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Ambala News: गोवंश को गोशाला पहुंचाएगा निगम, एजेंसी को मिलेंगे 1350 रुपये
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अंबाला सिटी। शहर से बेसहारा गोवंश की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम ने कार्य शुरू कर दिया है। निगम ने बेसहारा गोवंश को शहर से गोशाला तक छोड़ने के लिए एक एजेंसी को वर्कऑर्डर दिया है।
यह एजेंसी बेसहारा गोवंश को शहर से गोशाला तक पहुंचाएगी। इसके लिए निगम एजेंसी को प्रति गोवंश 1350 रुपये देगा। निगम ने करीब डेढ़ वर्ष पहले भी बेसहारा गोवंश को पकड़ने के लिए वर्कऑर्डर दिया था, मगर बीच में कार्य बंद रहा। अब दोबारा एक एजेंसी को वर्कऑर्डर दिया गया है, हालांकि अभी तक निगम ने बेसहारा गोवंश को लेकर कोई स्थाई समाधान नहीं किया है।
निगम के पास अपनी गोशाला भी नहीं
नगर निगम के पास अभी तक अपनी कोई गोशाला नहीं है। इससे बेसहारा गोवंश को जिले में चल रही गोशाला में छोड़ना पड़ता है। निगम के सामने चुनौती यह भी रहती है कि जिले में चल रही अलग-अलग गोशालाओं में जगह की कमी के कारण भी ज्यादा गोवंश नहीं भेजे जा सकते। गोशाला संचालक भी ज्यादा पशु लेने से मना कर देते हैं। अब निगम ने गोशालाओं में जगह अनुसार पशुओं को भेजना शुरू किया है। इससे शहर में बेसहारा गोवंश के कारण परेशानी न हो। वहीं, निगम ने बीते माह डंगडेहरी गांव में भी गोशाला बनाने के लिए करीब सात एकड़ जमीन देखी थी।
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हर तरफ बेसहारा गोवंशों की भरमार
दरअसल, बेसहारा गोवंश की भरमार शहर से गांव तक देखी जा सकती है। गोवंश के कारण आए दिन सड़क हादसे भी हो रहे हैं। जनवरी व फरवरी माह में घने कोहरे में बेसहारा गोवंश के वाहनों के आगे आने से सड़क हादसे भी हुए। यही नहीं बेसहारा गोवंश पैदल जा रहे लोगों को भी टक्कर मारकर घायल कर रहे हैं। शहर के सेक्टर, कॉलोनियों में बेसहारा गोवंश की भरमार है। गांवों में बेसहारा गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। शहर के जंडली, मानव चौक, घास मंडी, अंबाला क्लब के पास, विकास विहार, सौंडा रोड, सेक्टर-7, 8, 9, 10 में बेसहारा गोवंश की भरमार है। वहीं, बीते माह भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह ने गोवंश के साथ शहर के नई अनाज मंडी व विधायक निवास पर प्रदर्शन किया था, इसके बाद निगम ने बेसहारा गोवंश को गोशाला में पहुंचाया था।
वर्जन
शहर से बेसहारा गोवंश को पकड़ने के लिए एजेंसी को वर्कऑर्डर दिया गया है। निगम एजेंसी को 1350 रुपये प्रति पशु के हिसाब से भुगतान करेगा।
मुकेश कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षण, नगर निगम।
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यह एजेंसी बेसहारा गोवंश को शहर से गोशाला तक पहुंचाएगी। इसके लिए निगम एजेंसी को प्रति गोवंश 1350 रुपये देगा। निगम ने करीब डेढ़ वर्ष पहले भी बेसहारा गोवंश को पकड़ने के लिए वर्कऑर्डर दिया था, मगर बीच में कार्य बंद रहा। अब दोबारा एक एजेंसी को वर्कऑर्डर दिया गया है, हालांकि अभी तक निगम ने बेसहारा गोवंश को लेकर कोई स्थाई समाधान नहीं किया है।
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निगम के पास अपनी गोशाला भी नहीं
नगर निगम के पास अभी तक अपनी कोई गोशाला नहीं है। इससे बेसहारा गोवंश को जिले में चल रही गोशाला में छोड़ना पड़ता है। निगम के सामने चुनौती यह भी रहती है कि जिले में चल रही अलग-अलग गोशालाओं में जगह की कमी के कारण भी ज्यादा गोवंश नहीं भेजे जा सकते। गोशाला संचालक भी ज्यादा पशु लेने से मना कर देते हैं। अब निगम ने गोशालाओं में जगह अनुसार पशुओं को भेजना शुरू किया है। इससे शहर में बेसहारा गोवंश के कारण परेशानी न हो। वहीं, निगम ने बीते माह डंगडेहरी गांव में भी गोशाला बनाने के लिए करीब सात एकड़ जमीन देखी थी।
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हर तरफ बेसहारा गोवंशों की भरमार
दरअसल, बेसहारा गोवंश की भरमार शहर से गांव तक देखी जा सकती है। गोवंश के कारण आए दिन सड़क हादसे भी हो रहे हैं। जनवरी व फरवरी माह में घने कोहरे में बेसहारा गोवंश के वाहनों के आगे आने से सड़क हादसे भी हुए। यही नहीं बेसहारा गोवंश पैदल जा रहे लोगों को भी टक्कर मारकर घायल कर रहे हैं। शहर के सेक्टर, कॉलोनियों में बेसहारा गोवंश की भरमार है। गांवों में बेसहारा गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। शहर के जंडली, मानव चौक, घास मंडी, अंबाला क्लब के पास, विकास विहार, सौंडा रोड, सेक्टर-7, 8, 9, 10 में बेसहारा गोवंश की भरमार है। वहीं, बीते माह भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह ने गोवंश के साथ शहर के नई अनाज मंडी व विधायक निवास पर प्रदर्शन किया था, इसके बाद निगम ने बेसहारा गोवंश को गोशाला में पहुंचाया था।
वर्जन
शहर से बेसहारा गोवंश को पकड़ने के लिए एजेंसी को वर्कऑर्डर दिया गया है। निगम एजेंसी को 1350 रुपये प्रति पशु के हिसाब से भुगतान करेगा।
मुकेश कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षण, नगर निगम।