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Ambala News: तारकोल की नहीं चुकाई एक करोड़ की राशि, छह पर केस
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मुलाना। गांव धीन की मैसर्ज मां तारा कंस्ट्रक्शन कंपनी से 200 टन तारकोल खरीदकर उसकी करीब एक करोड़ की पेमेंट न देने का मामला सामने आया है। कंपनी के सचिव सुखदेव ने पुलिस को शिकायत देकर इस पूरे मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने सुखदेव सिंह की शिकायत पर सनमबीर सिंह, रणबीर सिंह, तरूणा शर्मा, नितिन कटारिया, विक्रम कटारिया, नवकिरण सिकरी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस को दी शिकायत में गांव धीन निवासी सुखदेव सिंह ने बताया कि 2021 में फिरोजपुर सिटी की मैसर्ज एसके कंसट्रैशन कंपनी के मालिक व पार्टनर कहने वाले आरोपियों ने उससे बातचीत की और नवंबर 2021 में वह फिरोजपुर गया था। आरोपियों ने बिटूमैन ब्लक बिटूमैन वीजी-40 (तारकौल) सप्लाई करने के लिए निवेदन किया था। आश्वासन दिया था कि जब भी तारकोल की सप्लाई होगा तो एक माह बाद पेमेंट कर देंगे। यह भी विश्वास दिलाया कि अगर माल सप्लाई होने के एक माह भी पेमेंट ना हुई तो वह उस एवज में 3 प्रतिशत प्रति माह ब्याज देंगे। इसी को लेकर परचेज आर्डर 26 नवंबर 2021 व 13 दिसंबर 2021 को लिखित में किया हुआ था।
पेमेंट के नाम पर दिए गए चेक खातों में नहीं लगे
शिकायतकर्ता ने बताया कि लेनदेन शुरू होने के बाद कई बार माल भेजा और उसके सभी दस्तावेज हैं। करीब 200 टन तारकोल था। माल सप्लाई का हिसाब किताब किया गया तो करीब एक करोड़ रुपये बनते थे। आरोपियों ने 30 दिसंबर 2021 को 11,37,979 रुपये व 18 जनवरी 2022 को 11,52,434 रुपये दिए। आरोपियों ने छह माह के भीतर बयाज सहित बाकी पेमेंट देने की बात कही थी। बयाज की आखिरी रकम 7 जुलाई 2022 को मिली। 30 सितंबर 2022 बैंक ऑफ बडौदा ब्रांच फिरोजपुर के करीब 90 लाख रुपये के चेक दिए थे वो भी नहीं लगे। आखिर में 92 लाख 18 हजार 240 रुपये बकाया था। फिर वो राशि बयाज लगने पर करीब एक करोड़ बन गई। वो वापस देने का समझौता होने के बावजूद भी अभी तक नहीं थी और अब मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
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पेमेंट के नाम पर दिए गए चेक खातों में नहीं लगे
शिकायतकर्ता ने बताया कि लेनदेन शुरू होने के बाद कई बार माल भेजा और उसके सभी दस्तावेज हैं। करीब 200 टन तारकोल था। माल सप्लाई का हिसाब किताब किया गया तो करीब एक करोड़ रुपये बनते थे। आरोपियों ने 30 दिसंबर 2021 को 11,37,979 रुपये व 18 जनवरी 2022 को 11,52,434 रुपये दिए। आरोपियों ने छह माह के भीतर बयाज सहित बाकी पेमेंट देने की बात कही थी। बयाज की आखिरी रकम 7 जुलाई 2022 को मिली। 30 सितंबर 2022 बैंक ऑफ बडौदा ब्रांच फिरोजपुर के करीब 90 लाख रुपये के चेक दिए थे वो भी नहीं लगे। आखिर में 92 लाख 18 हजार 240 रुपये बकाया था। फिर वो राशि बयाज लगने पर करीब एक करोड़ बन गई। वो वापस देने का समझौता होने के बावजूद भी अभी तक नहीं थी और अब मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
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