{"_id":"6887d9274b41e7df1b0afc6c","slug":"cm-launched-lado-sakhi-yojana-workers-will-get-incentive-amount-of-rs-1000-ambala-news-c-36-1-amb1003-146867-2025-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: लाडो सखी योजना का सीएम ने किया शुभारंभ, वर्कर को मिलेगी एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: लाडो सखी योजना का सीएम ने किया शुभारंभ, वर्कर को मिलेगी एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि
विज्ञापन
अंबाला सिटी। नई अनाज मंडी में सोमवार को प्रदेश स्तरीय तीज उत्सव का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने तीज पर प्रदेश की महिलाओं को बधाई दी, वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी दो योजनाओं की शुरुआत की, जिनमें लाडो सखी योजना व आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए बढ़ते कदम डिजिटल बाल कार्यक्रम की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि लाडो सखी योजना में गर्भवती महिलाओं की देखरेख के लिए आंगनबाड़ी, आशा वर्कर और एएनएम को लगाया जाएगा। यह लाडो सखी गर्भवती महिलाओं की देखभाल करेंगी, इसके लिए सरकार लाडो सखी को एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देगी, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी को नवीनतम तकनीक से लैस किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने बढ़ते कदम डिजिटल बाल कार्यक्रम की शुरूआत की।
यह कार्यक्रम आंगनबाड़ी में बच्चों की देखभाल व शिक्षा में मदद करेगा, इसके साथ ही सीएम ने अंबाला के लिए 442 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। वहीं 73 करोड़ की अन्य नौ परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया। उन्होंने कार्यक्रम में तीज उत्सव पर कोथली देकर भी महिलाओं को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज और मंत्री श्रुति चौधरी उपस्थित रहीं।
विज्ञापन
बेटियां हर क्षेत्र में लहरा रहीं परचम : श्रुति
महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि 2014 में लिंगानुपात 874 पर था और अब 2025 में यह 906 पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं।
महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप की सहायता के लिए योजना होगी शुरू
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि सरकार की नई पहल से हरियाणा में महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप 50 प्रतिशत हो गए हैं, वहीं, इस गति में और तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने कुछ और नई पहल की घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि हरियाणा स्टार्टअप नीति में 50 प्रतिशत लाभार्थी महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप होंगे। छोटी उम्र में ही उद्यमशीलता में रुचि को बढ़ाने के लिए छात्राओं को 10 हजार डू-इट-योर सेल्फ किट वितरित की जाएंगी। हाथ से बनाई जाने वाली चीजों, जैसे कि पारंपरिक कपड़ा, पर्यावरण के अनुकूल ग्रामीण शिल्प, आयुर्वेद आधारित हेल्थ एंड वैलनेस, देसी खाद्य उत्पादों आदि में बनाने में लगे महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप की सहायता के लिए एक योजना शुरू की जाएगी, इसमें 50 हजार से एक लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी।
प्रदेशभर में 131 महिला सांस्कृतिक केंद्र का किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार, नीति आयोग के सहयोग से महिला उद्यमिता मंच का हरियाणा स्टेट चैप्टर शुरू करेगी। राज्य की महिला उद्यमियों को 700 से अधिक सलाहकारों के नेटवर्क से व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिले, क्षेत्र-विशेष का प्रशिक्षण मिले और वित्त पोषण, बाजार तक पहुंच व इनक्यूबेशन के लिए सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि नई औद्योगिक और क्षेत्रीय नीतियों के तहत हरियाणा सरकार राज्य में महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा की महिलाओं को रोजगार देने वाली इकाइयों को अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करेगी इसके अलावा राज्य की महिला उद्यमियों की व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए सार्वजनिक खरीद मानदंडों में छूट प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि हर विकास खंड में एक राशन डिपो स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को दिया जाएगा, इससे उन्हें रोजगार मिलेगा, गांवों की व्यवस्था में भी भागीदारी बढ़ेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में 131 महिला सांस्कृतिक केंद्र का उद्घाटन किया। इन केंद्रों में महिलाएं भजन, गीत, नृत्य आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम कर सकेंगी।
उत्कृष्ट महिला शिल्पकार पुरस्कार के लिए 3 लाख रुपये की राशि दी
