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एबुलेंस में हो रही कोरोना सैंपल की ढुलाई, आफत में इमरजेंसी मरीजों की जान
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अंबाला सिटी। मरीजों को लाने ले जाने के स्थान पर एंबुलेंस का प्रयोग अब कोरोना सैंपलों को ढोने के लिए भी किया जा रहा है। पहले कोराना सैंपल को लैब तक पहुंचाने की जिम्मेवारी बोलेरो गाड़ी को दी गई थी। जो अंबाला से सैंपल लेकर प्रतिदिन चंडीगढ़ पीजीआई में लेकर जाती थी। वही कार्य अब एंबुलेंस द्वारा किया जा रहा है। कोरोना सैंपल को ले जाने के कारण एक एंबुलेंस लगभग पूरा दिन इसी कार्य में व्यस्त रहती है। जबकि अन्य एंबुलेंस भी इस दौरान चंडीगढ़ पीजीआई से अंबाला के चक्कर काटने में लगी रहती है। ऐसे समय में अगर कोई इमरजेंसी कॉल आती है एंबुलेंस फ्लीट मैनेजर के लिए भी मुश्किल खड़ी हो जाती है। कई बार तो रेफर किए गए मरीज को एंबुलेंस के चंडीगढ़ से वापस लौटने का भी इंतजार करना पड़ता है।
वहीं दूसरी और रात के समय कोरोना सैंपल का काम खत्म कर उसी एंबुलेंस को मरीज को लाने ले जाने के कार्य में लगा दिया जाता है। जिससे मरीज के भी संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि कई बार एंबुलेंस से हाई रिस्क के मरीजों को भी लाया व ले जाया जाता है।
एक एंबुलेंस कोविड सैंपल के लिए ही रखी गई है। अगर ज्यादा इमरजेंसी हो जाती है तो मरीज को प्राथमिकता दे दी जाती है।
डॉ.बलविंद्र कौर, इंचार्ज एंबुलेंस।
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वहीं दूसरी और रात के समय कोरोना सैंपल का काम खत्म कर उसी एंबुलेंस को मरीज को लाने ले जाने के कार्य में लगा दिया जाता है। जिससे मरीज के भी संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि कई बार एंबुलेंस से हाई रिस्क के मरीजों को भी लाया व ले जाया जाता है।
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एक एंबुलेंस कोविड सैंपल के लिए ही रखी गई है। अगर ज्यादा इमरजेंसी हो जाती है तो मरीज को प्राथमिकता दे दी जाती है।
डॉ.बलविंद्र कौर, इंचार्ज एंबुलेंस।