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आ रहे हैं सुप्रीम कमांडर, एयरफोर्स को सुरक्षा की टेंशन
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Sat, 05 Nov 2016 12:37 AM IST
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पत्रकारों से बात करे एयर मार्शल चीफ डीबी देव
- फोटो : amar ujala
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देश में तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर एवं राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अंबाला एयरफोर्स स्टेशन आएंगे। 10 नवंबर को वे यहां अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में एयरफोर्स के कलर प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचेंगे। इस दिन राष्ट्रपति 501 सिग्नल और 30 एयरफोर्स स्काउडन को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए निशान ध्वज देकर सम्मानित करेंगे।
एयरफोर्स अथॉरिटी ने जहां राष्ट्रपति के आगमन और कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली हैं, वहीं अंबाला में राष्ट्रपति की सुरक्षा स्थानीय एयरफोर्स अथॉरिटी के लिए सबसे बड़ा मुद्दा होगी। क्योंकि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन न केवल अति संवेदनशील स्टेशन की श्रेणी में आता है, बल्कि इसकी सुरक्षा में भी कई छेद हैं।
शुक्रवार को एयरफोर्स स्टेशन में पत्रकार वार्ता के दौरान एयरफोर्स अफसरों ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन की सिक्योरिटी वाकई एक गंभीर मुद्दा है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि अंबाला एयरफोर्स अथॉरिटी इस चुनौती को बहुत ही गंभीरता से ले रही है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर को अंबाला एयरफोर्स अथॉरिटी ने अपना अलग स्पेशल सिक्योरिटी प्लान तैयार किया है जिसके तहत कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
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अंबाला एयरफोर्स को लेकर इसलिए है टेंशन
दरअसल, अंबाला एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता इसलिए है, क्योंकि यहां एयरफोर्स स्टेशन का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से सिविल एरिया में बसी अवैध कॉलोनियों के साथ सटा है। एयरफोर्स स्टेशन की दीवार के साथ-साथ काफी दूर तक यह कॉलोनियां व नगर बसे हुए हैं। टेंशन की बात यह कि इन कॉलोनियों में बने घरों और एयरफोर्स की सेफ्टी वॉल में दूरी करीबन एक मीटर की है।
कोई भी आतंकी या संदिग्ध आराम से एयरफोर्स स्टेशन में दाखिल हो सकता है। ज्यादा गंभीर बात यह कि ऐसा कई बार हो चुका है और एयरफोर्स अथॉरिटी कई संदिग्धों को काबू भी कर चुकी है। इसमें एक नेपाली भी शामिल है। जबकि आतंकी मेेजर सिंह टुुंडा तो एयरफोर्स स्टेशन अंबाला में दाखिल भी हो गया था, जिसे बाद में भीतर ही मुठभेड़ में मार गिराया था।
हालांकि एयरफोर्स अथॉरिटी ने अब दीवारों पर ये सूचना भी ‘घुसपैठिए को देखते ही गोली मार दी जाएगी’ चस्पा करवा दी है। लेकिन उसके बावजूद अंबाला एयरफोर्स की सुरक्षा को लेकर टेंशन लगातार बरकरार है, वो भी ऐसे मौके पर, जब अंबाला में देश के राष्ट्रपति पहुंच रहे हो।
उधर, इसी मसले पर एयरफोर्स अफसरों ने बताया कि इस मुद्दे को कई बार जिला प्रशासन और स्थानीय सरकार के समक्ष भेजा गया है और इस पर कार्रवाई चल रही है। उनके अनुसार एयरफोर्स अथॉरिटी अंबाला एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से गंभीर है।
दुश्मन का बड़ा टारगेट है अंबाला
एयरफोर्स अथॉरिटी भी मानती है कि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पाकिस्तान के हमेशा निशाने पर रहता है। क्योंकि दिल्ली से पहले यही दुश्मन के लिए एक लास्ट फिल्टर यानी दिल्ली तक पहुंचने का आखिरी पड़ाव है। वैसे तो पंजाब में पठानकोट और बरनाला एयरफोर्स स्टेशन मौजूद हैं। लेकिन यदि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन को दुश्मन नेस्तानाबूत करने में कामयाब हो जाता है, तो उसके बाद दिल्ली पहुंचने में मुश्किल नहीं होगी। इसलिए अंबाला में एयरफोर्स की 7 विंग की सुरक्षा को लेकर एयरफोर्स अथॉरिटी हमेशा चिंतित रहती है और अंबाला एयरफोर्स भी इसी को लेकर हाई अलर्ट पर रहता है।
