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प्रीतम की प्रियत्मा ने किडनी देकर बचाई थी जान, आज दूसरों के लिए कोरोना की जंग लड़कर फिर बने महान
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जिंदगी जीने के लिए जिंदा दिल होना बहुत जरूरी है। जिंदा दिल होने के लिए सकारात्मक सोच का होना भी उतना ही जरूरी है। यह शब्द सरदार प्रीतम सिंह उनकी पत्नी सुरिंद्र कौर पर सटीक बैठते हैं। 2014 में पति प्रीतम सिंह की दोनो किडनियां खराब होने के बाद पत्नी ने अपनी किडनी देकर उन्हें नया जीवन दान देकर समाज के लिए मिसाल पेश की थी। खुद की जान की परवाह किये बिना अब यह दंपती एक-एक किडनी के सहारे ही कोरोना को मात देने का काम कर रहे हैं। पति कोरोना के चलते भी केंद्रीय महकमे में डीपीडीओ के पद संभाल कर तकरीबन 9 हजार लोगों को प्रति माह पेंशन वितरण करने का कार्य कर रहे हैं। वहीं पत्नी नागरिक अस्पताल के फ्लू वार्ड में अपनी सेवाएं देने के बाद पत्नी सुरिंद्र कौर मोबाइल टीम के साथ घर-घर जाकर लोगों का चेकअप कर रही हैं।
ऑपरेशन से पहले सुरिंद्र ने बढ़ाया हौसला
सकारात्मक सोच से ओतप्रोत सुरिंद्र कौर ने पति के जीवन को डांवाडोल होते देखा और पति को हिम्मत हारते देखा तो अपना फर्ज निभाते हुए पति को अपने जीते जी कुछ न होने देने की बात कही। हांलाकि सुरिंद्र कौर की दोनों बेटियां का जन्म ऑपरेशन के द्वारा हुआ है। इसके पश्चात पित्ते का ऑपरेशन करवा चुकी पत्नी ने अपनी एक किडनी पति के जीवन बचाने के लिए दे दी।
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ऑपरेशन से पहले सुरिंद्र ने बढ़ाया हौसला
सकारात्मक सोच से ओतप्रोत सुरिंद्र कौर ने पति के जीवन को डांवाडोल होते देखा और पति को हिम्मत हारते देखा तो अपना फर्ज निभाते हुए पति को अपने जीते जी कुछ न होने देने की बात कही। हांलाकि सुरिंद्र कौर की दोनों बेटियां का जन्म ऑपरेशन के द्वारा हुआ है। इसके पश्चात पित्ते का ऑपरेशन करवा चुकी पत्नी ने अपनी एक किडनी पति के जीवन बचाने के लिए दे दी।
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