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दिवाली के दिन जन्मी थी बेटी, मां बोली पिता- सास ने गला घोंटकर बच्ची को मारने का किया प्रयास
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दिवाली को जन्मी नवजात बच्ची को उसके ही पिता द्वारा गला दबाकर मारने का प्रयास करने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा कि इसी वजह से बच्ची को जन्म देने वाली महिला के मायके व ससुरालियों के बीच हाथापाई भी हुई। नानी का आरोप है कि इस जुर्म में दामाद के साथ उसकी मां भी शामिल है। बच्ची के चीखने की वजह से इस वारदात का खुलासा हुआ है। वारदात के बाद जुर्म करने वालों ने भागने का प्रयास किया। थोड़ी दूर पीछा कर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पर मामला पारिवारिक बताकर वे निकलने में कामयाब रहे। शिकायत के बाद अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दोनों को धक्का देकर छुड़ाई बच्ची
पटियाला के गांव बपरौली की 22 वर्षीय महिला ने दिवाली की रात शहर के नागरिक अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया था। उसकी शादी एक जनवरी को लुधियाना के युवक से हुई थी। प्रसूता की मां ने बताया कि बेटी पैदा होने से उसका दामाद बेहद खफा हो गया। उसकी मां भी घर में बेटी के आने से खुश नहीं थी। असल में दोनों बेटा चाहते थे। पर उनकी चाहत पूरी नहीं हुई। प्रसूता की मां ने बताया कि बेटे की चाहत में ससुरालियों ने नीम, हकीम के साथ-साथ झाड़फूंक तक का भी सहारा लिया गया। उसने बताया कि बेटी के जन्म के बाद से ही पति उसे देखे बिना वापस चला गया था। दो दिन बाद ही वह अस्पताल में लौटा था। प्रसूता का कहना है कि शाम करीब छह बजे जैैसे ही थोड़ा अंधेरा हुआ उसका पति व सास बच्ची को लेकर नीचे चले गए थे। इसी बीच किसी रिश्तेदार का फोन आया है जिसे सुनते-सुनते उसकी मां भी जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड से नीचे आ गई। फोन सुनते हुए जब उसकी मां नीचे आई तो उसने अचानक बच्ची की रोने की आवाज सुनाई दी। तब उसने देखा कि दामाद बच्ची को नीचे लिटाकर उसका गला दबा रहे था। उसने तुरंत दोनों को धक्का दिया और उनसे बच्ची की जान बचाई। प्रसूता ने आरोप लगाया है कि ससुरालियों ने साफ बोल दिया था कि उन्हें केवल बेटा ही चाहिए। उसकी कोख से अब बेटी पैदा हुई तो ससुरालियों ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पहले लगा झपटमारी हुई
सिविल अस्पताल की कैदी गार्द में तैनात कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह के अनुसार वे गश्त पर थे जब उन्हें मेन गेट से रिक्शा पर आ रही बच्ची की पड़नानी पकड़ो-पकड़ो की आवाजें लगाती दिखी। उन्हें लगा कि शायद उससे छीना-झपटी हुई है। उन्होंने भागकर एक महिला व व्यक्ति को पोलिटेक्निक कॉलेज चौक से पकड़ा। पूछने पर उसने बताया कि ये तो उनके रिश्तेदार हैं। चूंकि मामला पारिवारिक था इसलिए दोनों को छोड़ दिया गया। करीब एक घंटे बाद पता चला कि उन्होंने नवजात को गला घोंटकर मारने की कोशिश की है।
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इस मामले में बच्ची को गला घोंटकर मारने के प्रयास का आरोप है। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। अभी तक ससुरालिए जांच में शामिल नहीं हो पाए हैं। हालांकि ससुरालिए तमाम आरोपों से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे बच्ची को अपने साथ ले जाने आए थे। बच्ची का गला घोंटने का किसी ने प्रयास नहीं किया।
बलजीत सिंह, जांच अधिकारी, बलदेव नगर थाना
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दोनों को धक्का देकर छुड़ाई बच्ची
पटियाला के गांव बपरौली की 22 वर्षीय महिला ने दिवाली की रात शहर के नागरिक अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया था। उसकी शादी एक जनवरी को लुधियाना के युवक से हुई थी। प्रसूता की मां ने बताया कि बेटी पैदा होने से उसका दामाद बेहद खफा हो गया। उसकी मां भी घर में बेटी के आने से खुश नहीं थी। असल में दोनों बेटा चाहते थे। पर उनकी चाहत पूरी नहीं हुई। प्रसूता की मां ने बताया कि बेटे की चाहत में ससुरालियों ने नीम, हकीम के साथ-साथ झाड़फूंक तक का भी सहारा लिया गया। उसने बताया कि बेटी के जन्म के बाद से ही पति उसे देखे बिना वापस चला गया था। दो दिन बाद ही वह अस्पताल में लौटा था। प्रसूता का कहना है कि शाम करीब छह बजे जैैसे ही थोड़ा अंधेरा हुआ उसका पति व सास बच्ची को लेकर नीचे चले गए थे। इसी बीच किसी रिश्तेदार का फोन आया है जिसे सुनते-सुनते उसकी मां भी जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड से नीचे आ गई। फोन सुनते हुए जब उसकी मां नीचे आई तो उसने अचानक बच्ची की रोने की आवाज सुनाई दी। तब उसने देखा कि दामाद बच्ची को नीचे लिटाकर उसका गला दबा रहे था। उसने तुरंत दोनों को धक्का दिया और उनसे बच्ची की जान बचाई। प्रसूता ने आरोप लगाया है कि ससुरालियों ने साफ बोल दिया था कि उन्हें केवल बेटा ही चाहिए। उसकी कोख से अब बेटी पैदा हुई तो ससुरालियों ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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पहले लगा झपटमारी हुई
सिविल अस्पताल की कैदी गार्द में तैनात कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह के अनुसार वे गश्त पर थे जब उन्हें मेन गेट से रिक्शा पर आ रही बच्ची की पड़नानी पकड़ो-पकड़ो की आवाजें लगाती दिखी। उन्हें लगा कि शायद उससे छीना-झपटी हुई है। उन्होंने भागकर एक महिला व व्यक्ति को पोलिटेक्निक कॉलेज चौक से पकड़ा। पूछने पर उसने बताया कि ये तो उनके रिश्तेदार हैं। चूंकि मामला पारिवारिक था इसलिए दोनों को छोड़ दिया गया। करीब एक घंटे बाद पता चला कि उन्होंने नवजात को गला घोंटकर मारने की कोशिश की है।
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इस मामले में बच्ची को गला घोंटकर मारने के प्रयास का आरोप है। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। अभी तक ससुरालिए जांच में शामिल नहीं हो पाए हैं। हालांकि ससुरालिए तमाम आरोपों से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे बच्ची को अपने साथ ले जाने आए थे। बच्ची का गला घोंटने का किसी ने प्रयास नहीं किया।
बलजीत सिंह, जांच अधिकारी, बलदेव नगर थाना