{"_id":"695ec15012291afa03081e5a","slug":"contaminated-water-coming-from-old-pipeline-causing-problems-for-30-thousand-people-ambala-news-c-36-1-sknl1003-156011-2026-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: पुरानी पाइपलाइन से आ रहा दूषित पानी, 30 हजार लोगों को परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: पुरानी पाइपलाइन से आ रहा दूषित पानी, 30 हजार लोगों को परेशानी
Thu, 08 Jan 2026 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:55 AM IST
विज्ञापन
महेश नगर स्थित शास्त्री नगर में नाले के ऊपर से गुजर रही प्लास्टिक की पेयजल लाइन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के शास्त्री नगर सहित करीब 12 कॉलोनियों के लगभग 30 हजार लोग पिछले 15 वर्षों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
क्षेत्र में बिछी करीब 30 साल पुरानी पेयजल पाइप लाइनें अब दम तोड़ चुकी हैं, इसके चलते स्थानीय निवासियों के घरों में मटमैला और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है।
आलम यह है कि लोग बीमारियों के खौफ में जीने को मजबूर हैं, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग ने अभी तक जर्जर हो चुके इन पाइपों को नहीं बदला है। इससे आगामी गर्मियों के मौसम में एक बार फिर से लोगों के लिए मुसीबत बन जाएगी।
अस्थायी प्रबंध बना गले की फांस : हाल ही में जब गंदे पानी की समस्या गहराने लगी, तो विभाग ने नहरी पानी की एक छोटी पाइप डालकर अस्थायी प्रबंध कर दिया और वह भी गंदे नाले के साथ पाइप जोड़कर लेकिन यह राहत भी ज्यादा दिन नहीं टिकी।
विज्ञापन
पाइप को सहारा देने वाले क्लंप टूट जाने के कारण अब यह पाइप लाइन सीधे गंदे नाले में गिर जाती है और फिर नाले की गंदगी पाइप के जरिए सीधे लोगों के किचन तक पहुंच जाती है और इससे महामारी फैलने का खतरा पैदा हो जाता है।
विज्ञापन
अंबाला। छावनी के शास्त्री नगर सहित करीब 12 कॉलोनियों के लगभग 30 हजार लोग पिछले 15 वर्षों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
क्षेत्र में बिछी करीब 30 साल पुरानी पेयजल पाइप लाइनें अब दम तोड़ चुकी हैं, इसके चलते स्थानीय निवासियों के घरों में मटमैला और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है।
आलम यह है कि लोग बीमारियों के खौफ में जीने को मजबूर हैं, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग ने अभी तक जर्जर हो चुके इन पाइपों को नहीं बदला है। इससे आगामी गर्मियों के मौसम में एक बार फिर से लोगों के लिए मुसीबत बन जाएगी।
विज्ञापन
अस्थायी प्रबंध बना गले की फांस : हाल ही में जब गंदे पानी की समस्या गहराने लगी, तो विभाग ने नहरी पानी की एक छोटी पाइप डालकर अस्थायी प्रबंध कर दिया और वह भी गंदे नाले के साथ पाइप जोड़कर लेकिन यह राहत भी ज्यादा दिन नहीं टिकी।
विज्ञापन
पाइप को सहारा देने वाले क्लंप टूट जाने के कारण अब यह पाइप लाइन सीधे गंदे नाले में गिर जाती है और फिर नाले की गंदगी पाइप के जरिए सीधे लोगों के किचन तक पहुंच जाती है और इससे महामारी फैलने का खतरा पैदा हो जाता है।

महेश नगर स्थित शास्त्री नगर में नाले के ऊपर से गुजर रही प्लास्टिक की पेयजल लाइन। संवाद

महेश नगर स्थित शास्त्री नगर में नाले के ऊपर से गुजर रही प्लास्टिक की पेयजल लाइन। संवाद

महेश नगर स्थित शास्त्री नगर में नाले के ऊपर से गुजर रही प्लास्टिक की पेयजल लाइन। संवाद

महेश नगर स्थित शास्त्री नगर में नाले के ऊपर से गुजर रही प्लास्टिक की पेयजल लाइन। संवाद

महेश नगर स्थित शास्त्री नगर में नाले के ऊपर से गुजर रही प्लास्टिक की पेयजल लाइन। संवाद