{"_id":"5d7e95728ebc3e93bb4c5c3f","slug":"civic-ambala-news-knl52353107","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाबी फिल्मों में ट्विन सिटी की दो बेटियों की धमाकेदार एंट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाबी फिल्मों में ट्विन सिटी की दो बेटियों की धमाकेदार एंट्री
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला। ट्विन सिटी की दो बेटियों ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखते ही धूम मचा दी। इनमें पेशे से एक टीचर है तो दूसरी पटियाला यूनिवर्सिटी में एमबीए की पढ़ाई कर रही है। दोनों ने सितंबर माह में पंजाबी इंडस्ट्री में धमाकेदार एंट्री की थी।
गायकी के शौक को रखा जिंदा
शहर के रेलवे रोड पर रहने वाली गुरप्रीत कौर इस्माइलपुर के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पंजाबी साहित्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम में शुरू से ही रुचि रही है। इसीलिए उन्होंने स्कूल के साथ-साथ कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर अपनी गायकी के शौक को भी जिंदा रखा। यूथ फेस्टीवल से लेकर कॉलेज में होने वाले कार्यक्रम में उन्होंने कई पोजिशन हासिल की। शिक्षा पूरी होने के बाद उन्हें टीचर की जॉब मिल गई। जॉब के साथ-साथ पंजाबी साहित्य के प्रति रुचि कम नहीं होने दी। एक किताब भी वे लिख चुकी हैं, साथ ही हरियाणा की ओर से पंजाबी कवि सम्मेलनों में वाहवाही लूट चुकी हैं। गायिकी के क्षेत्र में कई सम्मान प्रदेश और नेशनल स्तर पर उन्हें मिल चुके हैं। टीचर ने जिस सां तै ना औदा लिखयां लैणा भी ओखा लग्दा ए...पंजाबी गीत गाया है। शिक्षक दिवस के मौके पर यह पंजाबी गीत रिलीज हुआ है जिसके जरिए पंजाबी गायिका गुरप्रीत ने युवाओं को जिंदगी के महत्व का संदेश दिया।
टिक-टॉक से मिला पंजाबी गीत में लीड रोल
छावनी की रहने वाली समीक्षा परुथी की पंजाबी गीत ब्राउन मुंडे में लीड भूमिका है और वर्तमान में पटियाला यूनिवर्सिटी में इंटीग्रेटेड एमबीए कर रही हैं। समीक्षा ने कुछ समय पहले टिक-टॉक पर अपनी अलग-अलग वीडियो शेयर की थी। इन वीडियो को जब पंजाबी सिंगर और डायरेक्टर ने देखा तो उन्होंने समीक्षा परुथी को अभिनेत्री का रोल देने की बात कहीं। समीक्षा ने बताया कि उसका मॉडलिंग, पेंटिंग, रीडिंग और हॉलीवुड मूवी देखना पंसद है। एफबीबी फेमिना मिस इंडिया 2019 में भी हिस्सा ले चुकी हैं। समीक्षा बताती हैं कि उन्हें जो भी मौका मिलता है उसमें वह हिस्सा लेने से पीछे नहीं हटतीं। पिता ओंकार नाथ परुथी बिल्डर हैं और पार्षद भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनके मां-बाप ने हमेशा उनका साथ दिया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं में हिस्ट्री से जुड़ी पंजाबी, हिंदी और वालीवुड मूवी देखना ज्यादा पंसद है क्योंकि ऐसी मूवी से उन्हें एक मैसेज मिलता है। इसीलिए यदि उसे कंसेप्ट अच्छा लगता है तो वह पूरी ईमानदारी के साथ उस रोल को करने में पीछे नहीं रहतीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गायकी के शौक को रखा जिंदा
शहर के रेलवे रोड पर रहने वाली गुरप्रीत कौर इस्माइलपुर के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पंजाबी साहित्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम में शुरू से ही रुचि रही है। इसीलिए उन्होंने स्कूल के साथ-साथ कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर अपनी गायकी के शौक को भी जिंदा रखा। यूथ फेस्टीवल से लेकर कॉलेज में होने वाले कार्यक्रम में उन्होंने कई पोजिशन हासिल की। शिक्षा पूरी होने के बाद उन्हें टीचर की जॉब मिल गई। जॉब के साथ-साथ पंजाबी साहित्य के प्रति रुचि कम नहीं होने दी। एक किताब भी वे लिख चुकी हैं, साथ ही हरियाणा की ओर से पंजाबी कवि सम्मेलनों में वाहवाही लूट चुकी हैं। गायिकी के क्षेत्र में कई सम्मान प्रदेश और नेशनल स्तर पर उन्हें मिल चुके हैं। टीचर ने जिस सां तै ना औदा लिखयां लैणा भी ओखा लग्दा ए...पंजाबी गीत गाया है। शिक्षक दिवस के मौके पर यह पंजाबी गीत रिलीज हुआ है जिसके जरिए पंजाबी गायिका गुरप्रीत ने युवाओं को जिंदगी के महत्व का संदेश दिया।
विज्ञापन
टिक-टॉक से मिला पंजाबी गीत में लीड रोल
छावनी की रहने वाली समीक्षा परुथी की पंजाबी गीत ब्राउन मुंडे में लीड भूमिका है और वर्तमान में पटियाला यूनिवर्सिटी में इंटीग्रेटेड एमबीए कर रही हैं। समीक्षा ने कुछ समय पहले टिक-टॉक पर अपनी अलग-अलग वीडियो शेयर की थी। इन वीडियो को जब पंजाबी सिंगर और डायरेक्टर ने देखा तो उन्होंने समीक्षा परुथी को अभिनेत्री का रोल देने की बात कहीं। समीक्षा ने बताया कि उसका मॉडलिंग, पेंटिंग, रीडिंग और हॉलीवुड मूवी देखना पंसद है। एफबीबी फेमिना मिस इंडिया 2019 में भी हिस्सा ले चुकी हैं। समीक्षा बताती हैं कि उन्हें जो भी मौका मिलता है उसमें वह हिस्सा लेने से पीछे नहीं हटतीं। पिता ओंकार नाथ परुथी बिल्डर हैं और पार्षद भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनके मां-बाप ने हमेशा उनका साथ दिया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं में हिस्ट्री से जुड़ी पंजाबी, हिंदी और वालीवुड मूवी देखना ज्यादा पंसद है क्योंकि ऐसी मूवी से उन्हें एक मैसेज मिलता है। इसीलिए यदि उसे कंसेप्ट अच्छा लगता है तो वह पूरी ईमानदारी के साथ उस रोल को करने में पीछे नहीं रहतीं।
विज्ञापन