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों को जुलाई 2025 तक की 14 करोड़ 26 लाख रुपये की रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश की राशि के चेक भी प्रदान किए। इनके अलावा छह जिलों के रूरल मास्टर्स की चाबियां भी संबंधित स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गईं इसके अलावा, हस्तशिल्प में श्रेष्ठ काम करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया गया, इसमें राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार के लिए तीन लाख रुपये, उत्कृष्ट महिला शिल्पकार पुरस्कार के लिए भी तीन लाख रुपये की राशि दी गई है, इसके अलावा, 51-51 हजार रुपये के 12 सांत्वना पुरस्कार दिए गए। मुख्यमंत्री ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले श्रेष्ठ स्वयं सहायता समूह पुरस्कार भी प्रदान किये। हर जिले में प्रथम स्थान पर रहने वाले स्वयं सहायता समूह को एक लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 50 हजार तथा तीसरे स्थान के लिए 25 हजार रुपये प्रदान किए गए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि लाडो सखी योजना में गर्भवती महिलाओं की देखरेख के लिए आंगनबाड़ी, आशा वर्कर और एएनएम को लगाया जाएगा। यह लाडो सखी गर्भवती महिलाओं की देखभाल करेंगी, इसके लिए सरकार लाडो सखी को एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देगी, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी को नवीनतम तकनीक से लैस किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने बढ़ते कदम डिजिटल बाल कार्यक्रम की शुरूआत की।
विज्ञापन
यह कार्यक्रम आंगनबाड़ी में बच्चों की देखभाल व शिक्षा में मदद करेगा, इसके साथ ही सीएम ने अंबाला के लिए 442 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। वहीं 73 करोड़ की अन्य नौ परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया। उन्होंने कार्यक्रम में तीज उत्सव पर कोथली देकर भी महिलाओं को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज और मंत्री श्रुति चौधरी उपस्थित रहीं।
विज्ञापन
बेटियां हर क्षेत्र में लहरा रहीं परचम : श्रुति
महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि 2014 में लिंगानुपात 874 पर था और अब 2025 में यह 906 पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं।
महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप की सहायता के लिए योजना होगी शुरू
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि सरकार की नई पहल से हरियाणा में महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप 50 प्रतिशत हो गए हैं, वहीं, इस गति में और तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने कुछ और नई पहल की घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि हरियाणा स्टार्टअप नीति में 50 प्रतिशत लाभार्थी महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप होंगे। छोटी उम्र में ही उद्यमशीलता में रुचि को बढ़ाने के लिए छात्राओं को 10 हजार डू-इट-योर सेल्फ किट वितरित की जाएंगी। हाथ से बनाई जाने वाली चीजों, जैसे कि पारंपरिक कपड़ा, पर्यावरण के अनुकूल ग्रामीण शिल्प, आयुर्वेद आधारित हेल्थ एंड वैलनेस, देसी खाद्य उत्पादों आदि में बनाने में लगे महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप की सहायता के लिए एक योजना शुरू की जाएगी, इसमें 50 हजार से एक लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी।
प्रदेशभर में 131 महिला सांस्कृतिक केंद्र का किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार, नीति आयोग के सहयोग से महिला उद्यमिता मंच का हरियाणा स्टेट चैप्टर शुरू करेगी। राज्य की महिला उद्यमियों को 700 से अधिक सलाहकारों के नेटवर्क से व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिले, क्षेत्र-विशेष का प्रशिक्षण मिले और वित्त पोषण, बाजार तक पहुंच व इनक्यूबेशन के लिए सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि नई औद्योगिक और क्षेत्रीय नीतियों के तहत हरियाणा सरकार राज्य में महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा की महिलाओं को रोजगार देने वाली इकाइयों को अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करेगी इसके अलावा राज्य की महिला उद्यमियों की व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए सार्वजनिक खरीद मानदंडों में छूट प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि हर विकास खंड में एक राशन डिपो स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को दिया जाएगा, इससे उन्हें रोजगार मिलेगा, गांवों की व्यवस्था में भी भागीदारी बढ़ेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में 131 महिला सांस्कृतिक केंद्र का उद्घाटन किया। इन केंद्रों में महिलाएं भजन, गीत, नृत्य आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम कर सकेंगी।
उत्कृष्ट महिला शिल्पकार पुरस्कार के लिए 3 लाख रुपये की राशि दी
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों को जुलाई 2025 तक की 14 करोड़ 26 लाख रुपये की रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश की राशि के चेक भी प्रदान किए। इनके अलावा छह जिलों के रूरल मास्टर्स की चाबियां भी संबंधित स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गईं इसके अलावा, हस्तशिल्प में श्रेष्ठ काम करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया गया, इसमें राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार के लिए तीन लाख रुपये, उत्कृष्ट महिला शिल्पकार पुरस्कार के लिए भी तीन लाख रुपये की राशि दी गई है, इसके अलावा, 51-51 हजार रुपये के 12 सांत्वना पुरस्कार दिए गए। मुख्यमंत्री ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले श्रेष्ठ स्वयं सहायता समूह पुरस्कार भी प्रदान किये। हर जिले में प्रथम स्थान पर रहने वाले स्वयं सहायता समूह को एक लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 50 हजार तथा तीसरे स्थान के लिए 25 हजार रुपये प्रदान किए गए।