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Ambala News: महेशनगर थाने के साथ दुकानों पर स्टे का दावा
Wed, 24 Dec 2025 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 24 Dec 2025 11:49 PM IST
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अंबाला छावनी में महेशनगर थाने के पीछे स्थित दुकानें। संवाद
अंबाला। महेशनगर थाने के साथ लगभग 26 दुकानों से जुड़े मामले को लेकर संबंधित व्यक्ति ने कोर्ट से स्टे का दावा पेश करते हुए अपना हक जताया है, वहीं इस मामले को लेकर नगर परिषद ने कानूनी विशेषज्ञों से सलाह मांगी है कि अब इस मामले में उनकी तरफ से आगामी क्या कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले को लेकर अब स्थानीय दुकानदारों में भी संशय है कि वो दुकानों का किराया पूर्व की तरह ही संबंधित व्यक्ति को दें या फिर नगर परिषद को। इस संबंध में उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों से भी गुहार लगाई है, हालांकि इस दौरान दुकानों के कब्जे को लेकर नगर परिषद द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड को भी अज्ञात लोगों ने हटाकर डंपिंग जोन में फैंक दिए हैं।
अंबाला सदर नगर परिषद और निजी पक्षकारों के बीच चल रहे भूमि विवाद में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। उच्च न्यायालय ने 22 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी किया है। न्यायालय ने प्रथम अपील न्यायालय द्वारा 11 नवंबर 2025 को दिए गए उस फैसले के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है, जिसके आधार पर भूमि का कब्जा लिया जाना था। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल 2026 के लिए निर्धारित की गई है। अपीलकर्ताओं का दावा है कि उनके पास 1983 के चार पंजीकृत सेल डीड हैं, जिन्हें नगर निगम द्वारा कभी चुनौती नहीं दी गई।
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कब्जा तो ले लिया : देवेंद्र
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश स्टे को लेकर हैं, इसमें साफ निर्देशित किया गया है कि भूमि पर कब्जा लेने के आदेशों पर रोक लगाते हुए स्टे दी जाती है जबकि वो तो लोअर कोर्ट के आदेश पर 17 दिसंबर को ही कब्जा ले चुके हैं और इस संबंध में उन्होंने दुकानदारों से आवेदन भी लिए हुए हैं। इसलिए इस स्टे आदेशों पर कानूनी राय ली जा रही है ताकि कोर्ट में तथ्यों के आधार पर पैरवी की जा सके।
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इस मामले को लेकर अब स्थानीय दुकानदारों में भी संशय है कि वो दुकानों का किराया पूर्व की तरह ही संबंधित व्यक्ति को दें या फिर नगर परिषद को। इस संबंध में उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों से भी गुहार लगाई है, हालांकि इस दौरान दुकानों के कब्जे को लेकर नगर परिषद द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड को भी अज्ञात लोगों ने हटाकर डंपिंग जोन में फैंक दिए हैं।
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अंबाला सदर नगर परिषद और निजी पक्षकारों के बीच चल रहे भूमि विवाद में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। उच्च न्यायालय ने 22 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी किया है। न्यायालय ने प्रथम अपील न्यायालय द्वारा 11 नवंबर 2025 को दिए गए उस फैसले के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है, जिसके आधार पर भूमि का कब्जा लिया जाना था। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल 2026 के लिए निर्धारित की गई है। अपीलकर्ताओं का दावा है कि उनके पास 1983 के चार पंजीकृत सेल डीड हैं, जिन्हें नगर निगम द्वारा कभी चुनौती नहीं दी गई।
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कब्जा तो ले लिया : देवेंद्र
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश स्टे को लेकर हैं, इसमें साफ निर्देशित किया गया है कि भूमि पर कब्जा लेने के आदेशों पर रोक लगाते हुए स्टे दी जाती है जबकि वो तो लोअर कोर्ट के आदेश पर 17 दिसंबर को ही कब्जा ले चुके हैं और इस संबंध में उन्होंने दुकानदारों से आवेदन भी लिए हुए हैं। इसलिए इस स्टे आदेशों पर कानूनी राय ली जा रही है ताकि कोर्ट में तथ्यों के आधार पर पैरवी की जा सके।

अंबाला छावनी में महेशनगर थाने के पीछे स्थित दुकानें। संवाद