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स्वच्छता सर्वेक्षण : बोर्ड धरातल पर, फाइलों में नप की तैयारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2025 01:55 AM IST
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Cleanliness Survey: Board on ground, preparation of Nagar Panchayat in files
कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के कार्यालय में पहुंची ग्रीन वेस्ट रिप्रोसेसर मशीन। संवाद
अंबाला। स्वच्छता सर्वेक्षण सिर पर है और नगर परिषद की तैयारी फाइलों में धूल फांक रही है। इसके विपरित कैंटोनमेंट बोर्ड योजनाबद्ध तरीके से काम करते हुए धरातल पर सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। इस कारण स्वच्छता के शीर्ष पायदान पर पहुंचना नगर परिषद अंबाला के लिए सपना होता जा रहा है जो शायद इस बार भी स्वच्छता रैंकिंग में पूरा न हो पाए।
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जबकि दूसरी तरफ कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला स्वच्छता के पायदान पर एक कदम ओर आगे बढ़ने वाला है। बोर्ड क्षेत्र में सूखे पत्ते व पत्तियों की समस्या से निपटने के लिए ग्रीन वेस्ट रिप्रोसेसर मशीन को स्थापित करने की तैयारी हो रही है। यह मशीन बोर्ड क्षेत्र की ओर साफ व स्वच्छ रखने के लिए एक सामाजिक संस्था की तरफ से उपलब्ध करवाई गई है ताकि मौसम परिवर्तन के दौरान पेड़ से टूटकर सड़क पर गिरने वाले पत्तों को समेटा जा सके और खाद बनाई जा सके।
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डेढ़ टन के करीब बनेगी खाद
बोर्ड की ओर से स्थापित ग्रीन वेस्ट रिप्रोसेसर मशीन से एक बार में एक टन खाद बनेगी। जबकि कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के तहत पांच हजार से अधिक पेड़ हैं। इनके रखरखाव के लिए भी बोर्ड की एक टीम लगातार कार्रवाई करती है। पिछले दिनों उन पेड़ों की टहनियों को छोटा किया था जोकि सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों के आवागमन में बाधा बन रही थी। इस दौरान कुछ सूखे पेड़ भी काटे गए थे, जिससे कि इनके गिरने से कोई हादसा न हो। अब इसी कड़ी में इन पेड़ों से गिरने वाले पत्तों को खाद के रूप में परिवर्तित करके बोर्ड के पार्काें के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
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पटेल पार्क में लगाई छोटी मशीन
कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन पटेल पार्क में एक छोटी मशीन लगाई थी जोकि पूरी तरह से कार्य करने में सक्षम नहीं है। पेड़ों से गिरने वाले पत्तों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसलिए नई मशीन को लेकर योजना तैयार की गई थी। इसके तहत सामाजिक संस्थाओं से संपर्क किया, जिससे कि बोर्ड के ऊपर आर्थिक बोझ न पड़े और समस्या का भी सही तरीके से निस्तारण हो जाए।
नगर परिषद सुखा रहा गोबर
नगर परिषद सदर अंबाला के पास अपना कोई भी निस्तारण प्लांट नहीं है और न ही कोई मशीन। कुछ दिन पहले गोबर को सुखाकर खाद बनाने की प्रक्रिया आरंभ की गई थी। वहीं नप के अधीन आने वाले पेड़ों को लेकर कोई योजना नहीं है। यह कार्य वन विभाग की ओर से किया जाता है लेकिन पेड़ों से गिरे सूखे पत्तों के निस्तारण के लिए कोई भी प्रबंध नहीं है।

कार्रवाई भी कागजों तक सिमटी
छावनी क्षेत्र में रहने वाले लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। नप अधिकारियों की लाख कोशिशों के बाद भी छावनी क्षेत्र गंदगी मुक्त नहीं हो पाया है। जबकि कुत्तों की नसंबदी, बेसहारा गोवंश को सहारा देने, नई स्ट्रीट लाइट लगाने और डेयरी कॉम्पलेक्स से जुड़ी योजनाएं अभी फाइलों में ही धूल खा रही हैं जो कभी एक दूसरे टेबल तक घूमते नजर आ जाती हैं।
पिछले वर्ष मिली थी 23वीं रैंक

वर्ष 2023 में कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला की रैंक 26वीं थी जोकि देश के 61 कैंटोनमेंट बोर्ड में से था। वहीं वर्ष 2024 मेंं साफ-सफाई सहित अन्य सुविधाओं को लेकर सीबीए की रैंकिंग में सुधार हुआ और सीबीए ने 23 वां रैंक हासिल किया। हालांकि स्वच्छता रैंकिंग में सीबीए ने 2595 अंक हासिल किए थे। इस दौरान डोर टू डोर, भूमिगत नालों की सफाई के लिए मशीन और डस्टबिन आदि को लेकर कुछ नंबर कट गए थे। इन्हें अब पूरा कर लिया गया है।
निगम और नप की स्वच्छता रैंकिंग
पिछले वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम शहर को प्रदेश में आठवां और नगर परिषद अंबाला सदर को 10वीं रैंक मिली थी। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर नगर निगम अंबाला शहर को 205वीं और नगर परिषद अंबाला सदर को 245वीं रैंक मिली थी। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नंबरों का निर्धारण किया गया था। इसमें कुल 9500 में से नगर निगम अंबाला शहर को 4237 अंक और नगर परिषद अंबाला सदर को मात्र 3747.08 अंक मिले थे।

वर्जन
हमारा प्रयास है कि कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला देश के 10 सर्वश्रेष्ठ में शामिल हो। इसलिए यहां सुविधाओं में बढ़ोतरी को लेकर कार्रवाई की जा रही है।
राहुल आनंद शर्मा, सीईओ, कैंट बोर्ड
वर्जन
साफ-सफाई के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पेड़ की पत्तियों के निस्तारण को लेकर भी योजना तैयार की जा रही है ताकि इनका खाद के रुप में इस्तेमाल किया जा सकेे।
रविंद्र कुहाड़, ईओ, नप सदर।
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