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10 वर्षीय बच्ची की मौत का मामला: जेई सस्पेंड, एसडीओ को कारण बताओ नोटिस तो एक्सईएन से मांगा स्पष्टीकरण
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करधान में 11 केवी की तारों से 10 वर्षीय सलौनी की करंट लगने से मौत के मामले में बिजली निगम हरकत में नजर आया। आनन-फानन में एसई आरके खन्ना ने बब्याल सब डिवीजन के जेई ईश्वर को तुरंत प्रभाव के सस्पेंड कर दिया। इतना ही नहीं एसडीओ अतितोष से कारण बताओ नोटिस व एक्सईएन पवन नरूला से स्पष्टीकरण मांगा। बाकायदा पूरी मामले की गंभीरता से जांच के लिए दो एक्सईएन की जांच कमेटी तक गठित कर दी। रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि करंट लगने से झुलसने पर बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने बिजली निगम पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
जनवरी से लगा रहे थे तार शिफ्टिंग की गुहार
परिजनों का कहना था कि जनवरी माह से ही वह 11 केवी की तारों को शिफ्ट करने की गुहार लगा चुके थे। बावजूद बिजली निगम के अधिकारियों ने इन तारों को शिफ्ट करना तक उचित नहीं समझा। समय रहते यह तारें हट जाती तो बच्ची बच जाती।
जिस एक्सईएन से मांगा स्पष्टीकरण, वह भी जांच कमेटी का हिस्सा
बिजली निगम ने तुरंत प्रभाव से जांच कमेटी तो गठित कर दी। हैरानी की बात यह है कि जिस एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगा गया है उसे भी जांच कमेटी का हिस्सा बना दिया गया। ऐसे में जांच कमेटी की जांच पर भी अभी से सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
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तीन माह पहले अस्टीमेट हुआ था तैयार
करधान निवासी बच्ची के पिता राम अवतार सिंह व गांव के ही अन्य लोगों के साथ 11केवी की तारों को ऊंचा करवाने के लिए एक शिकायत गृहमंत्री अनिल विज को दी थी। अपनी शिकायत में बताया था कि जहां पर यह खंबा है उसके पास सड़क को नया बनाया गया था और बनने के बाद वह ऊंची हो गई थी इससे ट्रांसफार्मर नीचे हो गया था। मंत्री ने एसई को तारें शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। बाकायदा बब्याल सब डिवीजन की तरफ से 11 फरवरी को अस्टिमेंट भी तैयार हो चुका था। फिर भी बिजली निगम ने नहीं उठाया कदम।
जेई ईश्वर को सस्पेंड, एसडीओ से कारण बताओ नोटिस व एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है, जो भी दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। गृहमंत्री अनिल विज से शिकायत उनकी पास पहुंची थी और उसे निचले स्तर पर भेज दिया था।
आरके खन्ना, एसई, बिजली निगम
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जनवरी से लगा रहे थे तार शिफ्टिंग की गुहार
परिजनों का कहना था कि जनवरी माह से ही वह 11 केवी की तारों को शिफ्ट करने की गुहार लगा चुके थे। बावजूद बिजली निगम के अधिकारियों ने इन तारों को शिफ्ट करना तक उचित नहीं समझा। समय रहते यह तारें हट जाती तो बच्ची बच जाती।
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जिस एक्सईएन से मांगा स्पष्टीकरण, वह भी जांच कमेटी का हिस्सा
बिजली निगम ने तुरंत प्रभाव से जांच कमेटी तो गठित कर दी। हैरानी की बात यह है कि जिस एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगा गया है उसे भी जांच कमेटी का हिस्सा बना दिया गया। ऐसे में जांच कमेटी की जांच पर भी अभी से सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
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तीन माह पहले अस्टीमेट हुआ था तैयार
करधान निवासी बच्ची के पिता राम अवतार सिंह व गांव के ही अन्य लोगों के साथ 11केवी की तारों को ऊंचा करवाने के लिए एक शिकायत गृहमंत्री अनिल विज को दी थी। अपनी शिकायत में बताया था कि जहां पर यह खंबा है उसके पास सड़क को नया बनाया गया था और बनने के बाद वह ऊंची हो गई थी इससे ट्रांसफार्मर नीचे हो गया था। मंत्री ने एसई को तारें शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। बाकायदा बब्याल सब डिवीजन की तरफ से 11 फरवरी को अस्टिमेंट भी तैयार हो चुका था। फिर भी बिजली निगम ने नहीं उठाया कदम।
जेई ईश्वर को सस्पेंड, एसडीओ से कारण बताओ नोटिस व एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है, जो भी दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। गृहमंत्री अनिल विज से शिकायत उनकी पास पहुंची थी और उसे निचले स्तर पर भेज दिया था।
आरके खन्ना, एसई, बिजली निगम