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Ambala News: सीएमओ कार्यालय भवन को चाहिए इलाज
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अंबाला सिटी। लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करने वाले सीएमओ कार्यालय के भवन को ही इलाज की जरूरत है। 16 वर्ष पहले कंडम घोषित होने के बाद भी कार्यालय इसी भवन में चल रहा है।
भवन इतना पुराना हो गया है कि छत से लेंटर से सरिये भी दिखाई दे रहे हैं। कहीं-कहीं तो छत भी नीचे झुकी है। कर्मचारी डर के साये में ही काम करने को मजबूर हैं। बीते सप्ताह ही स्टोर रूम की सीलिंग गिर गई थी। गनीमत रही कि इस दौरान वहां पर कोई कर्मचारी नहीं था। इसलिए अब स्टोर को दूसरे कमरे में शिफ्ट किया जाएगा।
इस स्टोर में मलेरिया विभाग की दवाइयां व स्टेशनरी से जुड़ा सामान रखा रहता है। वहीं यह हालात बदलने को पत्राचार पर पत्राचार किया जा रहा है मगर कोई कार्यवाही नहीं होती दिख रही।
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2009 में ही हुई थी कंडम घोषित
सीएमओ कार्यालय भवन को वर्ष 2009 में ही कंडम घोषित कर दिया गया था। इसके बाद से ही सिर्फ रिपेयर करवाकर काम चलाया जा रहा है। वर्ष 2014 में विभाग ने इसका प्लान भी भेजा था। तब से अब तक पत्राचार तक ही मामला सिमट कर रह गया है, लेकिन अभी तक निदेशालय की ओर से कोई राहत नहीं मिली है।
इन विभागों की हालत खस्ता
एनएचएम विभाग की छत का एक खंभा गिरने की हालत में हैं। इसके साथ ही छत से भी पानी रिसता रहता है। वहीं एनसीडी विभाग की पेंटरी की छत नीचे झुकी हुई है और उससे सरिये भी दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ मलेरिया विभाग का स्टोर तो बुरी हालत में हैं। दवाइयां व उपकरण रखने के लिए भी स्टोर राम भरोसे ही टिका हुआ है। इन्हीं कारणों के चलते नेत्र विभाग को यहां से नागरिक अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।
नए अस्पताल का काम भी अभी अधूरा
नागरिक अस्पताल के साथ बन रहे 100 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य भी अभी पूरा नहीं हो पाया है। विभाग द्वारा सीएमओ कार्यालय को नए भवन में शिफ्ट करने की भी तैयारी है, लेकिन भवन का निर्माण भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इस कारण सीएमओ कार्यालय के लिए अलग से जगह नहीं मिल पा रही है।
वर्जन
हमारी ओर से लगातार पत्र भेजे जाते हैं। इस माह भी हमने निदेशालय को भवन की हालत के बारे में लिखा है। निदेशालय की ओर से ही भवन निर्माण का फैसला आएगा।
-डॉ. राकेश सहल, सीएमओ अंबाला।
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भवन इतना पुराना हो गया है कि छत से लेंटर से सरिये भी दिखाई दे रहे हैं। कहीं-कहीं तो छत भी नीचे झुकी है। कर्मचारी डर के साये में ही काम करने को मजबूर हैं। बीते सप्ताह ही स्टोर रूम की सीलिंग गिर गई थी। गनीमत रही कि इस दौरान वहां पर कोई कर्मचारी नहीं था। इसलिए अब स्टोर को दूसरे कमरे में शिफ्ट किया जाएगा।
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इस स्टोर में मलेरिया विभाग की दवाइयां व स्टेशनरी से जुड़ा सामान रखा रहता है। वहीं यह हालात बदलने को पत्राचार पर पत्राचार किया जा रहा है मगर कोई कार्यवाही नहीं होती दिख रही।
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2009 में ही हुई थी कंडम घोषित
सीएमओ कार्यालय भवन को वर्ष 2009 में ही कंडम घोषित कर दिया गया था। इसके बाद से ही सिर्फ रिपेयर करवाकर काम चलाया जा रहा है। वर्ष 2014 में विभाग ने इसका प्लान भी भेजा था। तब से अब तक पत्राचार तक ही मामला सिमट कर रह गया है, लेकिन अभी तक निदेशालय की ओर से कोई राहत नहीं मिली है।
इन विभागों की हालत खस्ता
एनएचएम विभाग की छत का एक खंभा गिरने की हालत में हैं। इसके साथ ही छत से भी पानी रिसता रहता है। वहीं एनसीडी विभाग की पेंटरी की छत नीचे झुकी हुई है और उससे सरिये भी दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ मलेरिया विभाग का स्टोर तो बुरी हालत में हैं। दवाइयां व उपकरण रखने के लिए भी स्टोर राम भरोसे ही टिका हुआ है। इन्हीं कारणों के चलते नेत्र विभाग को यहां से नागरिक अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।
नए अस्पताल का काम भी अभी अधूरा
नागरिक अस्पताल के साथ बन रहे 100 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य भी अभी पूरा नहीं हो पाया है। विभाग द्वारा सीएमओ कार्यालय को नए भवन में शिफ्ट करने की भी तैयारी है, लेकिन भवन का निर्माण भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इस कारण सीएमओ कार्यालय के लिए अलग से जगह नहीं मिल पा रही है।
वर्जन
हमारी ओर से लगातार पत्र भेजे जाते हैं। इस माह भी हमने निदेशालय को भवन की हालत के बारे में लिखा है। निदेशालय की ओर से ही भवन निर्माण का फैसला आएगा।
-डॉ. राकेश सहल, सीएमओ अंबाला।