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Ambala News: छह वर्ष बाद होगा कैंटोनमेंट बोर्ड का सांस्कृतिक उत्सव
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अंबाला। छह वर्ष बाद कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला की ओर से सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया जाएगा। पिछले वर्षों में इस उत्सव को तरंग, रंगमंच और गूंज का नाम दिया गया था हालांकि इस वर्ष उत्सव के नामकरण को लेकर विभागीय अधिकारी मंथन कर रहे हैं। जबकि नवंबर माह में होने वाले सांस्कृतिक उत्सव की तैयारियां अभी से ही बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों ने शुरु कर दी हैं।
सांस्कृतिक उत्सव अंबाला छावनी के रैना ऑडिटोरियम में किया जाएगा जोकि 22 व 23 नवंबर को आयोजित होगा। इस उत्सव में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए बोर्ड के 100 से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि बच्चों सहित अन्य पदाधिकारियों और प्रबंधन समिति सदस्यों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान मेडिकल और सुरक्षा का भी विशेष प्रबंध रहेगा।
12 कैंटोनमेंट बोर्ड लेंगे हिस्सा
पश्चिमी कमान के अधीन 12 कैंटोनमेंट बोर्ड इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनेंगे। इन बोर्ड के अधीन स्कूलों के 800 बच्चे सांस्कृतिक उत्सव में अपनी प्रतिभा का मंचन करेंगे। इसमें अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड के अलावा अमृतसर, बकलौह, डगशई, डलहौसी, दिल्ली, फिरोजपुर, जालंधर, जटोग, कसौली आदि के पदाधिकारी व स्कूल के बच्चे सहभागिता करेंगे।
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60 लाख होंगे खर्च
दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें बच्चों के रहने व खाने की व्यवस्था होगी। वहीं आने वाले बोर्ड अधिकारियों के लिए भी अलग से व्यवस्था की जाएगी। इस सांस्कृतिक उत्सव को मनाने का एक ही उद्देश्य है कि प्रतिभावान बच्चों को एक रंगमंच उपलब्ध करवाया जाए। इस उत्सव पर होने वाला खर्च सभी बोर्ड द्वारा साझे तौर पर किया जाएगा।
2018 में हुआ था उत्सव
कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा प्रत्येक दो वर्ष बाद सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन 2018 के बाद नहीं हो पाया क्योंकि कोरोना के कारण फिर इस सांस्कृतिक उत्सव की योजना ही तैयार नहीं हो पाई। इसलिए अब छह साल बाद वर्ष 2024 में इस सांस्कृतिक उत्सव को मनाने का फैसला किया गया।
कोरोना के कारण छह साल से सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन नहीं हो पाया था। पिछला आयोजन वर्ष 2018 में हुआ था। लेकिन इस वर्ष सांस्कृतिक उत्सव के आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसमें 12 कैंटोनमेंट बोर्ड के लगभग 800 बच्चे सहभागिता करेंगे और मंच के द्वारा अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
राहुल आनंद शर्मा, सीईओ, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।
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सांस्कृतिक उत्सव अंबाला छावनी के रैना ऑडिटोरियम में किया जाएगा जोकि 22 व 23 नवंबर को आयोजित होगा। इस उत्सव में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए बोर्ड के 100 से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि बच्चों सहित अन्य पदाधिकारियों और प्रबंधन समिति सदस्यों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान मेडिकल और सुरक्षा का भी विशेष प्रबंध रहेगा।
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12 कैंटोनमेंट बोर्ड लेंगे हिस्सा
पश्चिमी कमान के अधीन 12 कैंटोनमेंट बोर्ड इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनेंगे। इन बोर्ड के अधीन स्कूलों के 800 बच्चे सांस्कृतिक उत्सव में अपनी प्रतिभा का मंचन करेंगे। इसमें अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड के अलावा अमृतसर, बकलौह, डगशई, डलहौसी, दिल्ली, फिरोजपुर, जालंधर, जटोग, कसौली आदि के पदाधिकारी व स्कूल के बच्चे सहभागिता करेंगे।
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60 लाख होंगे खर्च
दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें बच्चों के रहने व खाने की व्यवस्था होगी। वहीं आने वाले बोर्ड अधिकारियों के लिए भी अलग से व्यवस्था की जाएगी। इस सांस्कृतिक उत्सव को मनाने का एक ही उद्देश्य है कि प्रतिभावान बच्चों को एक रंगमंच उपलब्ध करवाया जाए। इस उत्सव पर होने वाला खर्च सभी बोर्ड द्वारा साझे तौर पर किया जाएगा।
2018 में हुआ था उत्सव
कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा प्रत्येक दो वर्ष बाद सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन 2018 के बाद नहीं हो पाया क्योंकि कोरोना के कारण फिर इस सांस्कृतिक उत्सव की योजना ही तैयार नहीं हो पाई। इसलिए अब छह साल बाद वर्ष 2024 में इस सांस्कृतिक उत्सव को मनाने का फैसला किया गया।
कोरोना के कारण छह साल से सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन नहीं हो पाया था। पिछला आयोजन वर्ष 2018 में हुआ था। लेकिन इस वर्ष सांस्कृतिक उत्सव के आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसमें 12 कैंटोनमेंट बोर्ड के लगभग 800 बच्चे सहभागिता करेंगे और मंच के द्वारा अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
राहुल आनंद शर्मा, सीईओ, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।