई करंसी दोपहर बाद ही पहुंच रही है। दिन भर लाइनों में लोगों का समय बर्बाद हो रहा है, जबकि राहत नहीं
मिल रही है। बैंक अधिकारी भी अपनी मजबूरी बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
करंसी जमा करवाओ फिर रुपये निकलवाओ
करंसी के लिए लोगों को दोहरी लाइनों में लगना पड़ रहा है। बैंकों में करंसी एक्सचेंज के लिए फार्म तो मिल रहे हैं, लेकिन नई करंसी दोपहर तक नहीं पहुंच रही है। दूसरी ओर बैंक भी साफ कह रहे हैं कि पुरानी करंसी अकाउंट में जमा करवानी होगी और फिर अपने ही अकाउंट से रुपया निकलवाना होगा। ऐसी स्थिति में लोगों के सामने दोहरी परेशानियां खड़ी हो रही हैं। हालात यह हैं कि पहले रुपये जमा करवाने पड़ रहे हैं और फिर निकासी के लिए टाइम लग रहा है। जिन बैंकों में अलग-अलग काउंटर बने हैं, वहां पर उपभोक्ताओं को दो-दो बार लाइनों में लगना पड़ रहा है।
मानसिक रूप से परेशान हुए बैंक कर्मी
नोटबंदी के बाद खुले बैंकों में उमड़ी भीड़ को डील करते हुए बैंक कर्मी भी मानसिक रूप से परेशान हो चुके हैं। सैकड़ों की संख्या में उपभोक्ताओं से डीलिंग करते हुए यह बैंक कर्मी इस कदर मानसिक रूप से परेशान हैं कि कईं बार उपभोक्ताओं पर ही बरस पड़ते हैं। दिन में कई बार इन कर्मचारियों को अपना काम कुछ मिनटों के लिए बंद कर इन लोगों को लाइन में आने को कहना पड़ता है। यही कारण है कि बैंक कर्मचारियों और लोगों के बीच दिन में कई बार नोक झोंक हो चुकी है।
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एटीएम के शटर बंद तो कई में कैश नहीं
रविवार को ट्विनसिटी में बैंक तो खुले हुए दिखाई दिए। लेकिन एटीएम को लेकर कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए गए थे। आलम यह था कि ज्यादातर एटीएम में कैश न होने के नोटिस चस्पे हुए थे। जबकि कई एटीएम के तो शटर ही डाउन थे। एक-आध एटीएम में सुबह पैसे भी डाले गए, जो कुछ देर में ही खत्म हो गए।
समय से पहले ही बैंकों में लेनदेन बंद
एक ओर तो पहले ही रविवार का दिन होने के कारण बैंकों के बाहर सुबह से ही जनता की भीड़ लग गई थी। परंतु अधिकतर बैंकों ने समय से पहले ही अपनी लेनदेन की सेवाएं बंद कर दी। जब लाइनों में लगी आम जनता ने लेनदेन बंद करने का कारण जानना चाह तो छोटे नोटों का टोटा होने के कारण पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद घंटो से बैंकों के बाहर लाइनों में लगी जनता ने जमकर रोष भी जताया और बैंकों पर मनमानी करने के भी आरोप लगाए।
डेबिट कार्ड पर अटकी जिंदगी, कारोबार भी लड़खड़ाया
अंबाला कैंट। सरकार द्वारा बड़े नोटों को बंद करने के फैसले के चौथे दिन भी बाजारों का कारोबार लड़खड़ाता नजर आया। दुकानदार इस कदर परेशान हैं कि केवल बाजारों में डेबिट व क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करने वाले खरीदार ही पहुंच रहे है। अभी भी आम जनता छोटे नोटों के न होने के कारण बाजारों में खरीददारी से किनारा कर रहे है। जिससे बाजारों में अधिकतर दुकानों में सन्नाटा ही छाया रहता है।
राज्य मंत्री ने देखी बैंकों की व्यवस्था
रविवार को राज्य मंत्री नायब सैनी ने बैंकों में जाकर व्यवस्थाएं देखीं। इस दौरान उन्होंने लाइनों में लगे लोगों से बातचीत की और बताया कि यह फैसला उनके हितों को देखते हुए ही लिया गया है। इस दौरान उन्होंने बैंक अधिकारियों से बातचीत की और कैश आदि की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे उपभोक्ताओं की परेशानियों को देखते हुए पूरी व्यवस्था चाक चौबंद रखें।
बैंक के बाहर समाज सेवियों ने संभाला मोर्चा