एयरफोर्स की दो यूनिटों को प्रेजीडेंट करेंगे सम्मानित
एयर मार्शल एसबी देव ने बताया कि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 10 नवंबर को प्रात: 10 बजे एयर फोर्स स्टेशन अंबाला में कलर प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। इस दिन राष्ट्रपति 501 सिग्नल और 30 एयर फोर्स स्काउडन को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए निशान ध्वज देकर सम्मानित करेंगे।
उन्होंने कहा कि वायु सेना के लिए निशान ध्वज हासिल करना एक गौरवमयी अवसर होता है और अंबाला में 22 वर्ष के बाद यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर निशान ध्वज हासिल करने वाली 501 सिग्नल और 30 ऐयर फोर्स स्काउडन की टुकड़ियों द्वारा शानदार परेड का प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके अलावा ऐराबैटिक का प्रदर्शन तथा हैलीकॉप्टर डिस्प्ले जैसे मनोरंजक और हैरतअंगेज प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हैलीकॉप्टर सारंग डिस्प्ले में जो हैलीकॉप्टर प्रयोग होता है वह देश का अपना निर्मित हैलीकॉप्टर है।
उन्होंने बताया कि 501 सिग्नल यूनिट बरनाला में स्थित है जिसके उपर पंजाब और उत्तरी क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेवारी है। उन्होंने बताया कि यह यूनिट 26 अगस्त 1964 को स्थापित की गई थी जो वैस्ट्रन ऐयर कमांड के अंतर्गत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस समय इस यूनिट का कार्यभार ग्रुप कैप्टन विनीत जिंदल देख रहे हैं।
इसी प्रकार राष्ट्रपति इस दिन 30 स्काउडन वायु सेना यूनिट को भी निशान ध्वज प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 30 स्काउडन यूनिट 1 नवंबर 1969 को पुणे में स्थापित की गई थी और इस यूनिट में मिग 21 एयरक्राफ्ट के माध्यम से सुरक्षा कार्य देखा जाता है। इस यूनिट का कार्यभार विंग कमाडर एए फंसलकर देख रहे हैं। इस अवसर पर एयर फोर्स स्टेशन अंबाला के एयर कमांडर तेजिन्द्र सिंह, ग्रुप कैप्टन विनीत जिंदल, ग्रुप कमांडर एए फंसलकर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पठानकोट हमले में एयरफोर्स के शहीद कमांडो गुरसेवक के परिवार को भी इस कार्यक्रम का निमंत्रण भेजा जाएगा।
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एयरफोर्स अथॉरिटी ने जहां राष्ट्रपति के आगमन और कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली हैं, वहीं अंबाला में राष्ट्रपति की सुरक्षा स्थानीय एयरफोर्स अथॉरिटी के लिए सबसे बड़ा मुद्दा होगी। क्योंकि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन न केवल अति संवेदनशील स्टेशन की श्रेणी में आता है, बल्कि इसकी सुरक्षा में भी कई छेद हैं।
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शुक्रवार को एयरफोर्स स्टेशन में पत्रकार वार्ता के दौरान एयरफोर्स अफसरों ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन की सिक्योरिटी वाकई एक गंभीर मुद्दा है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि अंबाला एयरफोर्स अथॉरिटी इस चुनौती को बहुत ही गंभीरता से ले रही है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर को अंबाला एयरफोर्स अथॉरिटी ने अपना अलग स्पेशल सिक्योरिटी प्लान तैयार किया है जिसके तहत कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
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अंबाला एयरफोर्स को लेकर इसलिए है टेंशन
दरअसल, अंबाला एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता इसलिए है, क्योंकि यहां एयरफोर्स स्टेशन का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से सिविल एरिया में बसी अवैध कॉलोनियों के साथ सटा है। एयरफोर्स स्टेशन की दीवार के साथ-साथ काफी दूर तक यह कॉलोनियां व नगर बसे हुए हैं। टेंशन की बात यह कि इन कॉलोनियों में बने घरों और एयरफोर्स की सेफ्टी वॉल में दूरी करीबन एक मीटर की है।
