{"_id":"5e99f2278ebc3e774850d524","slug":"civic-ambala-news-knl28284776","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां के अंतिम संस्कार में नहीं हो सके शामिल, 1300 किमी बाइक से रास्ता किया तय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां के अंतिम संस्कार में नहीं हो सके शामिल, 1300 किमी बाइक से रास्ता किया तय
विज्ञापन
दिन बुधवार समय दोपहर 2:30 बजे। मध्यप्रदेश के गांव कटनी में कंबाइन लेकर अपने चचेरे भाई के साथ पहुंचे राजपाल के पास फोन आया कि भाई मां इस दुनिया में नहीं रही। यह शब्द सुनते ही राजपाल व धर्मपाल के पैरों के नीचे से मानो धरती खिसक गई। वह अभी 4 दिन ही पहले वहां गया था। लॉकडाउन के चलते यातायात के सभी साधन बंद होने के कारण दोनों भाइयों ने कटनी से जैसे-तैसे पास बनवाया और अपनी मोटरसाइकिल से ही 1300 किलोमीटर का सफर तय करने का फैसला किया। शुक्रवार सुबह अंबाला पहुंचने पर दोनों भाइयों ने घर जाने से पहले शहर के नागरिक अस्पताल में चेकअप करवाना बेहतर समझा। तत्पश्चात गांव में जाकर मां की अस्थियां एकत्रित करने का काम किया।
अब बहनें अंबाला में फंसी, घर में बच्चे अकेले
मुकेश वर्मा ने बताया कि 26 मार्च को हुए मां के देहांत पर आदमपुर से अंबाला पहुंचे हैं तो वहीं दिल्ली से आई दोनों बहनों को लेकर चिंतित हैं। चार बार सरल केंद्र की वेबसाइट पर पास बनवाने के लिए आवेदन कर चुके हैं। लेकिन वेबसाइट से हर बार आवेदन रिजेक्ट हो रहा है। जिस कारण पूरे परिवार को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अपनी शिकायत लेकर एनआईसी कार्यालय में पहुंचे मुकेश वर्मा ने बताया कि लोक डाउन के कारण दोनों बहने यहां हैं और बच्चे दिल्ली घर पर अकेले हैं।
विज्ञापन
अब बहनें अंबाला में फंसी, घर में बच्चे अकेले
मुकेश वर्मा ने बताया कि 26 मार्च को हुए मां के देहांत पर आदमपुर से अंबाला पहुंचे हैं तो वहीं दिल्ली से आई दोनों बहनों को लेकर चिंतित हैं। चार बार सरल केंद्र की वेबसाइट पर पास बनवाने के लिए आवेदन कर चुके हैं। लेकिन वेबसाइट से हर बार आवेदन रिजेक्ट हो रहा है। जिस कारण पूरे परिवार को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अपनी शिकायत लेकर एनआईसी कार्यालय में पहुंचे मुकेश वर्मा ने बताया कि लोक डाउन के कारण दोनों बहने यहां हैं और बच्चे दिल्ली घर पर अकेले हैं।
विज्ञापन