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Ambala News: ठेके पर कारिंदे ने लगाया फंदा, मौत
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शहजादपुर (अंबाला)। शराब के ठेके पर काम करने वाले कारिंदे ने शराब के ठेके में पंखे पर परने से फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमे उसने अपने मौत का जिम्मेदार आरोपी शंटी नामक व्यक्ति को बताया है। लिखा है कि वह उसे परेशान करता था और दस पेटी शराब ले गया था, और बोला था वह जाने या ठेकेदार। पुलिस ने इस मामले में बेटे गुरप्रीत की शिकायत पर शेरपुर गांव निवासी शंटी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
थाना शहजादपुर पुलिस को दी शिकायत में कोडवा खुर्द गांव निवासी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उनकी तीन दुकानें मौजा गांव कोडवा खुर्द में हैं। जिसमे से एक दुकान में वीरेन गर्ग एंड कंपनी के नाम का शराब का ठेका है। इस ठेके की देखरेख रंजीत सिंह ठेकेदार करता है। जबकि इसी ठेके पर उसके पिता सेल्समेन का काम करते थे, और रात में ठेके पर ही सोते थे। ठेके के साथ में बनी हुई दो दुकानों में वह मीट चिकन का काम करता है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शंटी रोजाना उसके ठेके पर आकर पिता चरणजीत सिंंह दिन में जितनी भी सेल होती थी वह ले जाता था और 500 रुपये और ज्यादा अपने लिए कमिशन मांगता था। पिता ने उसे कई बार आराेपी के बारे में बताया था, 3 मार्च को भी शंटी पिता से 10 पेटी शराब ले गया था। जब पिता ने रुपये मांगे तो उसने मना कर दिया। बोला कि मैं जानू या ठेकेदार जाने । ऐसे में पिता ने बोला वह शराब खुद लेते हैं तो हिसाब भी उन्हे ही देना है। ऐसे में आरोपी ने 10 पेटी का कोई हिसाब नहीं दिया और उसके पिता को धमकाया। सोमवार की सुबह जब वह अपनी बुआ के लड़के तेजेंद्र के साथ दुकान पर गए तो देखा कि ठेके का दरवाजा बंद है और शटर गिरा हुआ था।
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जब शटर उठाकर देखा तो उसके पिता पंखे से परने का फंदा लगाया हुआ था। जब उन दोनों पिता को नीचे उतारा तो उनकी मौत हो चुकी थी। तलाशी लेने पर उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था कि मेरी मौत का जिम्मेदार शंटी है, आरोपी ठेके से 10 पेटी शराब लेकर गया था और बोला था कि मैं जानू या ठेकेदार सुसाइड नोट में लिखा था कि मेरे बालू बाय बाय मेरे बच्चे दा कोई कसूर नहीं है। जिन्ना कसूर है शंटी दा है, वहीं लिखा था कि अमरजीत कौर मैं किसे दा पैसा नहीं देना। जितनी पेटी पानी रखवाया, सब पर आरोपी शंटी ने मेरे कोलो 500 रुपये रोज मंगदा है, शिकायतकर्ता बेटे ने पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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थाना शहजादपुर पुलिस को दी शिकायत में कोडवा खुर्द गांव निवासी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उनकी तीन दुकानें मौजा गांव कोडवा खुर्द में हैं। जिसमे से एक दुकान में वीरेन गर्ग एंड कंपनी के नाम का शराब का ठेका है। इस ठेके की देखरेख रंजीत सिंह ठेकेदार करता है। जबकि इसी ठेके पर उसके पिता सेल्समेन का काम करते थे, और रात में ठेके पर ही सोते थे। ठेके के साथ में बनी हुई दो दुकानों में वह मीट चिकन का काम करता है।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शंटी रोजाना उसके ठेके पर आकर पिता चरणजीत सिंंह दिन में जितनी भी सेल होती थी वह ले जाता था और 500 रुपये और ज्यादा अपने लिए कमिशन मांगता था। पिता ने उसे कई बार आराेपी के बारे में बताया था, 3 मार्च को भी शंटी पिता से 10 पेटी शराब ले गया था। जब पिता ने रुपये मांगे तो उसने मना कर दिया। बोला कि मैं जानू या ठेकेदार जाने । ऐसे में पिता ने बोला वह शराब खुद लेते हैं तो हिसाब भी उन्हे ही देना है। ऐसे में आरोपी ने 10 पेटी का कोई हिसाब नहीं दिया और उसके पिता को धमकाया। सोमवार की सुबह जब वह अपनी बुआ के लड़के तेजेंद्र के साथ दुकान पर गए तो देखा कि ठेके का दरवाजा बंद है और शटर गिरा हुआ था।
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जब शटर उठाकर देखा तो उसके पिता पंखे से परने का फंदा लगाया हुआ था। जब उन दोनों पिता को नीचे उतारा तो उनकी मौत हो चुकी थी। तलाशी लेने पर उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था कि मेरी मौत का जिम्मेदार शंटी है, आरोपी ठेके से 10 पेटी शराब लेकर गया था और बोला था कि मैं जानू या ठेकेदार सुसाइड नोट में लिखा था कि मेरे बालू बाय बाय मेरे बच्चे दा कोई कसूर नहीं है। जिन्ना कसूर है शंटी दा है, वहीं लिखा था कि अमरजीत कौर मैं किसे दा पैसा नहीं देना। जितनी पेटी पानी रखवाया, सब पर आरोपी शंटी ने मेरे कोलो 500 रुपये रोज मंगदा है, शिकायतकर्ता बेटे ने पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।