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Ambala News: आर्ट ऑफ लिविंग कार्यशाला के प्रतिभागियों को वितरित किए प्रमाणपत्र
Sat, 15 Nov 2025 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 15 Nov 2025 02:09 AM IST
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कुरुक्षेत्र। आर्ट ऑफ लिविंग कार्यशाला के प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित करने के दौरान कुलस
- फोटो : संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में बाल दिवस के उपलक्ष्य में द आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से फैकल्टी लॉन्ज में आर्ट ऑफ लिविंग कार्यशाला के प्रमाणपत्र वितरण समारोह का आयोजन किया। इसमें 120 से अधिक विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मजबूती, आत्म-जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना रहा।
मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने कहा कि विद्यार्थी तभी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं, जब उनका मन शांत, केंद्रित और सकारात्मक हो। आर्ट ऑफ लिविंग जैसी कार्यशालाएं केवल योग या ध्यान तक सीमित नहीं हैं बल्कि ये विद्यार्थियों को जीवन को समझने, तनाव का सामना करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की कला सिखाती हैं। आईआईएचएस की प्राचार्या प्रो. रीटा दलाल ने विद्यार्थियों को ध्यान और मेडिटेशन के अभ्यासों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की प्रेरणा दी। डॉ. मंजू नरवाल ने कार्यशाला की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। शुचिका बत्रा ने कार्यशाला की संरचना, पंजीकरण प्रक्रिया और विद्यार्थियों में आए सकारात्मक बदलावों जैसे आत्मविश्वास, मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक स्थिरता के बारे में बताया।
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मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने कहा कि विद्यार्थी तभी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं, जब उनका मन शांत, केंद्रित और सकारात्मक हो। आर्ट ऑफ लिविंग जैसी कार्यशालाएं केवल योग या ध्यान तक सीमित नहीं हैं बल्कि ये विद्यार्थियों को जीवन को समझने, तनाव का सामना करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की कला सिखाती हैं। आईआईएचएस की प्राचार्या प्रो. रीटा दलाल ने विद्यार्थियों को ध्यान और मेडिटेशन के अभ्यासों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की प्रेरणा दी। डॉ. मंजू नरवाल ने कार्यशाला की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। शुचिका बत्रा ने कार्यशाला की संरचना, पंजीकरण प्रक्रिया और विद्यार्थियों में आए सकारात्मक बदलावों जैसे आत्मविश्वास, मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक स्थिरता के बारे में बताया।
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