फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Cultivation of medicinal plants is proving to be a profitable deal

गेहूं व धान के साथ किसान औषधीय पौधों की खेती में हाथ अजमा कर बन रहे मालामाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2022 01:39 AM IST
विज्ञापन
Cultivation of medicinal plants is proving to be a profitable deal
गांव बड़ी बस्सी में औषधीय पौधों की खेती की जा रही है। ऐसा करने पर न केवल बढ़िया आमदन हो रही है बल्कि आसपास क्षेत्र व अन्य जिलों के किसान भी इस फार्म को देखने आ रहे हैं। बागवानी विभाग भी इस खेती को किसानों के लिए मुनाफे की खेती मानते हुए उन्हें प्रोत्साहित कर रहा है।
विज्ञापन

किसान एवं विशेषज्ञ डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि उनकी देखरेख में लगभग 120 एकड़ भूमि पर विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों की खेती की जा रही है। इसमें 20 एकड़ में खस, 15 एकड़ में लैमन ग्रास, 5 एकड़ में सिट्रोनेला तथा 2 एकड़ में पामारोजा, 1 एकड़ में स्टीविया, 1 एकड़ में सफेद मूसली, 15 एकड़ में तुलसी, 15 एकड़ में अश्वगंधा, 2 एकड़ में सतावरी, 15 एकड़ में हल्दी, 3 एकड़ में मसरी, 3 एकड़ में अलसी, 5 एकड़ में मेंथा और अमरूद, मकोय, पित पापड़ा, अकरकरा, कैमोमाइल आदि की खेती हो रही है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि बहुत से किसान उनके साथ जुड़ रहे हैं और इस खेती के तौर-तरीके भी सीख रहे हैं। इसके लिए फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन (एफपीओ) का भी सहयोग मिल रहा है और इस आर्गेनाइजेशन में भी कई किसान सदस्य हैं, जो इस खेती को अपनाना चाहते हैं। उनके अनुसार इस खेती से अच्छी आमदनी भी हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. सिंह ने बताया कि गेहूं और धान की फसल के बीच के लगभग 3 माह में तुलसी की फसल तैयार की जाती है, जिससे 40 से 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की आमदनी किसान को हो जाती है। इसके अलावा बागवानी विभाग द्वारा भी इस खेती को प्रोत्साहित करने के लिए एमआईडीएच स्कीम के तहत विभिन्न मदों में अनुदान भी दिया जा रहा है। उधर, इस फार्म पर औषधीय पौधों से तैयार उपज के लिए एक प्रोसेसिंग यूनिट भी करीब 6 करोड़ रुपये की राशि से तैयार किया जा रहा है। डा. सिंह के अनुसार इस औषधीय खेती से आसपास के करीब सौ लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। यहां पर अश्वगंधा, तुलसी, हल्दी आदि औषधीय पौधों का अर्क और पाउडर तैयार होगा। इससे भी आमदन बढ़ेगी। उनके अनुसार आजकल ज्यादातर किसान धान, गेहूं, गन्ना की खेती को तवज्जो देते हैं लेकिन आर्गेनिक तरीकों से औषधीय पौधों की खेती कर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed