{"_id":"60e9ffe98ebc3ec20b218bff","slug":"corporation-will-tighten-its-screws-on-800-borrowers-including-44-educational-institutions-ambala-news-knl760547193","type":"story","status":"publish","title_hn":"44 शिक्षण संस्थानों सहित 800 कर्जदारों पर कसेगा निगम का शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
44 शिक्षण संस्थानों सहित 800 कर्जदारों पर कसेगा निगम का शिकंजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला सिटी। लंबे समय से प्रापर्टी टैक्स नहीं भरने वाले 800 बकाएदारोें की लिस्ट निगम ने तैयार कर ली है। खाली हो चुके सरकारी खजाने को भरने के लिए अब नगर निगम की टीम इन पर 20 जुलाई के बाद कभी भी बड़ी कार्रवाई कर सकती है। डिफाल्टरों की सूची में न केवल प्राइवेट संस्थान बल्कि सरकारी विभाग भी शामिल हैं। बकाएदारोें के पास नगर निगम के करीब 23 करोड़ रुपये फंसे हैं। इन सभी को 20 जुलाई तक बकाया जमा करने का नोटिस दिया गया है। इसके बाद निगम की टीम सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम देगी।
नगर निगम बनने के बाद वर्ष 2012-13 में महज 1.16 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई और बकाया 2.65 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद वर्ष 2013-14 में छह करोड़ की रिकवरी हुई और बकाया 2.26 करोड़ रह गया। 2014-15 में महज 70 लाख की रिकवरी हुई और 7 करोड़ 56 लाख बकाया रह गया। यहीं से खेल बिगड़ गया। 2015-16 में रिकवरी 2.25 करोड़ की हुई और बैलेंस 11.30 करोड़ हो गया। 2016-17 में 5.68 करोड़ रिकवरी हुई और 11.99 करोड़ बकाया हो गया। 2017-18 में 2.93 करोड़ रिकवरी और बैलेंस 15.49 करोड़, 2018-19 में रिकवरी 3.87 और बैलेंस बढ़कर 17.97 करोड़ पहुंच गया। 2019-20 में रिकवरी 7.46 करोड़ और बकाया 17.22 करोड़ हो गया। 2020-21 में रिकवरी 7.68 करोड़ की रिकवरी हुई और बैलेंस 16.26 करोड़ रह गया। इस साल की डिमांड करीब 6.72 करोड़ की है। इस तरह करीब 23 करोड़ कुल बना था, जिसमें से मार्च से अब तक करीब एक करोड़ की रिकवरी हो चुकी है। संवाद
किस पर कितना प्रॉपर्टी टैक्स बकाया
44 स्कूल पर 3 करोड़ 76 लाख 46 हजार 508 रुपये
8 बैंकों पर 35 लाख 96 हजार 686 रुपये
4 होटलों पर 18 लाख 62 हजार 297 रुपये
2 पीजी पर 10 लाख 74 हजार 817 रुपये
4 पेट्रोल पंपों पर 7 लाख 58 हजार 814 रुपये
6 अस्पतालों पर 57 लाख 15 हजार 805 रुपये
16 मैरिज पैलेसों पर 65 लाख 33 हजार 390 रुपये
लंबे समय से टैक्स नहीं भर रहे बकाएदारों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन सभी को नोटिस दिए जा चुके हैं। करीब 23 करोड़ रुपये बकाएदारों से लिए जाने हैं। नोटिस के बाद भी जो बकाएदार टैक्स नहीं जमा करेंगे तो उनके संस्थानों को सील भी किया जाएगा।
विज्ञापन
- धीरेंद्र खडगटा, आयुक्त नगर निगम
विज्ञापन
नगर निगम बनने के बाद वर्ष 2012-13 में महज 1.16 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई और बकाया 2.65 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद वर्ष 2013-14 में छह करोड़ की रिकवरी हुई और बकाया 2.26 करोड़ रह गया। 2014-15 में महज 70 लाख की रिकवरी हुई और 7 करोड़ 56 लाख बकाया रह गया। यहीं से खेल बिगड़ गया। 2015-16 में रिकवरी 2.25 करोड़ की हुई और बैलेंस 11.30 करोड़ हो गया। 2016-17 में 5.68 करोड़ रिकवरी हुई और 11.99 करोड़ बकाया हो गया। 2017-18 में 2.93 करोड़ रिकवरी और बैलेंस 15.49 करोड़, 2018-19 में रिकवरी 3.87 और बैलेंस बढ़कर 17.97 करोड़ पहुंच गया। 2019-20 में रिकवरी 7.46 करोड़ और बकाया 17.22 करोड़ हो गया। 2020-21 में रिकवरी 7.68 करोड़ की रिकवरी हुई और बैलेंस 16.26 करोड़ रह गया। इस साल की डिमांड करीब 6.72 करोड़ की है। इस तरह करीब 23 करोड़ कुल बना था, जिसमें से मार्च से अब तक करीब एक करोड़ की रिकवरी हो चुकी है। संवाद
विज्ञापन
किस पर कितना प्रॉपर्टी टैक्स बकाया
44 स्कूल पर 3 करोड़ 76 लाख 46 हजार 508 रुपये
8 बैंकों पर 35 लाख 96 हजार 686 रुपये
4 होटलों पर 18 लाख 62 हजार 297 रुपये
2 पीजी पर 10 लाख 74 हजार 817 रुपये
4 पेट्रोल पंपों पर 7 लाख 58 हजार 814 रुपये
6 अस्पतालों पर 57 लाख 15 हजार 805 रुपये
16 मैरिज पैलेसों पर 65 लाख 33 हजार 390 रुपये
लंबे समय से टैक्स नहीं भर रहे बकाएदारों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन सभी को नोटिस दिए जा चुके हैं। करीब 23 करोड़ रुपये बकाएदारों से लिए जाने हैं। नोटिस के बाद भी जो बकाएदार टैक्स नहीं जमा करेंगे तो उनके संस्थानों को सील भी किया जाएगा।
विज्ञापन
- धीरेंद्र खडगटा, आयुक्त नगर निगम