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नजमा खान को मौत के घाट उतारने वाले भाई व दूसरे पति सहित 3 आरोपियों का रिमांड खत्म
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साजिश के तहत अपनी बहन नजमा खान को मौत के घाट उतारने वाले उसके भाई इस्तियाक खान, दूसरे पति सुमन खान और गाड़ी के चालक आबिद खान का 5 दिन का पुलिस रिमांड वीरवार को खत्म हो गया। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपियों से 3 मोबाइल फोन, पिकअप गाड़ी और नकदी दौरान बरामद की है। सीआईए नारायणगढ़ पुलिस के इंचार्ज नरेंद्र कादियान ने बताया कि नजमा खान की शादी 1996 में जीमल खान निवासी ओलंदा जिला भरतपुर राजस्थान के साथ हुई थी। इनके दो बच्चे थे। 2010 में पड़ोसी गांव नागल का सुमन खान, नजमा खान और उसकी छोटी बच्ची को बहला फुसला कर भगाकर अंबाला छावनी के पंजोखरा के साथ लगते गांव कलरेहड़ी में जेडी फार्म कालोनी में ले आया था। यहीं वह पति-पत्नी के तौर पर रहे। सुमनखान की पहाड़ों में कंपनी से अच्छी खासी आय थी। नजमा खान भी सुमन खान के साथ मिलकर कंपनी की देखरेख करनी लगी थी। फरवरी 2019 में नजमा खान के कहने पर उसके पति सुमन खान ने कंपनी की हिसाब की देखरेख के लिए नजमा खान के भाई इस्तिायक खान को कंपनी में रखा गया था। करीब तीन माह बाद इस्तियाक खान का कंपनी के कर्मचारियों से लड़ाई-झगड़ा हो गया था। जिसपर नजमा ने कर्मचारियों का साथ दिया था। अपने भाई से ही माफी मंगवाई थी। नजमा खान अब नहीं चाहती थी कि उसका भाई अब कंपनी में काम करे। नजमा खान कंपनी में अपनी हिस्सेदारी भी अपने दूसरे पति से मांग करने लगी थी। इसलिए नजमा खान के भाई ने अपने दूसरे जीजा के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। साथ ही पूरी वारदात को हादसा दिखाने का प्रयास किया था। लेकिन नजमा के पहले पति की शिकायत ने पूरे मामले की पोल खोल दी और पुलिस जांच में सारा पर्दा उठ गया।
कैसे हुई थी नजमा की हत्या
इस्तियाक खान ने अपने दोस्त आबिदखान निवासी छज्जुखेड़ा राजस्थान से बातचीत कर नजमाखान को दुर्घटना के द्वारा खत्म करने पर उसे 1.50 लाख रुपये देने तय किए। डेढ़ लाख के लालच में आबिद ने नजमा को गाड़ी के नीचे कुचलने का आश्वासन दिया। 8 दिसंबर को सुबह करीब 8 बजे जब नजमा खान सैर करने निकली तो उस समय उसका भाई ईस्तियाक खान ने अपने दोस्त को फोन कर के बताया कि उसकी बहन घर से निकल पड़ी है। वह भी साथ था। जब दोस्त की गाड़ी आई तो इस्तियाक खान ने नजमा खान को गाड़ी के आगे धक्का दे दिया।
रिमांड के दौरान यह सामान किया बरामद
5 दिन की पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ईस्तियाक खान से मोबाइल, 30 हजार रुपये व क्रेडिट कार्ड, चालक आबिदखान से मोबाइल, 9500 रुपये व गाड़ी पिकअप, पति सुमनखान से मोबाइल बरामद किये गए।
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कैसे हुई थी नजमा की हत्या
इस्तियाक खान ने अपने दोस्त आबिदखान निवासी छज्जुखेड़ा राजस्थान से बातचीत कर नजमाखान को दुर्घटना के द्वारा खत्म करने पर उसे 1.50 लाख रुपये देने तय किए। डेढ़ लाख के लालच में आबिद ने नजमा को गाड़ी के नीचे कुचलने का आश्वासन दिया। 8 दिसंबर को सुबह करीब 8 बजे जब नजमा खान सैर करने निकली तो उस समय उसका भाई ईस्तियाक खान ने अपने दोस्त को फोन कर के बताया कि उसकी बहन घर से निकल पड़ी है। वह भी साथ था। जब दोस्त की गाड़ी आई तो इस्तियाक खान ने नजमा खान को गाड़ी के आगे धक्का दे दिया।
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रिमांड के दौरान यह सामान किया बरामद
5 दिन की पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ईस्तियाक खान से मोबाइल, 30 हजार रुपये व क्रेडिट कार्ड, चालक आबिदखान से मोबाइल, 9500 रुपये व गाड़ी पिकअप, पति सुमनखान से मोबाइल बरामद किये गए।
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