{"_id":"656cb969810f81f62e086a27","slug":"clerk-named-in-fraud-of-rs-742-lakh-by-forging-signature-of-assistant-labor-commissioner-ambala-news-c-36-1-amb1002-14713-2023-12-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: सहायक श्रम आयुक्त के फर्जी हस्ताक्षर कर 7.42 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाला लिपिक नामजद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: सहायक श्रम आयुक्त के फर्जी हस्ताक्षर कर 7.42 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाला लिपिक नामजद
विज्ञापन
अंबाला। बैंक लिपिक द्वारा सहायक श्रम आयुक्त के फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से चेक बुक जारी करवाकर 7.42 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। कैंट पुलिस ने अंबाला सहायक श्रम आयुक्त अंजना की शिकायत पर लिपिक रजनीश पर मामला दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता अंजना ने बताया कि रजनीश कुमार कार्यालय श्रम आयुक्त में लिपिक है। रजनीश लिपिक कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले कोर्ट केस का कार्य करता है। इस अधिनियम के तहत मुआवजा राशि के चेक प्राप्त होते हैं। उन चेक को बैंक में जमा करवाना तथा अदायगी का कार्य रजनीश करता है। उनके द्वारा रिकॉर्ड चेक करने के बाद ही चेक पर हस्ताक्षर किए जाते हैं। इस अधिनियम के तहत सभी वित्तीय कार्य रजनीश करता है।
इस संबंध में सिटी के इंडियन बैंक में कर्मचारी मुआवजा एक्ट के तहत खाता खुला हुआ है। आरोप है कि 22 नवंबर 2022 को रजनीश ने श्रम आयुक्त की अनुमति के बिना नई चेक बुक जारी करवाई और उसमें से 7 लाख 42 हजार 832 रुपये का एक चेक कुरुक्षेत्र के सनवाला गांव निवासी विजय कुमार के नाम उनके जाली हस्ताक्षर करके जारी कर दिया। जब चेक बैंक में पहुंचा तो बैंक अधिकारी ने इस चेक की जांच के लिए 24 नवंबर को उन्हें फोन किया। वह 19 नवंबर 2022 से 27 नवंबर 2022 तक अर्जित अवकाश पर थी। जिस पर उन्होंने बताया कि ये चेक उन्होंने जारी नहीं किया है।
विज्ञापन
अंजना ने आरोप लगाया कि इसके बाद उन्होंने इंडियन बैंक के चीफ मैनेजर मंतार को फोन किया। पता चला कि रजनीश ने ये चेक बुक जारी करवाई थी। रजनीश ने चेक बुक की तत्काल आवश्यकता बताकर जारी करवाई थी। कहा था कि इस संबंध में अधिकारी से पत्र भिजवा देगा। बैंक ने रजनीश पर विश्वास कर चेक बुक जारी कर दी थी। मामले की जानकारी 28 नवंबर 2022 को उच्चाधिकारियों को दी गई।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता अंजना ने बताया कि रजनीश कुमार कार्यालय श्रम आयुक्त में लिपिक है। रजनीश लिपिक कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले कोर्ट केस का कार्य करता है। इस अधिनियम के तहत मुआवजा राशि के चेक प्राप्त होते हैं। उन चेक को बैंक में जमा करवाना तथा अदायगी का कार्य रजनीश करता है। उनके द्वारा रिकॉर्ड चेक करने के बाद ही चेक पर हस्ताक्षर किए जाते हैं। इस अधिनियम के तहत सभी वित्तीय कार्य रजनीश करता है।
विज्ञापन
इस संबंध में सिटी के इंडियन बैंक में कर्मचारी मुआवजा एक्ट के तहत खाता खुला हुआ है। आरोप है कि 22 नवंबर 2022 को रजनीश ने श्रम आयुक्त की अनुमति के बिना नई चेक बुक जारी करवाई और उसमें से 7 लाख 42 हजार 832 रुपये का एक चेक कुरुक्षेत्र के सनवाला गांव निवासी विजय कुमार के नाम उनके जाली हस्ताक्षर करके जारी कर दिया। जब चेक बैंक में पहुंचा तो बैंक अधिकारी ने इस चेक की जांच के लिए 24 नवंबर को उन्हें फोन किया। वह 19 नवंबर 2022 से 27 नवंबर 2022 तक अर्जित अवकाश पर थी। जिस पर उन्होंने बताया कि ये चेक उन्होंने जारी नहीं किया है।
विज्ञापन
अंजना ने आरोप लगाया कि इसके बाद उन्होंने इंडियन बैंक के चीफ मैनेजर मंतार को फोन किया। पता चला कि रजनीश ने ये चेक बुक जारी करवाई थी। रजनीश ने चेक बुक की तत्काल आवश्यकता बताकर जारी करवाई थी। कहा था कि इस संबंध में अधिकारी से पत्र भिजवा देगा। बैंक ने रजनीश पर विश्वास कर चेक बुक जारी कर दी थी। मामले की जानकारी 28 नवंबर 2022 को उच्चाधिकारियों को दी गई।