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48 घंटे में नौकरी पर वापस आओ, वरना खुद को बर्खास्त समझो

Wed, 26 Oct 2016 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी Updated Wed, 26 Oct 2016 12:51 AM IST
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हड़ताल
अंबाला सिटी।  अपनी मांगों को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन योजना के अंतर्गत रखे गए कर्मचारियों ने मंगलवार को फिर से हल्ला बोलते हुए अंबाला में हड़ताल की। एनएचएम स्टाफ के कर्मचारियों ने अपना कामकाज ठप किया और सिविल सर्जन एवं चीफ मेडिकल अफसर डॉ. विनोद गुप्ता के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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इस दौरान जहां सरकारी अस्पतालों व चिकित्सा केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई, वहीं यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी बेहाल होना पड़ा। कई मरीज तो तड़पते देखे गए, जबकि बहुतों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। मंगलवार को सारी व्यवस्था रेगुलर डाक्टरों के सहारे रही। लेकिन मरीजों को बेहतर और आसान इलाज नहीं मिल पाया।
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उधर, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा एनएचएम यूनियन के छह पदाधिकारियों को टर्मिनेट करने के बाद यहां अंबाला स्वास्थ्य महकमे ने अंबाला के 269 कर्मचारियों को फिलहाल टर्मिनेशन आर्डर जारी कर दिया है। इन कर्मचारियों को आदेश दिया गया है कि वे यदि 48 घंटे में ड्यूटी पर आते हैं, तो ठीक है, वरना 48 घंटे बाद वे खुद को बर्खास्त समझें। इसके बावजूद एनएचएम स्टाफ आरपार की लड़ाई के मूड में हैं।
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नौकरी गई तो कोर्ट में जाएंगे
हड़ताल के दौरान सिटी सिविल अस्पताल में धरने पर बैठे एनआरएचएम के जिला प्रधान तरणदीप व 102 सेवा कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान लालचंद ने कहा कि भले ही सरकार उन्हें जितना मर्जी धमका ले कर्मचारी डरेंगे नहीं। यदि उनकी नौकरी छीनी गई तो वह अदालत का सहारा लेंगे लेकिन मनवाकर ही दम लेंगे। जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती कर्मचारी हड़ताल पर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांग है कि सरकार उन्हें पक्का करे व समान काम समान वेतन दे क्योंकि एनएचएम कर्मचारियों वेतन बहुत कम है और सरकार ने सत्ता में आने से पहले कई तरह के वायदे किये थे लेकिन अब उन वायदों को पूरा नहीं किया जा रहा।
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सीएमओ बोले, नौकरी पर आएं, हम साथ खड़े हैं
चीफ मेडिकल अफसर डा. विनोद गुप्ता ने कहा कि इस तरह नौकरी छोड़कर व इमरजेंसी सेवाएं छोड़कर हड़ताल करना नैतिक आधार पर गलत है। मानवीय आधार पर यदि एनएचएम कर्मचारी नौकरी पर लौट आते हैं, तो वे खुद उनके साथ खड़े हैं और वे उनके साथ मंत्री के पास जाकर उनकी बात रखेंगे। सीएमओ ने कहा कि मंत्री उनकी मांगों को लेकर पूरी तरह से गंभीर हैं और वे इस मसले को आगे भी बढ़ाए हुए हैं, लेकिन बार-बार हड़ताल से केवल माहौल और काम बिगड़ता है, इसलिए कर्मचारी हड़ताल छोड़कर वापस लौट आए।