सुबह से ही बैंकों के बाहर जमा हुए लोगों की मदद के लिए समाज सेवियों ने मोर्चा संभाल लिया है। दो समाज सेवियों ने सिटी के स्टेट बैंक आफ पटियाला दोखंभा चौक ब्रांच के बाहर मोर्चा संभाला। बैंक के ही एक पुराना खाता धारक समाज सेवी कंवलजीत सिंह खन्ना और उनके बेटे अशनदीप खन्ना ने जब बैंक के बाहर परेशान होते लोगों को देखा तो उन्हें एक सुझाव आया। समाज सेवियों ने टोकनों की काउंटर फाइल पर सभी के फोन नंबर नोट कर लिए। बैंक के अंदर खड़े 50 लोगों को छोड़कर उन्होंने सभी उपभोक्ताओं को अपने घर व काम पर चले जाने के लिए कहा और कहा कि जैसे ही अंदर वाले 30 उपभोक्ता निपट जाएंगे अगले 50 लोगों को फोन कर सूचित कर दिया जाएगा। जैसे जैसे पहले लाइन में लगे 30 उपभोक्ताओं का काम हो जाता था तो अगले 50 लोगों को फोन कर दिया जाता था जो अपने नंबर के हिसाब से लाइन में आकर लग जाते थे। ऐेसे में उपभोक्ताओं के साथ साथ बैंक कर्मचारियों को भी भारी शुकून मिला।
अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई : यादव
500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद से ही अफवाहों का दौर भी चर्म पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन अफवाहों पर डीएसपी हितेश यादव ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो भी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उन पर सख्ती की जाएगी। अगर ऐसा कोई मैसेज दोबार सोशल मीडिया पर वायरल होता पाया गया या इस संदर्भ में कोई शिकायत आती है तो अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी। वहीं बैंक मैनेजरों ने भी ऐसे किसी प्रकार के आदेश मिलने से इंकार कर दिया है। पीएनबी के मैनेजर टीआर खुराना की मानें तो जब से यह अफवाह फैली है तब से कई लोग शादी के कार्ड लेकर बैंक में आ चुके हैं। बैंक मैनेजर की मानें तो ऐसा कोई आदेश उन्हें अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं बैंक स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के प्रबंधक राकेश हंगोला ने भी इस प्रकार के किसी आदेश के न होने की बात कही।
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मिल रही है। बैंक अधिकारी भी अपनी मजबूरी बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
करंसी जमा करवाओ फिर रुपये निकलवाओ
करंसी के लिए लोगों को दोहरी लाइनों में लगना पड़ रहा है। बैंकों में करंसी एक्सचेंज के लिए फार्म तो मिल रहे हैं, लेकिन नई करंसी दोपहर तक नहीं पहुंच रही है। दूसरी ओर बैंक भी साफ कह रहे हैं कि पुरानी करंसी अकाउंट में जमा करवानी होगी और फिर अपने ही अकाउंट से रुपया निकलवाना होगा। ऐसी स्थिति में लोगों के सामने दोहरी परेशानियां खड़ी हो रही हैं। हालात यह हैं कि पहले रुपये जमा करवाने पड़ रहे हैं और फिर निकासी के लिए टाइम लग रहा है। जिन बैंकों में अलग-अलग काउंटर बने हैं, वहां पर उपभोक्ताओं को दो-दो बार लाइनों में लगना पड़ रहा है।
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मानसिक रूप से परेशान हुए बैंक कर्मी
नोटबंदी के बाद खुले बैंकों में उमड़ी भीड़ को डील करते हुए बैंक कर्मी भी मानसिक रूप से परेशान हो चुके हैं। सैकड़ों की संख्या में उपभोक्ताओं से डीलिंग करते हुए यह बैंक कर्मी इस कदर मानसिक रूप से परेशान हैं कि कईं बार उपभोक्ताओं पर ही बरस पड़ते हैं। दिन में कई बार इन कर्मचारियों को अपना काम कुछ मिनटों के लिए बंद कर इन लोगों को लाइन में आने को कहना पड़ता है। यही कारण है कि बैंक कर्मचारियों और लोगों के बीच दिन में कई बार नोक झोंक हो चुकी है।
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एटीएम के शटर बंद तो कई में कैश नहीं
रविवार को ट्विनसिटी में बैंक तो खुले हुए दिखाई दिए। लेकिन एटीएम को लेकर कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए गए थे। आलम यह था कि ज्यादातर एटीएम में कैश न होने के नोटिस चस्पे हुए थे। जबकि कई एटीएम के तो शटर ही डाउन थे। एक-आध एटीएम में सुबह पैसे भी डाले गए, जो कुछ देर में ही खत्म हो गए।
