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पेपर सॉल्वर गैंग: सॉफ्टवेयर खरीदकर रिमोट पर लेते थे कंप्यूटर, इसमें सर्वर को भी नियंत्रित करने की थी क्षमता
Sun, 19 Feb 2023 11:34 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, अंबाला
अमर उजाला ब्यूरो, अंबाला
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 19 Feb 2023 11:34 PM IST
सार
पेपर सॉल्वर गैंग सॉफ्टवेयर खरीदकर रिमोट पर कंप्यूटर लेते थे। व्यवसाय के लिए बनाया सॉफ्टवेयर इनके लिए मददगार था। इससे आपके कंप्यूटर पर कोई दूसरा आसानी से इस्तेमाल कर सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Istock
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विस्तार
पीजीटी में सॉल्वर गैंग एएमएमवाईवाई (एमी) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहा था। उसे निर्माता कंपनी ने व्यवसाय संचालन (बिजनेस ऑपरेशंस) को आधुनिक बनाने के लिए बनाया था, जिससे कि कार्यालय में एक-दूसरे से जोड़ा जा सके। मगर सॉल्वर गैंग को इस सॉफ्टवेयर की खासियतों के बारे में पता चला तो उन्होंने इसे अपना लिया।
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अब जब सॉल्वर गैंग पकड़ गया तो इस राज पर पुलिस पूछताछ के बाद पर्दा उठ गया। इस सॉफ्टवेयर की खास बात है कि यह दूसरे स्थान पर रखे दूसरे कंप्यूटर को रिमोट पर देने का काम करता है। इससे आपके कंप्यूटर पर कोई दूसरा आसानी से इस्तेमाल कर सकता है। इसके साथ ही इसकी मदद से इंटरनेट पर सर्वर को भी नियंत्रित किया जा सकता है।
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डाटा पूरी तरह से रहता है सुरक्षित
पूछताछ में पता चला कि यह सॉफ्टवेयर काफी सुरक्षित है। यही कारण था कि सॉल्वर गैंग को यह सॉफ्टवेयर भाया और उन्होंने इसके लाइसेंस को खरीदकर इस पर पेपर सॉल्व कराने की पूरी वारदात को अंजाम दिया। खास बात है कि यह सॉफ्टवेयर नेटवर्क में स्थापित कई कंप्यूटरों को एक सर्वर से जोड़ने की क्षमता रखता है। इसमें एनएटी सेटिंग्स के बिना और फायरवॉल समस्याओं के बिना काम किया जा सकता है। इसमें डाटा ट्रांसमिट किया जाता है जो पूरी तरह से सुरक्षित होता है।
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आईपी एड्रेस न होने पर भी जोड़ने का करता है काम
इस सॉफ्टवेयर की खास बात है कि इसमें आईपी (इंटरनेट प्रोटोकॉल) एड्रेस न होने की दशा में भी कंप्यूटर को रिमोट पर लिया जा सकता है। इसके साथ ही खास बात है कि इस सॉफ्टवेयर की मदद से 10 से 15 कंप्यूटरों से लेकर 500 कंप्यूटरों तक को आपस में जोड़ा जा सकता है। यही कारण है कि यह सॉफ्टवेयर सॉल्वर गैंग के लिए काफी उपयोगी रहा। क्योंकि उन्हें एक साथ कई कंप्यूटरों को रिमोट पर लेना होता था जो अन्य सॉफ्टवेयर की मदद से शायद संभव नहीं हो पाता।