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Ambala News: दो बार नोटिस के बाद भी प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियां ठीक नहीं कर पाई कंपनी
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सतनाम सिंह
अंबाला सिटी। शहर की प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियां ठीक करने के लिए निगम द्वारा नए सिरे से करवाए जा रहे कार्य मेयर शक्ति रानी शर्मा ने सवाल खड़े किए। यही नहीं उन्होंने बिना उनको कोई सूचना दिए इस कार्य को पास करने का निगम अधिकारियों पर आरोप लगाया और कंपनी को दिए इस कार्य को घोटाला करार दिया। बता दें कि शहर में करीब एक लाख 22 हजार प्रॉपर्टी आईडी हैं।
अगस्त माह में एक कंपनी को प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियां ठीक करने के लिए कार्य दिया गया था। त्रुटियों को दूर करने के लिए कंपनी को एक महीने में लोगों से फार्म भरवाकर निगम में जमा करवाना था, मगर तीन महीने बीतने के बाद भी निगम में करीब 1000 फार्म ही पहुंचे। वहीं, निगम अधिकारियों की तरफ से कंपनी को तय समय में कार्य पूरा न करने पर दो बार नोटिस दिया। हालांकि, अभी तक यह कार्य चल रहा है।
मेयर शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि निगम ने शहर में प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियों को दूर करने के लिए परफेक्ट नाम की एक कंपनी को ठेका दिया था। कंपनी ने यह ऑब्जेक्शन फार्म प्रिंट कर घर-घर पहुंचाने हैं और फार्म भरकर तीन दिन में वापस निगम में जमा करवाना है। उनके संज्ञान में आया है कि कंपनी के लोग घरों में फार्म देकर आ गए हैं और लोग खुद निगम कार्यालय में आकर फार्म जमा करवा रहे हैं। लोग फार्म जमा करवाने के लिए निगम में धक्के खा रहे हैं।
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टैक्स के साथ दिए जा रहे फाॅर्म
दूसरी ओर, किसी की आईडी में नाम तो किसी की आईडी में पता, मोबाइल नंबर, गज, जगह गलत दर्शायी गई है। सरकार ने ऐसी प्राॅपर्टी आईडी को ठीक करने के लिए कंपनी को कार्य दिया है। ऑब्जेक्शन फार्म सभी लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स के बिलों के साथ दिए जा रहे हैं। इस ऑब्जेक्शन फार्म में उन लोगों को अपनी प्रॉपर्टी संबंधित जानकारी भरनी है, जिनकी आईडी में कोई त्रुटि है। एक ऑब्जेक्शन फार्म के कंपनी को करीब 29 रुपये 95 पैसे मिलेंगे।
प्रॉपर्टी टैक्स के बिल के साथ शहर के लोगों को एक ऑब्जेक्शन फार्म भी जोड़कर भेजा गया कि अगर किसी की प्रॉपर्टी आईडी में कोई गलती रह गई है तो इस ऑब्जेक्शन फार्म को भरकर ठीक करवा सकते हैं। यह कार्य आउटसोर्सिंग के तहत करवाया जा रहा है। यह टेंडर नहीं है। अभी तक निगम के पास करीब 1000 ऑब्जेक्शन फार्म वापस भी आ भी गए हैं। अभी कार्य थोड़ा धीमा चल रहा है। इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे।
-संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।
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अंबाला सिटी। शहर की प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियां ठीक करने के लिए निगम द्वारा नए सिरे से करवाए जा रहे कार्य मेयर शक्ति रानी शर्मा ने सवाल खड़े किए। यही नहीं उन्होंने बिना उनको कोई सूचना दिए इस कार्य को पास करने का निगम अधिकारियों पर आरोप लगाया और कंपनी को दिए इस कार्य को घोटाला करार दिया। बता दें कि शहर में करीब एक लाख 22 हजार प्रॉपर्टी आईडी हैं।
अगस्त माह में एक कंपनी को प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियां ठीक करने के लिए कार्य दिया गया था। त्रुटियों को दूर करने के लिए कंपनी को एक महीने में लोगों से फार्म भरवाकर निगम में जमा करवाना था, मगर तीन महीने बीतने के बाद भी निगम में करीब 1000 फार्म ही पहुंचे। वहीं, निगम अधिकारियों की तरफ से कंपनी को तय समय में कार्य पूरा न करने पर दो बार नोटिस दिया। हालांकि, अभी तक यह कार्य चल रहा है।
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मेयर शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि निगम ने शहर में प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियों को दूर करने के लिए परफेक्ट नाम की एक कंपनी को ठेका दिया था। कंपनी ने यह ऑब्जेक्शन फार्म प्रिंट कर घर-घर पहुंचाने हैं और फार्म भरकर तीन दिन में वापस निगम में जमा करवाना है। उनके संज्ञान में आया है कि कंपनी के लोग घरों में फार्म देकर आ गए हैं और लोग खुद निगम कार्यालय में आकर फार्म जमा करवा रहे हैं। लोग फार्म जमा करवाने के लिए निगम में धक्के खा रहे हैं।
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टैक्स के साथ दिए जा रहे फाॅर्म
दूसरी ओर, किसी की आईडी में नाम तो किसी की आईडी में पता, मोबाइल नंबर, गज, जगह गलत दर्शायी गई है। सरकार ने ऐसी प्राॅपर्टी आईडी को ठीक करने के लिए कंपनी को कार्य दिया है। ऑब्जेक्शन फार्म सभी लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स के बिलों के साथ दिए जा रहे हैं। इस ऑब्जेक्शन फार्म में उन लोगों को अपनी प्रॉपर्टी संबंधित जानकारी भरनी है, जिनकी आईडी में कोई त्रुटि है। एक ऑब्जेक्शन फार्म के कंपनी को करीब 29 रुपये 95 पैसे मिलेंगे।
प्रॉपर्टी टैक्स के बिल के साथ शहर के लोगों को एक ऑब्जेक्शन फार्म भी जोड़कर भेजा गया कि अगर किसी की प्रॉपर्टी आईडी में कोई गलती रह गई है तो इस ऑब्जेक्शन फार्म को भरकर ठीक करवा सकते हैं। यह कार्य आउटसोर्सिंग के तहत करवाया जा रहा है। यह टेंडर नहीं है। अभी तक निगम के पास करीब 1000 ऑब्जेक्शन फार्म वापस भी आ भी गए हैं। अभी कार्य थोड़ा धीमा चल रहा है। इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे।
-संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।