समय से पहले ही बैंकों में लेनदेन बंद
एक ओर तो पहले ही रविवार का दिन होने के कारण बैंकों के बाहर सुबह से ही जनता की भीड़ लग गई थी। परंतु अधिकतर बैंकों ने समय से पहले ही अपनी लेनदेन की सेवाएं बंद कर दी। जब लाइनों में लगी आम जनता ने लेनदेन बंद करने का कारण जानना चाह तो छोटे नोटों का टोटा होने के कारण पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद घंटो से बैंकों के बाहर लाइनों में लगी जनता ने जमकर रोष भी जताया और बैंकों पर मनमानी करने के भी आरोप लगाए।
डेबिट कार्ड पर अटकी जिंदगी, कारोबार भी लड़खड़ाया
अंबाला कैंट। सरकार द्वारा बड़े नोटों को बंद करने के फैसले के चौथे दिन भी बाजारों का कारोबार लड़खड़ाता नजर आया। दुकानदार इस कदर परेशान हैं कि केवल बाजारों में डेबिट व क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करने वाले खरीदार ही पहुंच रहे है। अभी भी आम जनता छोटे नोटों के न होने के कारण बाजारों में खरीददारी से किनारा कर रहे है। जिससे बाजारों में अधिकतर दुकानों में सन्नाटा ही छाया रहता है।
राज्य मंत्री ने देखी बैंकों की व्यवस्था
रविवार को राज्य मंत्री नायब सैनी ने बैंकों में जाकर व्यवस्थाएं देखीं। इस दौरान उन्होंने लाइनों में लगे लोगों से बातचीत की और बताया कि यह फैसला उनके हितों को देखते हुए ही लिया गया है। इस दौरान उन्होंने बैंक अधिकारियों से बातचीत की और कैश आदि की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे उपभोक्ताओं की परेशानियों को देखते हुए पूरी व्यवस्था चाक चौबंद रखें।
बैंक के बाहर समाज सेवियों ने संभाला मोर्चा
सुबह से ही बैंकों के बाहर जमा हुए लोगों की मदद के लिए समाज सेवियों ने मोर्चा संभाल लिया है। दो समाज सेवियों ने सिटी के स्टेट बैंक आफ पटियाला दोखंभा चौक ब्रांच के बाहर मोर्चा संभाला। बैंक के ही एक पुराना खाता धारक समाज सेवी कंवलजीत सिंह खन्ना और उनके बेटे अशनदीप खन्ना ने जब बैंक के बाहर परेशान होते लोगों को देखा तो उन्हें एक सुझाव आया। समाज सेवियों ने टोकनों की काउंटर फाइल पर सभी के फोन नंबर नोट कर लिए। बैंक के अंदर खड़े 50 लोगों को छोड़कर उन्होंने सभी उपभोक्ताओं को अपने घर व काम पर चले जाने के लिए कहा और कहा कि जैसे ही अंदर वाले 30 उपभोक्ता निपट जाएंगे अगले 50 लोगों को फोन कर सूचित कर दिया जाएगा। जैसे जैसे पहले लाइन में लगे 30 उपभोक्ताओं का काम हो जाता था तो अगले 50 लोगों को फोन कर दिया जाता था जो अपने नंबर के हिसाब से लाइन में आकर लग जाते थे। ऐेसे में उपभोक्ताओं के साथ साथ बैंक कर्मचारियों को भी भारी शुकून मिला।
अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई : यादव
500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद से ही अफवाहों का दौर भी चर्म पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन अफवाहों पर डीएसपी हितेश यादव ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो भी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उन पर सख्ती की जाएगी। अगर ऐसा कोई मैसेज दोबार सोशल मीडिया पर वायरल होता पाया गया या इस संदर्भ में कोई शिकायत आती है तो अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी। वहीं बैंक मैनेजरों ने भी ऐसे किसी प्रकार के आदेश मिलने से इंकार कर दिया है। पीएनबी के मैनेजर टीआर खुराना की मानें तो जब से यह अफवाह फैली है तब से कई लोग शादी के कार्ड लेकर बैंक में आ चुके हैं। बैंक मैनेजर की मानें तो ऐसा कोई आदेश उन्हें अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं बैंक स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के प्रबंधक राकेश हंगोला ने भी इस प्रकार के किसी आदेश के न होने की बात कही।