{"_id":"6a0f69aa59b902d41d064f6c","slug":"child-trafficking-racket-busted-on-karmabhoomi-express-11-children-taken-into-custody-ambala-news-c-36-1-amb1001-163534-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: कर्मभूमि एक्सप्रेस में बाल तस्करी का भंडाफोड़, संरक्षण में लिए 11 बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: कर्मभूमि एक्सप्रेस में बाल तस्करी का भंडाफोड़, संरक्षण में लिए 11 बच्चे
विज्ञापन
अंबाला। रेलवे सुरक्षा बल, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और सामाजिक संस्था की संयुक्त टीम ने वीरवार को अंबाला कैंट स्टेशन पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ट्रेन नंबर 12407 कर्मभूमि एक्सप्रेस में दबिश देकर बाल तस्करी का भंडाफोड़ किया। टीम ने 11 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। यह पूरी कार्रवाई रेलवे के ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत की गई।
प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर हुई कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों को कर्मभूमि एक्सप्रेस में बच्चों को तस्करी कर ले जाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी, जैसे ही दिन के 1 बजकर 37 मिनट पर ट्रेन अंबाला छावनी के प्लेटफॉर्म नंबर 06 पर आकर रुकी तो पहले से तैयार आरपीएफ प्रभारी रविंदर सिंह, एएसआई राजेश कुमार और एएचटीयू के उप-निरीक्षक नरेंद्र कुमार की टीमों ने जिला युवा विकास संगठन के समन्वयक अजय तिवारी व उनकी टीम के साथ मिलकर संयुक्त रूप से ट्रेन के अलग-अलग कोचों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। पूछताछ के बाद बच्चों को प्लेटफार्म पर उतारा गया।
बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं बच्चे
सघन चेकिंग के दौरान टीम ने संदिग्ध अवस्था में यात्रा कर रहे 11 बच्चों को अपने संरक्षण में लिया, इसमें पहली बार एक लड़की भी शामिल थी। रेस्क्यू किए गए बच्चों की उम्र 13 से 17 वर्ष के बीच है और ये सभी बिहार के मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, बेगूसराय, सुपौल और समस्तीपुर जिलों के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
मेडिकल परीक्षण के बाद काउंसलिंग शुरू
कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सायं 3:05 बजे के करीब सभी बच्चों को आगामी काउंसलिंग और पूछताछ के लिए एनजीओ जिला युवा विकास संगठन के सुपुर्द कर दिया गया इसके साथ ही नियमानुसार नागरिक अस्पताल में सभी बच्चों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इन बच्चों को बिहार से कहां और किस मकसद से ले जाया जा रहा था और इस रैकेट के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
पूछताछ में बाल मजदूरी का खुलासा
प्राथमिक पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि बच्चे पंजाब में लुधियाना की एक ब्रेड कंपनी में काम करने जा रहे थे, वहीं कुछ बच्चों को अंबाला में खेतों में काम करने के लिए लाया गया था। वर्तमान में बच्चों से बातचीत कर उनके घरवालों का पता लगाया जा रहा है। डीडीआर और मेडिकल प्रक्रिया के बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति अंबाला की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने विचार-विमर्श के बाद बच्चों को देखभाल और संरक्षण के लिए चिल्ड्रन होम भेज दिया है। यहां बच्चों की काउंसलिंग की जाएगी।
विज्ञापन
प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर हुई कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों को कर्मभूमि एक्सप्रेस में बच्चों को तस्करी कर ले जाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी, जैसे ही दिन के 1 बजकर 37 मिनट पर ट्रेन अंबाला छावनी के प्लेटफॉर्म नंबर 06 पर आकर रुकी तो पहले से तैयार आरपीएफ प्रभारी रविंदर सिंह, एएसआई राजेश कुमार और एएचटीयू के उप-निरीक्षक नरेंद्र कुमार की टीमों ने जिला युवा विकास संगठन के समन्वयक अजय तिवारी व उनकी टीम के साथ मिलकर संयुक्त रूप से ट्रेन के अलग-अलग कोचों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। पूछताछ के बाद बच्चों को प्लेटफार्म पर उतारा गया।
विज्ञापन
बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं बच्चे
सघन चेकिंग के दौरान टीम ने संदिग्ध अवस्था में यात्रा कर रहे 11 बच्चों को अपने संरक्षण में लिया, इसमें पहली बार एक लड़की भी शामिल थी। रेस्क्यू किए गए बच्चों की उम्र 13 से 17 वर्ष के बीच है और ये सभी बिहार के मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, बेगूसराय, सुपौल और समस्तीपुर जिलों के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
मेडिकल परीक्षण के बाद काउंसलिंग शुरू
कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सायं 3:05 बजे के करीब सभी बच्चों को आगामी काउंसलिंग और पूछताछ के लिए एनजीओ जिला युवा विकास संगठन के सुपुर्द कर दिया गया इसके साथ ही नियमानुसार नागरिक अस्पताल में सभी बच्चों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इन बच्चों को बिहार से कहां और किस मकसद से ले जाया जा रहा था और इस रैकेट के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
पूछताछ में बाल मजदूरी का खुलासा
प्राथमिक पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि बच्चे पंजाब में लुधियाना की एक ब्रेड कंपनी में काम करने जा रहे थे, वहीं कुछ बच्चों को अंबाला में खेतों में काम करने के लिए लाया गया था। वर्तमान में बच्चों से बातचीत कर उनके घरवालों का पता लगाया जा रहा है। डीडीआर और मेडिकल प्रक्रिया के बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति अंबाला की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने विचार-विमर्श के बाद बच्चों को देखभाल और संरक्षण के लिए चिल्ड्रन होम भेज दिया है। यहां बच्चों की काउंसलिंग की जाएगी।