कोई भी आतंकी या संदिग्ध आराम से एयरफोर्स स्टेशन में दाखिल हो सकता है। ज्यादा गंभीर बात यह कि ऐसा कई बार हो चुका है और एयरफोर्स अथॉरिटी कई संदिग्धों को काबू भी कर चुकी है। इसमें एक नेपाली भी शामिल है। जबकि आतंकी मेेजर सिंह टुुंडा तो एयरफोर्स स्टेशन अंबाला में दाखिल भी हो गया था, जिसे बाद में भीतर ही मुठभेड़ में मार गिराया था।
हालांकि एयरफोर्स अथॉरिटी ने अब दीवारों पर ये सूचना भी ‘घुसपैठिए को देखते ही गोली मार दी जाएगी’ चस्पा करवा दी है। लेकिन उसके बावजूद अंबाला एयरफोर्स की सुरक्षा को लेकर टेंशन लगातार बरकरार है, वो भी ऐसे मौके पर, जब अंबाला में देश के राष्ट्रपति पहुंच रहे हो।
उधर, इसी मसले पर एयरफोर्स अफसरों ने बताया कि इस मुद्दे को कई बार जिला प्रशासन और स्थानीय सरकार के समक्ष भेजा गया है और इस पर कार्रवाई चल रही है। उनके अनुसार एयरफोर्स अथॉरिटी अंबाला एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से गंभीर है।
दुश्मन का बड़ा टारगेट है अंबाला
एयरफोर्स अथॉरिटी भी मानती है कि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पाकिस्तान के हमेशा निशाने पर रहता है। क्योंकि दिल्ली से पहले यही दुश्मन के लिए एक लास्ट फिल्टर यानी दिल्ली तक पहुंचने का आखिरी पड़ाव है। वैसे तो पंजाब में पठानकोट और बरनाला एयरफोर्स स्टेशन मौजूद हैं। लेकिन यदि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन को दुश्मन नेस्तानाबूत करने में कामयाब हो जाता है, तो उसके बाद दिल्ली पहुंचने में मुश्किल नहीं होगी। इसलिए अंबाला में एयरफोर्स की 7 विंग की सुरक्षा को लेकर एयरफोर्स अथॉरिटी हमेशा चिंतित रहती है और अंबाला एयरफोर्स भी इसी को लेकर हाई अलर्ट पर रहता है।
एयरफोर्स की दो यूनिटों को प्रेजीडेंट करेंगे सम्मानित
एयर मार्शल एसबी देव ने बताया कि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 10 नवंबर को प्रात: 10 बजे एयर फोर्स स्टेशन अंबाला में कलर प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। इस दिन राष्ट्रपति 501 सिग्नल और 30 एयर फोर्स स्काउडन को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए निशान ध्वज देकर सम्मानित करेंगे।
उन्होंने कहा कि वायु सेना के लिए निशान ध्वज हासिल करना एक गौरवमयी अवसर होता है और अंबाला में 22 वर्ष के बाद यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर निशान ध्वज हासिल करने वाली 501 सिग्नल और 30 ऐयर फोर्स स्काउडन की टुकड़ियों द्वारा शानदार परेड का प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके अलावा ऐराबैटिक का प्रदर्शन तथा हैलीकॉप्टर डिस्प्ले जैसे मनोरंजक और हैरतअंगेज प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हैलीकॉप्टर सारंग डिस्प्ले में जो हैलीकॉप्टर प्रयोग होता है वह देश का अपना निर्मित हैलीकॉप्टर है।
उन्होंने बताया कि 501 सिग्नल यूनिट बरनाला में स्थित है जिसके उपर पंजाब और उत्तरी क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेवारी है। उन्होंने बताया कि यह यूनिट 26 अगस्त 1964 को स्थापित की गई थी जो वैस्ट्रन ऐयर कमांड के अंतर्गत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस समय इस यूनिट का कार्यभार ग्रुप कैप्टन विनीत जिंदल देख रहे हैं।
इसी प्रकार राष्ट्रपति इस दिन 30 स्काउडन वायु सेना यूनिट को भी निशान ध्वज प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 30 स्काउडन यूनिट 1 नवंबर 1969 को पुणे में स्थापित की गई थी और इस यूनिट में मिग 21 एयरक्राफ्ट के माध्यम से सुरक्षा कार्य देखा जाता है। इस यूनिट का कार्यभार विंग कमाडर एए फंसलकर देख रहे हैं। इस अवसर पर एयर फोर्स स्टेशन अंबाला के एयर कमांडर तेजिन्द्र सिंह, ग्रुप कैप्टन विनीत जिंदल, ग्रुप कमांडर एए फंसलकर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पठानकोट हमले में एयरफोर्स के शहीद कमांडो गुरसेवक के परिवार को भी इस कार्यक्रम का निमंत्रण भेजा जाएगा।