सिटी में निकाला मशाल जुलूस
अंबाला सिटी। एनआरएचएम के हड़ताल पर गए कर्मचारी नेताओं के निलंबन के विरोध व कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में राज्य कमेटी के आह्वान पर सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा ने जिला प्रधान राम गोपाल की अध्यक्षता में मशाल जलूस निकाल कर विरोध प्रकट किया। यह मशाल जलूस सिटी पार्क से शहर के मुख्य बाजारों से हेता हुआ जगाधरी गेट पर संपन्न हुआ।
मशाल जलूस में सरकार द्वारा आईसीडीएस सुपरवाइजर वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान सविता व उपप्रधान सुनीता दहिया के निलंबन व नेशनल हेल्थ मिशन के हड़ताल पर गए कर्मचारियों पर उत्पीड़न की कार्रवाई, नगर पालिका कर्मचारियों की पूर्व घोषित हड़ताल को मंत्री कविता जैन द्वारा गलत बताना, इसके साथ-साथ बिजली विभाग एवं कृषि विभाग के एडीओ पर एस्मा जैसे काले कानून लगाए जाने का विरोध किया गया। कर्मचारियों ने जमकर सरकार विरोधी लगाते हुए मौजूदा सरकार को कोसा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सर्वकर्मचारी संघ सरकार द्वारा उत्पीड़न की कार्रवाई की निंदा करती है व सरकार से मांग करती है कि तुरंत प्रभाव से इसे बंद किया जाना चाहिए अन्यथा 1 नवंबर की राज्य कार्यकारिणी की मीटिंग में तीखे आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस जलूस में राज्य प्रेस सचिव इंद्र सिंह बधाना सहित, बिजली विभाग के विनोद कुमार, महेश गोयल, पारस प्रसाद, रोडवेज से महावीर पाई व रमेश कुमार, पैक्स से कर्मजीत सिंह संधू, पब्लिक हेल्थ से रविंद्र कुमार, कर्म सिंह, नगरपालिका से राजिंद्र कुमार आदि ने भाग लिया।
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नारायणगढ़ में भी संघों ने दिया समर्थन
नारायणगढ़। सर्वकर्मचारी संघ व नगरपालिका कर्मचारी संघ ने मंगलवार की सायं शहर में मशाल जलूस निकाल प्रदेश सरकार को चेताया कि कर्मचारियों के साथ टकराव का रास्ता छोड़ बातचीत से समस्याओं का समाधान करें। संघ के राज्य ऑडिटर सतीश सेठी व खंड नारायणगढ़ के प्रधान सतनाम सिंह, सचिव सुभाष धीमान ने कहा कि सरकार ने नगरपालिका कर्मचारियों को बुधवार से दो दिन की हड़ताल करने पर मजबूर कर दिया है, क्योंकि बार-बार अपील करने पर जायज मांगों को नहीं माना गया। कर्मचारियों नेताओं ने चेतावनी दी कि संघ किसी भी प्रकार का दमन सहन नहीं करेगा। सर्वकर्मचारी संघ के नेताओं ने एनएचएम कर्मचारियों द्वारा प्रदेश में की जाने वाली हड़ताल का पूर्ण रूप से समर्थन किया तथा स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों पर आंदोलनरत कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने की निंदा की।। कर्मचारियों को नगरपालिका से मांगे साहिब, अध्यापक नेता विनोद सैनी, मिड-डे-मिल प्रधान राजेश कुमारी, बिजली कर्मचारी नेता कुलदीप सिंह, राम कुमार व धर्मवीर, सीटू से कामरेड टेकचन्द, रमेश कुमार, चमन लाल, बृजभूषण, राज्य परिवहन से सतपाल राणा ने भी संबोधित किया।


इलाज को भटकते रहे मरीज, दर्द से तड़पे
इस हड़ताल का असर मरीजों व तीमारदारों पर देखने को मिला। अस्पतालों में इलाज को आए मरीज जहां भटकते रहे, वहीं इमरजेंसी में कई मरीज तो तड़पते भी रहे। लेकिन उन्हें समय पर इलाज नहीं मिला। दरअसल, एनएचएम स्टाफ की हड़ताल से लेकर ठेके पर रखे डाक्टर से लेकर स्टाफ नर्स और टेक्निशियन से लेकर एंबुलेंस ड्राइवर हर वर्ग के कर्मचारी कामकाज छोड़े बैठे थे।
इसका असर यह हुआ कि स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला स्टाफ कम हो गया और मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। हालांकि रेगुलर स्टाफ ड्यूटी पर था, लेकिन रेगुलर स्टाफ पहले ही बहुत कम चल रहा है, जिस वजह से हालात बिगड़ गए।
इमरजेंसी वार्डों में भी इलाज के लिए मरीज दर्द से तड़पते रहे, लेकिन रेगुलर स्टाफ कम था, इसलिए इलाज में देरी हुई। तीमारदार रिया, ममता, ज्ञानचंद, फुरकान, प्रदीप, सुनीता, दीपक, रवि कुमार, राजेंद्र, नेहा आदि ने बताया कि इस तरह की हड़ताल का सबसे बड़ा खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। सरकार को चाहिए कि ऐसे हालात पैदा न होने दे, कि इलाज में देरी किसी की जान पर बन आए। इस दौरान सिविल अस्पताल में एक मरीज को ब्लीडिंग हो रही थी, उसे रेफर किया  जाना था, लेकिन एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पाई। बाद में जैसे-तैसे प्राइवेट से एंबुलेंस बुलवाकर उसे रेफर किया गया।



उधर, रेगुलर डाक्टरों ने वापस ली हड़ताल

दूसरी ओर, रेगुलर डाक्टरों की एसोसिएशन ने 26 अगस्त की अपनी प्रस्तावित हड़ताल को वापस ले लिया है। सीएमओ डा. विनोद गुप्ता ने बताया कि डाक्टरों ने इसकी औपचारिक सूचना दे दी है। उनके अनुसार रेगुलर डाक्टरों की एसोसिएशन 26 अगस्त को हड़ताल पर जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने इस हड़ताल को वापस ले लिया है। अब वे 26 अगस्त को अपनी ड्यूटी पर रहेंगे। एनएचएम स्टाफ भी बुधवार को ड्यूटी पर लौट आएं तो अच्छा रहेगा। उन्होंने माना कि स्वास्थ्य सेवाएं थोड़ी प्रभावित हुई है, लेकिन विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था कर रखी है।
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