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Ambala News: रानी का तालाब मंदिर में गूंजेंगे जयकारे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2025 01:21 AM IST
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Cheers will reverberate in Rani Ka Talab Mandir
सेना के अधीन रानी का तालाब मंदिर में ​स्थित भगवान श्रीकृष्ण व राधा कीमूर्ति। संवाद - फोटो : chineni
अंबाला। कैंटोनमेंट बोर्ड के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक रानी का तालाब मंदिर में एक बार फिर भोले बाबा के जयकारे गूंजेंगे। महाशिवरात्रि को देखते हुए सेना ने मंदिर को सजाने व संवारने का काम शुरु कर दिया है।
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मंदिर को रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया जा रहा है। वहीं रोशनी के लिए भी लड़ियां लगाई जा रही हैं। वहीं पूरी मंदिर परिसर सहित तालाब की साफ-सफाई का काम भी पूरे जोरों-शोरों से चल रहा है। मंदिर के अंदर भोले बाबा का शिवलिंग विराजमान है। इसके ईद-गिर्द भी फूल व फूलों की सजावट की गई है। मंदिर आने वाले भक्तों में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। जबकि महाशिवरात्रि पर्व पर बुधवार को यहां खीर आदि का लंगर भी लगाया जाएगा। इसके अलावा भक्तों की ओर से प्रसाद वितरण किया जाएगा। मंदिर में सुरक्षा को लेकर भी पुलिस के साथ सेना के जवान तैनात रहेंगे।
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मंदिर का इतिहास 400 साल पुराना
रानी का तालाब, अंबाला कैंट में ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है। इसकी मूल उत्पत्ति लगभग 400 वर्ष पूर्व छछरौली के राजा रणजीत सिंह के शासनकाल में हुई थी। उस समय, यह क्षेत्र महाराजा पटियाला के प्रभुत्व में था। रानी का तालाब, राजा रणजीत सिंह की रानी के लिए एक राजसी नहाने का स्थान था। यहां से रानी प्रातः स्नान के बाद हर दिन शिव मंदिर में पूजा करने के लिए आती थीं। उस युग की ऐतिहासिक महत्वपूर्णता को शिव मंदिर, रानी का तालाब, और ग्यामी माता के मंदिर में संरक्षित किया गया है। 1999 से पहले, ऐतिहासिक मंदिर की देखभाल एक साधु महात्मा द्वारा की जाती थी। हालांकि 1999 के बाद मंदिर और इसके आस-पास के क्षेत्र भारतीय सेना के संरक्षण में आ गए। आज यह मंदिर 77 कवचित कर्मशाला के पास है, जोकि तोपखाना वाहिनी का हिस्सा है। यह तालाब अंबाला कैंट में ऐतिहासिक धरोहर की एक समृद्ध यादगार है।
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फोटो-15
मंदिर में भक्तों की आस्था का अंदाजा इस बात से लगाया जा रहा है कि लगातार 51 वर्षों से मंदिर आ रहा हूं।शिवरात्रि पर परिवार सहित मंदिर आकर आकर माथा टेकता हूं। इस मंदिर में जो सुकुन व शांति मिलती है, उसकी परिभाषा नहीं की जा सके। भोले बाबा के दर्शनमात्र से ही जीवन धन्य हो जाता है।
सुरेश कुमार डोला, भक्त।
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यह मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है। पिछले कुछ वर्षों से इस मंदिर की आस्था भक्तों में काफी बढ़ गई है। लोग अंबाला ही नहीं बल्कि हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल के अलग-अलग हिस्सों से यहां आते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। भोले बाबा सभी पर अपनी कृपा लगातार बरसा रहे हैं।

राधेश्याम मिश्रा, मुख्य पंडित रानी का तालाब।

सेना के अधीन रानी का तालाब मंदिर में स्थित भगवान श्रीकृष्ण व राधा कीमूर्ति। संवाद

सेना के अधीन रानी का तालाब मंदिर में स्थित भगवान श्रीकृष्ण व राधा कीमूर्ति। संवाद- फोटो : chineni

सेना के अधीन रानी का तालाब मंदिर में स्थित भगवान श्रीकृष्ण व राधा कीमूर्ति। संवाद

सेना के अधीन रानी का तालाब मंदिर में स्थित भगवान श्रीकृष्ण व राधा कीमूर्ति। संवाद- फोटो : chineni

सेना के अधीन रानी का तालाब मंदिर में स्थित भगवान श्रीकृष्ण व राधा कीमूर्ति। संवाद

सेना के अधीन रानी का तालाब मंदिर में स्थित भगवान श्रीकृष्ण व राधा कीमूर्ति। संवाद- फोटो : chineni

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