फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   ceint-in-any-in-saman

अब गेहूं के बदले दुकान से सामान ले रहे ग्रामीण

Tue, 15 Nov 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी Updated Tue, 15 Nov 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
बराड़ा। 500-1000 रुपये के नोटों के बंद होने व दुकानों पर पुरानी करेंसी न चलने को लेकर लोगों में अभी भी परेशानी बनी हुई है। दुकानदार पुरानी करेंसी से पूरी तरह से कन्नी काट कर रहे हैं। इसके चलते इन नोटों के प्रचलन में न होने के कारण लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों की चीजों को खरीदने में बड़ी मुश्किल पेश आ रही है।
विज्ञापन

इसी के चलते  लेकिन ग्रामीण इलाकों में ग्रामीणों ने इस समस्या का भी तोड़ ढूढ़ निकाला है। पांच सौ व हजार के नोटों के बंद होने के चलते ग्रामीण इलाकों में तो ग्रामीण किराने की दुकानों पर दैनिक उपयोग की वस्तुओं को खरीद कर उसका मूल्य पैसे के रूप में नहीं बल्कि गेहूं के रूप चुका रहे हैं। हालांकि यह प्रथा गांवों में काफी पुरानी है कि गांव की दुकानों पर से वस्तुओं की खरीद के बदले ग्रामीण उक्त वस्तु का मूल्य गेहूं के रूप में चुकाते हैं।
विज्ञापन

भले ही इस प्रकार की वस्तु विनिमय की प्रथा शहरों में न हो लेकिन गांवों में दुकान पर से मिलने वाली चीजों का मूल्य ग्रामीण आज भी गेहूं के बदले चुकाते हैं। हालांकि दुकानदारों को भी नोट बंद हो जाने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों की मानें तो वह भी आगे से उधार में ही माल लेकर आ रहे हैं लेकिन गांव में उन्हें सामान गेहूं के बदले में देना पड़ रहा है। दुकानदार इसको कुछ अलग नहीं मानते क्योंकि गांवों में उनके पास अधिकांश ग्राहक गेहूं के बदले ही सामान लेने को आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शहरों में बैंक रहे बंद, एटीएम खाली, लोग परेशान
अंबाला कैंट। नोटबंदी के चलते सोमवार को बैंक गुरुपर्व के चलते बंद रहे। इस वजह से लोग बहुत ज्यादा परेशान हो गए। क्योंकि अभी भी अंबाला में बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनकी न तो पुरानी करेंसी चेंज हुई है और न ही ही उनके पास अपने घर संचालन के लिए पर्याप्त रुपये हैं।
सोमवार को आलम यह रहा कि लोग रुपयों के लिए परेशान घूमते रहे, जबकि बाजार में भी दुकानदार अभी भी 2 हजार का नोट खोलने में हिचका रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 8 नवंबर को रात्रि 8 बजे से पीएम मोदी ने 500 व 1000 के पुरानी नोट बंद करने का ऐलान कर दिया था। उसके बाद से बैंकों को निर्देश दे कि वे निर्देशानुसार पुरानी करेंसी को बैंकों में बदले और लोगों को 2000 का नया नोट उपलब्ध करवाए।

9 से 13 नवंबर तक रोजाना बैंक शनिवार व रविवार अवकाश वाले दिन भी खुले रहे। लेकिन यहां भीड़ देखने लायक थी, परेशान लोग नए नोटों व पुरानी करेंसी बदलवाने के लिए भटकते रहे। लेकिन सोमवार को गुरुपर्व होने की वजह से लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी। क्योंकि बैंकों के एटीएम भी बंद रहे और लोगों को कहीं से भी कैश नहीं मिल पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed